सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने वाली रीलों की होड़ में लोग अक्सर कानून की सीमाएं पार कर जाते हैं. बिहार के मुजफ्फरपुर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां बंदूक के साथ रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करना एक युवक को भारी पड़ गया.
दरअसल, वायरल वीडियो में एक युवक हाथ में बंदूक लेकर 'सोना बेच, लोहा खरीद' जैसे डायलॉग बोलता दिखाई दे रहा था. वीडियो में उसका अंदाज ऐसा था, जिससे लोगों में डर और दहशत का माहौल बन सकता था. यही वजह रही कि वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया.
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जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वीडियो मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र का है. इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और आरोपी की तलाश में विशेष टीम का गठन किया गया.
वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने दर्ज किया केस
पुलिस के मुताबिक, 1 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो की जांच शुरू की गई. तकनीकी और स्थानीय स्तर पर की गई पड़ताल में वीडियो का संबंध सकरा थाना क्षेत्र से सामने आया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए सकरा थाना में कांड संख्या 399/26 दर्ज किया गया. इसके बाद पुलिस टीम ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी शुरू की और आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी.
आखिरकार पुलिस ने आरोपी विवेक सिंह राजपूत को पटना से गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से वीडियो में दिखाई गई एक दोनाली बंदूक और घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया गया.
गार्ड की नौकरी के दौरान बनाई थी रील
ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई कि युवक हथियार का प्रदर्शन कर लोगों में भय और दहशत फैलाने की कोशिश कर रहा था. सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने का मकसद लोगों का ध्यान आकर्षित करना था.
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह समस्तीपुर के एक लाइसेंसी हथियारधारी व्यक्ति के यहां गार्ड के रूप में काम करता है. इसी दौरान उसे लाइसेंसी बंदूक तक पहुंच मिली थी.
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने उसी लाइसेंसी बंदूक के साथ वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर दिया. वीडियो वायरल होते ही मामला पुलिस तक पहुंच गया.
'कॉमेडी कंटेंट' का दावा भी नहीं बचा सका
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी से पहले आरोपी ने एक और वीडियो जारी किया था. इस वीडियो में उसने दावा किया कि उसने यह रील केवल मनोरंजन और कॉमेडी कंटेंट के उद्देश्य से बनाई थी.
हालांकि, पुलिस ने उसके इस तर्क को स्वीकार नहीं किया. अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक रूप से हथियारों का प्रदर्शन और उससे जुड़े वीडियो समाज में गलत संदेश देते हैं तथा कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं.
इसी आधार पर पुलिस ने हथियार को जब्त कर लिया और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
पुलिस की अपील- लाइक्स और व्यूज के लिए कानून न तोड़ें
मुजफ्फरपुर पुलिस ने इस मामले के बाद आम लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स से विशेष अपील की है. पुलिस का कहना है कि लाइक्स, फॉलोअर्स और व्यूज के लिए हथियारों का प्रदर्शन करना या कानून का उल्लंघन करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है.
पुलिस ने साफ किया है कि साइबर सेल और सोशल मीडिया सेल लगातार इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर नजर बनाए हुए हैं. ऐसे वीडियो और पोस्ट पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, दहशत फैलाने या कानून व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.