उत्तर प्रदेश के बदायूं के एक साधारण किसान के साथ करोड़ों रुपए के टैक्स की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
वजीरगंज थाना इलाके के गांव खुर्रमपुर भमोरी मझरा जुल्हैपुरा निवासी 12 बीघा जमीन के स्वामी किसान भोला सिंह अपनी जमीन पर खेती कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं. अब आयकर और जीएसटी विभाग के 14 करोड़ 65 लाख के की देनदारी के टैक्स नोटिस को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं. खास बात तो यह है कि यह टैक्स उस व्यापार के लिए है जो उन्होंने कभी किया ही नहीं है और इसके बारे में उन्हें कुछ पता भी नहीं है.
किसान भोले सिंह ने बताया है कि 29 मार्च को आयकर विभाग बदायूं से एक नोटिस उन के पास पहुंचा, जिसमें उनसे 1 करोड़ 2 लाख 55 हजार 285 रुपये जमा करने को कहा गया.
दिल्ली में चल रही फर्म
नोटिस देखकर किसान भोले सिंह हतप्रभ रह गए. जब उन्होंने विभागीय कर्मचारियों से इस बारे में पूछा तो बताया गया कि उनके नाम से दिल्ली के नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया फेस-1, लोहामंडी ओवरब्रिज के पास “राम स्टोर” नाम से एक फर्म संचालित हो रही है, जिसका 1.02 करोड़ का आयकर बकाया है.
यह सुनकर किसान भोला सिंह के होश उड़ गए. उसने साफ कहा कि वह कभी दिल्ली नहीं गया और न ही उसने किसी प्रकार की कोई फर्म या व्यापार शुरू किया है.
इसके बावजूद उसे भारी-भरकम टैक्स का नोटिस थमा दिया गया. किसान भोले सिंह अपना शिकायत की प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी बदायूं को दियाl जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को जांच और समाधान के निर्देश दिए.
इसी दौरान किसान भोले सिंह को GST का एक और नोटिस भेज दिया गया, जिसमें उसपर 13 करोड़ 63 लाख 53 हजार 289 रुपये की जीएसटी देनदारी बताई गई.
जीएसटी अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच में पाया कि जिस फर्म के नाम पर यह टैक्स बकाया है, उसमें किसान भोले सिंह का आधार और पैन नंबर लगा हुआ है. इससे साफ है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी फर्म खड़ी कर दी और करोड़ों का लेन-देन किया. देखें VIDEO:-
अधिकारियों ने किसान को सलाह दी कि वह साइबर क्राइम थाना या नजदीकी पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज कराए. लेकिन पीड़ित किसान जब वजीरगंज थाना और साइबर थाना पहुंचा तो वहां उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई, जिससे उसकी परेशानियां और बढ़ गईं.
DM का बयान
बदायूं के जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया कि साधारण किसान को 14.2 करोड़ का आयकर और GST का नोटिस मिला है. किसान ने प्रार्थना पत्र देकर उनको नोटिस की जानकारी दी है.
मामले की जांच के लिए एडीएम वित्त व डिप्टी कमिशनर जीएसटी की दो सदस्यीय टीम बनाई गई है. धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला प्रतीत हो रहा है. मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
'जमीन बेचकर भी नहीं चुका सकता'
किसान भोले सिंह का कहना है कि वह अपनी पूरी जमीन-जायदाद बेचकर भी इतनी बड़ी रकम नहीं चुका सकता. उसने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उसे न्याय दिलाया जाए.