उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में किसानों के अहम योगदान की तारीफ़ की. उन्होंने कहा कि एक लाख से ज़्यादा किसानों ने इस प्रोजेक्ट के लिए ज़मीन दी, जिससे यह समय पर पूरा हो पाया. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी.
सीएम योगी ने किसानों का जताया आभार
उद्घाटन समारोह से पहले एक सभा को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि 12 ज़िलों के एक लाख से ज़्यादा किसानों ने इस एक्सप्रेसवे के लिए ज़मीन दी. मैं उन सभी 'अन्नदाता' किसानों का शुक्रिया अदा करता हूं, जिनके सहयोग से यह प्रोजेक्ट हकीकत बन पाया.
हरदोई में एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 594 किलोमीटर लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया. यह एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है और 12 ज़िलों से होकर गुज़रता है. आदित्यनाथ ने बताया कि इस प्रोजेक्ट की नींव प्रधानमंत्री ने दिसंबर 2021 में रखी थी. उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे अब तय समय सीमा के भीतर पूरा हो गया है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है.
उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट न सिर्फ़ यातायात को आसान बनाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और रोज़गार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा. आदित्यनाथ ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे के लिए किसानों से लगभग 18,000 एकड़ ज़मीन ली गई थी. कॉरिडोर के किनारे औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिए लगभग 7,000 एकड़ ज़मीन अलग से रखी गई थी.
यूपी की अर्थव्यवस्था का रीढ़ साबित होगा एक्सप्रेसवे
एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा. साथ ही, कनेक्टिविटी, कृषि विपणन और क्षेत्रीय विकास को मज़बूत करके यह "विकसित भारत" के सपने को भी तेज़ी से आगे बढ़ाएगा. इस कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे.
अधिकारियों ने बताया कि 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे, जो उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है. राज्य के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच यात्रा के समय को काफ़ी कम करने की उम्मीद है. साथ ही यह सामान और सेवाओं की तेज़ आवाजाही को भी आसान बनाएगा.