यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सख्त प्रशासनिक फैसलों और माफिया के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं. लेकिन लखनऊ में आयोजित डी-3 त्रिवेणी कार्यक्रम में उनका एक अलग ही रूप देखने को मिला. मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री ने बच्चों के प्रति अपने लगाव का जिक्र किया तो सभागार में मौजूद लोग मुस्कुरा उठे.
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब भी वह किसी गांव, कस्बे या सार्वजनिक कार्यक्रम में जाते हैं तो वहां कई माताएं अपने छोटे बच्चों को लेकर खड़ी रहती हैं. उनका उद्देश्य बच्चों का अन्नप्राशन कराना होता है. योगी ने कहा कि उन्हें बच्चों का अन्नप्राशन कराना बेहद अच्छा लगता है. उन्होंने मुस्कुराते हुए एक दिलचस्प अनुभव साझा किया. मुख्यमंत्री ने कहा, कई बार ऐसा होता है कि बच्चा अपने माता-पिता, दादा या दादी की गोद में लगातार रो रहा होता है. लेकिन जैसे ही वह मेरी गोद में आता है, उसका रोना बंद हो जाता है और वह मुस्कुराने लगता है.
'बच्चे को लगता है कि वह सुरक्षित है'
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बच्चे बेहद निष्कपट होते हैं और उनकी भावनाएं भी पूरी तरह स्वाभाविक होती हैं. उन्होंने कहा कि जब कोई बच्चा उनकी गोद में आता है तो उसे सुरक्षा का एहसास होता है. योगी आदित्यनाथ ने कहा, बच्चे के मन में यह भाव आता है कि वह पूरी तरह सुरक्षित है. शायद यही कारण है कि वह रोना छोड़ देता है और सहज हो जाता है.
भावनाओं से सीधे कानून-व्यवस्था पर पहुंचे योगी
बच्चों की बात करते-करते मुख्यमंत्री अचानक प्रशासनिक व्यवस्था और अपराध के मुद्दे पर आ गए. उन्होंने कहा कि यदि उनसे पूछा जाए कि उनका सबसे प्रिय विषय क्या है तो उनका जवाब बिल्कुल स्पष्ट है. योगी ने कहा, माफिया का सफाया करना मेरा सबसे प्रिय विषय है. मुख्यमंत्री के इस बयान पर सभागार में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं.
जब डीजीपी लेकर पहुंचे माफिया कब्जे की फाइल
योगी आदित्यनाथ ने अपने कार्यकाल की एक घटना सुनाते हुए बताया कि एक बार उत्तर प्रदेश पुलिस के तत्कालीन डीजीपी उनसे मिलने पहुंचे. डीजीपी ने उन्हें जानकारी दी कि लखनऊ में पुलिस विभाग की एक महत्वपूर्ण जमीन पर माफिया का कब्जा है. वर्षों से उस जमीन पर अवैध कब्जा बना हुआ था और विभाग उसे खाली नहीं करा पा रहा था. मुख्यमंत्री ने बताया कि जैसे ही उन्होंने यह बात सुनी, उन्होंने तुरंत कहा, यह तो मेरा सबसे प्रिय विषय है.
एफआईआर हुई, अगले दिन पहुंच गया बुलडोजर
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. सबसे पहले संबंधित माफिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई. इसके बाद घटनाक्रम तेजी से आगे बढ़ा. योगी ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने के अगले ही दिन प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी. अवैध कब्जे को हटाने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी सक्रिय हो गई. कुछ ही समय में वह जमीन माफिया के कब्जे से मुक्त करा ली गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा साफ हो तो कानून का राज स्थापित करने में देर नहीं लगती.
जहां कब्जा था, वहां बना फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि जमीन खाली कराने के बाद सरकार ने उसे यूं ही नहीं छोड़ा. उन्होंने कहा कि उसी जमीन पर बाद में फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट का निर्माण कराया गया. मुख्यमंत्री के अनुसार यह सिर्फ अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई नहीं थी, बल्कि एक सकारात्मक बदलाव का उदाहरण भी था. जिस जमीन पर कभी माफिया का कब्जा था, वहां आज कानून व्यवस्था और वैज्ञानिक जांच से जुड़ा महत्वपूर्ण संस्थान खड़ा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अपराध और माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है. चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, यदि उसने सरकारी जमीन पर कब्जा किया है या कानून तोड़ा है तो कार्रवाई तय है. योगी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में अपराध के खिलाफ सख्त अभियान चलाया गया है और इसके सकारात्मक परिणाम भी दिखाई दिए हैं.