scorecardresearch
 

अलीगढ़ में कांग्रेस की बैठक बनी अखाड़ा... प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले आपस में ही भिड़े नेता और कार्यकर्ता; चले लात-घूंसे और चप्पलें

कुछ कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाहरी लोगों ने घुसपैठ की है. इस आरोप के चलते बहस इतनी बढ़ गई कि हाथापाई और लात-घुसों तक मामला पहुंच गया. मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

Advertisement
X
कांग्रेस बैठक से एक शख्स को पीटकर बाहर निकाला.(PhotoScreengrab)
कांग्रेस बैठक से एक शख्स को पीटकर बाहर निकाला.(PhotoScreengrab)

अलीगढ़ में कांग्रेस पार्टी की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा हो गया. मीडिया को संबोधित करने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी तौकीर आलम के भाषण से पहले ही माहौल गरम हो गया.

दरअसल, कांग्रेस ने आगामी चुनावों की रणनीति तैयार करने और जिला संगठन के कामकाज की समीक्षा के लिए यह बैठक बुलाई थी. बैठक के तुरंत बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी आयोजन किया गया था. प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से ठीक पहले स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता शाहिद गुड्‌डू ने तीखे लहजे में आरोप लगाया कि इस अति-संवेदनशील बैठक में कुछ बाहरी लोगों ने घुसपैठ की है और वे भीतर बैठे हैं.

बैठक में मौजूद कांग्रेस के नोएडा प्रभारी आलोक गौड़ ने इस आरोप का पुरजोर विरोध किया. देखते ही देखते आलोक गौड़ और शाहिद गुड्डू के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई. बात इतनी बढ़ी कि दोनों पक्षों के समर्थक कार्यकर्ता भी आमने-सामने आ गए और कार्यालय परिसर जंग के मैदान में तब्दील हो गया.

चप्पलों से पीटा, फिर बताया RSS का कार्यकर्ता
विवाद के उग्र होते ही दोनों गुटों में जमकर लात-घूंसे चलने लगे. इसी बीच तैश में आए शाहिद गुड्डू ने एक युवक को चप्पलों से पीटना शुरू कर दिया. कार्यालय के भीतर मचे इस गदर के बाद वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बीच-बीच बचाव किया.

Advertisement

माहौल को संभालने के लिए पार्टी के सीनियर नेताओं ने उस पिट रहे युवक को धक्का देकर कार्यालय से बाहर निकाला और मीडिया के सामने दावा किया कि वह व्यक्ति पार्टी का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का कार्यकर्ता था, जो माहौल खराब करने के लिए अंदर घुसा था. देखें VIDEO:- 

हंगामे के बाद बोले तौकीर आलम का बयान
इस हंगामे और हाई-वोल्टेज ड्रामे के शांत होने के बाद यूपी प्रभारी तौकीर आलम ने मीडिया को संबोधित किया. हालांकि, उन्होंने अंदरूनी कलह पर सीधे तौर पर कुछ कहने के बजाय केंद्र सरकार की नीतियों और हालिया पेपर लीक मामलों पर तीखा हमला बोला.

यह घटना न सिर्फ कांग्रेस के अंदरूनी विवाद को उजागर करती है बल्कि पार्टी के सामने एक चुनौती भी पेश करती है कि वे कैसे एकजुट होकर अपने संदेश को साफ और प्रभावी ढंग से मीडिया तक पहुंचाएंगे.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement