उत्तर प्रदेश के बलिया में रेवती बस स्टैंड स्थित मझौवा मठ और लक्ष्मी नारायण मंदिर को नया महंत मिल गया है. रविवार को वैदिक रीति-रिवाजों के साथ 11 वर्षीय शास्वत शौर्य तिवारी का महंत के रूप में अभिषेक किया गया. महंत बनने के बाद उनका नया नाम श्याम नारायण रामानुज वैष्णव दास रखा गया. समारोह में संत-महात्माओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. अब वे गुरुजनों के मार्गदर्शन में धार्मिक शिक्षा प्राप्त करते हुए मठ की आध्यात्मिक परंपरा को आगे बढ़ाएंगे.
जानकारी के अनुसार शास्वत को बटुकों द्वारा मंत्रोच्चार किया गया. जहां रामभद्राचार्य उर्फ बालक दास ने अभिषेक कराया. इसके साथ ही शास्वत शौर्य ने महंत की गद्दी संभाल लिया. महंत बनने के बाद संतों ने शास्वत का नाम श्याम नारायण रामानुज वैष्णव दास रखा. पहले शास्वत शौर्य का यज्ञोपवित संस्कार हुआ. इस दौरान बालक दास उर्फ राममभद्राचार्य ने गुरू दीक्षा दी.
गद्दी मिली, लेकिन अभी गुरुओं के सानिध्य में करेंगे शिक्षा ग्रहण
11 साल के महंत श्याम नारायण दास के गुरु बालक दास ने बताया कि महंत की गद्दी दी गयी है. लेकिन बालक (उम्र कम है ) होने की वजह से अभी ये गुरु के सान्निध्य में शिक्षा ग्रहण करेंगे. इस बीच संरक्षकों द्वारा मठ का संचालन किया जाएगा. बीते 25 जून 2025 को महंत मकसुदना चार्य के निधन के बाद उक्त पद रिक्त चल रहा था.
11 वर्षीय श्याम नारायण रामानुज वैष्णव दास के महंत बनने पर लोगों को आशीर्वाद लेते हुए देखा गया. अभिषेक के दौरान का दृश्य देखने लायक था. घर के वीडियो कॉलिंग पर महंत नहाते समय हंसते नजर आ रहे थे. हालांकि महंत अभी बालक हैं, ऐसे में गुरुओं की देखरेख में रहेंगे.