scorecardresearch
 

'जेल भी जाएंगे चंपत राय और अनिल मिश्रा...', PMO को चिट्ठी लिखने वाले रजनीश बोले

राम मंदिर से चढ़ावा चोरी मामले में पत्र लिखकर प्रधानमंत्री मोदी को शिकायत करने वाले बीजेपी नेता डॉ रजनीश सिंह ने कहा है चंपत राय और अनिल मिश्रा की संपत्तियों की जांच होनी चाहिए. ये दोनों जेल जाएंगे. डॉ रजनीश का ये बयान दोनों के इस्तीफे के बाद आया है.

Advertisement
X
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया है. (Photo: ITG)
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया है. (Photo: ITG)

राम मंदिर से चढ़ावा चोरी के मामले में आज कई घटनाक्रम हुए हैं. गुरुवार को इस मामले में FIR दर्ज होने के बाद शुक्रवार को राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है. लेकिन इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर जांच की मांग करने वाले बीजेपी नेता डॉ. रजनीश सिंह ने कहा कि वह केवल इस्तीफे से संतुष्ट नहीं हैं और मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की मांग की. 

डॉ रजनीश ने कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा जेल जाएंगे. आजतक से बातचीत में डॉ रजनीश ने कहा कि दोनों के खिलाफ आगे जांच होनी चाहिए और उनकी संपत्तियों की भी जांच कराई जानी चाहिए. बता दें कि ये उनके व्यक्तिगत आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. 

उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री और SIT की कार्रवाई पर भरोसा है तथा जांच पूरी होने के बाद और कदम उठा सकते हैं. 

रजनीश सिंह ने कहा कि वे इस्तीफे से संतुष्ट नहीं हैं, क्योंकि इन्होंने इस्तीफा देने में बहुत देर कर दी है, इस्तीफा तो उन्हें उस दिन ही दे देना चाहिए था जिस दिन उनपर आरोप लगे थे.

रजनीश सिंह ने कहा कि ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा की संपत्ति लगातार बढ़ रही थी और ये अयोध्या वासियों को लगातार दिख रही थी. इन्होंने इस्तीफा देने में देर किया है और दबाव में इस्तीफा दिया है, नैतिकतावश इस्तीफा नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा दोनों ही जेल जाएंगे. अनिल मिश्रा के खिलाफ साक्ष्य की आवश्यकता नहीं है, उनका घर देख लीजिए, तिमंजिला मकान है, लिफ्ट लगी है, कहां से पैसा आ रहा है, लड़का विदेश में पढ़ रहा है. इनकी संपत्ति की जांच होनी चाहिए. SIT के समक्ष मजबूत साक्ष्य आया होगा, तभी इन्होंने इस्तीफा दिया है. इनकी संपत्ति की जांच होगी और ये लोग जेल जाएंगे. 

Advertisement

FIR में चंपत राय का नाम नहीं है

ट्रस्ट के बड़े अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की राजनीतिक मांगों के बावजूद जनरल सेक्रेटरी चंपत राय का नाम FIR में आरोपी के तौर पर शामिल नहीं है. हालांकि कथित वित्तीय गड़बड़ियों की जांच अभी भी चल रही है, लेकिन पहले आई रिपोर्टों में कहा गया था कि SIT की शुरुआती जांच में राय के ख़िलाफ़ आपराधिक कार्रवाई का कोई संकेत नहीं मिला है. अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान मिली जानकारी से ही आगे की कार्रवाई तय होगी.

अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी की जांच ने तब तेज़ी पकड़ी जब FIR में नामज़द सभी आठ आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया. गिरफ़्तार लोगों में राम मंदिर ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय के ड्राइवर और करीबी सहयोगी, रमाशंकर यादव उर्फ़ टिन्नू भी शामिल है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement