अयोध्या में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी एसआईटी ने शुक्रवार को जांच का दायरा और बढ़ा दिया. जांच के तहत दानदाताओं, भूमि खरीद से जुड़े लोगों, प्रॉपर्टी डीलरों, बैंक कर्मियों और सुरक्षा कर्मियों समेत कुल 33 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया. सभी से करीब तीन घंटे तक अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ की गई. सूत्रों के अनुसार एसआईटी ने ट्रस्ट की तरफ से की गई भूमि खरीद से जुड़े दस्तावेजों की भी गहन पड़ताल शुरू कर दी है.
पूछताछ के दौरान ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीन, मकान, भुगतान प्रक्रिया और उससे जुड़े अभिलेखों के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई गई. जांच टीम यह भी समझने का प्रयास कर रही है कि भूमि खरीद की पूरी प्रक्रिया किस तरह पूरी की गई थी. जांच के दौरान कुछ प्रॉपर्टी डीलरों से भी पूछताछ की गई. इसके अलावा टिन्नू यादव के दो भांजों को भी एसआईटी के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया. दोनों प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं. जांच एजेंसी ने उनसे भी जमीन से जुड़े लेनदेन और अन्य पहलुओं पर जानकारी ली.
अयोध्या चढ़ावा जांच में बड़ा मोड़
एसआईटी ने दान में मिले आभूषणों को गलाने की पूरी प्रक्रिया को भी विस्तार से समझा. जांच टीम ने इस प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई ताकि रिकॉर्ड और वास्तविक प्रक्रिया का मिलान किया जा सके. मामले में कुछ सुरक्षा कर्मियों से भी पूछताछ की गई. इसके अलावा बैंक कर्मियों से भी जानकारी लेकर भुगतान और वित्तीय प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों को समझने का प्रयास किया गया. एसआईटी सभी तथ्यों को आपस में जोड़कर पूरे मामले की कड़ियां तलाश रही है.
ट्रस्ट की जमीन खरीद भी जांच के घेरे में
बता दें, 6 जून को चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद 13 जून को इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था. जांच के शुरुआती चरण पूरे करने के बाद एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी थी. अब जांच के अगले चरण में जमीन खरीद, भुगतान प्रक्रिया, दान में मिले आभूषणों और अन्य संबंधित दस्तावेजों की विस्तार से जांच की जा रही है. फिलहाल एसआईटी पूरे मामले के हर पहलू की पड़ताल में जुटी हुई है.