scorecardresearch
 

RPF और GRP ने बच्चा चोर गैंग को किया गिरफ्तार, चोरी का तरीका जानकर रह जाएंगे हैरान

चंदौली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से जीआरपी और आरपीएफ ने बच्चा चोरी करने वाले चार सदस्यीय गैंग को गिरफ्तार किया है. गैंग भीड़भाड़ वाले इलाकों से बच्चों को चुराकर बिहार में बेचता था. पुलिस ने दो साल का चोरी किया गया बच्चा बरामद कर मां को सौंप दिया. आरोपियों के पास से नए कपड़े, दूध की बोतल और नींद की गोलियां मिलीं हैं.

Advertisement
X
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.(Photo: Uday Gupta/ITG)
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.(Photo: Uday Gupta/ITG)

उत्तर प्रदेश के चंदौली में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से जीआरपी और आरपीएफ ने बच्चा चोरी करने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ किया है. यह गैंग रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में घूमता था और मौका मिलते ही बच्चों को चुरा लेता था. चोरी किए गए बच्चों को बिहार में किसी व्यक्ति को ऊंची कीमत पर बेच दिया जाता था.

पुलिस ने इस गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन पुरुष और एक महिला शामिल हैं. इनके पास से दो साल का एक चोरी किया गया बच्चा भी बरामद हुआ है. साथ ही बच्चों के नए कपड़े, दूध की बोतल और नींद की गोलियां भी मिली हैं.

यह भी पढ़ें: UP: चंदौली में 2.5 करोड़ का गांजा जब्त, 2 आरोपी गिरफ्तार

स्टेशन परिसर से हुआ था बच्चा चोरी

दरअसल, बुधवार की रात बिहार के रोहतास की रहने वाली पमिया देवी अपने बच्चों के साथ स्टेशन परिसर के बाहरी इलाके में सो रही थीं. भोर करीब 3 बजे उनका बच्चा चोरी हो गया. बच्चा गायब होने के बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी.

सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम सक्रिय हो गई और तलाश शुरू की. इसी दौरान गैंग के सदस्य पकड़े गए और उनके पास से बच्चा बरामद कर लिया गया. पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित उसकी मां को सौंप दिया.

Advertisement

नशीली गोली मिलाकर करते थे वारदात

प्रभारी निरीक्षक जीआरपी सुनील सिंह ने बताया कि यह गैंग भीड़भाड़ वाले इलाकों में अकेली सो रही महिलाओं को निशाना बनाता था. बच्चों को चुराने के बाद दूध में अल्प्राजोलम जैसी नशीली गोली मिलाकर पिला देते थे, ताकि बच्चा बेसुध हो जाए. महिला सदस्य बच्चे को लेकर निकल जाती थी, जिससे किसी को शक न हो.

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लड़कियों को नहीं, केवल लड़कों को चोरी करते थे. पहले बच्चे की तस्वीर आगे भेजी जाती थी, वहां से हरी झंडी मिलने पर उसे बेच दिया जाता था. नवजात बच्चों की कीमत ज्यादा मिलती थी. फिलहाल सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और जिस व्यक्ति को बच्चे सप्लाई किए जाते थे, उसकी तलाश जारी है.

---- समाप्त ----

Advertisement
Advertisement