उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का रास्ता रोक कर चर्चा में आए बीजेपी बृजभूषण राजपूत एक फिर सुर्खियों में हैं. बीजेपी विधायक ने 38 दिन के बाद दोबारा से अपने विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन का रियलिटी चेक करने उतरे. बृजभूषण राजपूत ने गांव-गांव घूमकर मोर्चा खोल दिया है और मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की सियासी टेंशन बढ़ाना शुरू कर दिया है.
जल जीवन मिशन के तहत कराए गए कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए बीजेपी चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपने क्षेत्र के कई गांव का निरीक्षण किया. विधायक ने खासकर उन गांव का जायजा लिया, जिन्हें 'पूर्ण संतृप्त' घोषित किया गया है. इस दौरान विधायक को गांव की सड़कें टूटी मिलीं, घरों के बाहर पाइप पड़े हैं और नलों पर टोंटियां तक नहीं लगी.
बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने जल जीवन मिशन के तहत कराए कार्यों की पोल खुलकर रख दिया. विधायक ने कहा कि कार्य में लापरवाही करने वालों को ब्लैक लिस्टेड किया जाए. उन्होंने जल जीवन मिशन की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एसआईटी जांच कराने की मांग उठाई. इस तरह मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के खिलाफ फ्रंटफुट पर बृजभूषण राजपूत उतरकर सियासी बैटिंग शुरू कर दी है.
स्वतंत्र देव के खिलाफ फ्रंटफुट पर बृजभूषण
चरखारी से बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने 30 जनवरी को पानी की समस्या को लेकर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव का काफिला रोक लिया था. इसे लेकर दौरान उनके साथ करीब 100 ग्राम प्रधान भी थे. खोदी गईं सड़कें दुरुस्त न होने और अधिकांश गांवों में पानी न पहुंचने की समस्या को लेकर मंत्री से बीजेपी विधायक की कहासुनी हुई थी. इसके बाद स्वतंत्र देव सिंह ने जल जीवन मिशन से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक कर 30 दिन में समस्या को दूर करने के दिए थे.
स्वतंत्र देव सिंह के वादे के 38 दिन बाद बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने मंगलवार को दोपहर 3 बजे चरखारी विधानसभा के कई गांवों का निरीक्षण किया. वे सबसे पहले नरेड़ी गांव पहुंचे। यहां करीब 1 घंटे तक रियलिटी चेक कर लोगों से जानकारी ली तो कई गांवों में सालों से उखड़ी सड़क ज्यों की त्यों मिलीं. उन्होंने कहा कि मंत्री ने एक महीने का समय मांगा था, लेकिन 38 दिन बाद जब जमीनी हकीकत का जायजा ले रहे हैं, समस्या वैसी ही बनी हुई हैं.
बीजेपी विधायक गांव-गांव कर रहे निरीक्षण
बीजेपी विधायक ने नरेड़ी दांव में देखा कि पाइप बिखरे पड़े हैं और नलों में टोटियां तक नहीं लगी. उन्होंने कहा कि गांवों में पानी का कनेक्शन अभी तक नहीं पहुंचा. महिलाएं आज भी मीलों दूर से सिर पर मटका रखकर पानी लाने को मजबूर हैं. उन्होंने एक महिला के कलश से पानी भी पीया. इसके बाद शाम 4 बजे विधायक सालट गांव पहुंचे, यहां एक महिला सिर और हाथ में पानी से भरा कलश लेकर जा रही थी.
बृजभूषण राजपूत ने महिला को रोककर नाम पूछा और फिर पूछा कि पानी कहां से लेकर आ रही हो. इसके जवाब में महिला ने घर पर पानी नहीं आता है और 500 मीटर दूर से पानी भरकर ला रही है. इसके बाद महिला ने विधायक को पानी पीने के लिए कहा. इतना ही नहीं विधायक को निरीक्षण में कई घरों के बाहर पाइप तो पड़े मिले और नलों में टोटी तक नहीं लगी थी. इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि योजना शुरू हुए चार साल बीत गए, लेकिन आज तक घरों में पानी नहीं पहुंचा. इसके चलते पीने के लिए दूर से पानी भरकर लाना पड़ता है.
स्वतंत्र देव की सियासी टेंशन क्या बढ़ा दी?
बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत खुलकर खेल रहे हैं और अपनी ही सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की सियासी टेंशन बढ़ा दी है. विधानसभा चुनाव में एक साल का वक्त बाकी है, विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं, लेकिन अब तक सत्तापक्ष के विधायकों के निशाने पर मंत्री आ गए. ऐसे में सरकार को घेरने का मौका विपक्ष को मिल गया है.
बृजभूषण राजपूत जिस तरह से मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को लेकर आक्रामक तेवर अपना रखा है और 38 दिन के बाद दोबारा से विकास कार्यों की जमीनी हकीकत को लोगों के सामने रखा है, उससे साफ मंत्री सवालों के घेरे में है. बृजभूषण भी बाखूबी समझते हैं कि अगर समय रहते अपने क्षेत्र की समस्या का समाधान नहीं कर सके तो फिर उनकी सियासी नैया भी पार नहीं लग सकेगी. यही वजह है कि लगातार मोर्चा खोल रखा है.