उत्तर प्रदेश के आगरा में रेणुका धाम कॉलोनी में रहने वाले पतियों का दहशत के मारे बुरा हाल है. हालात यहां तक गंभीर हो गए हैं की पतियों ने शराब पीना तक छोड़ दिया है. कई पति ऐसे भी हैं जो दिन में घर पर रहते हैं और रात में कम पर जाने लगे हैं. शराब पीने की बात कई पति धड़ल्ले से कैमरे के सामने भी कह रहे हैं लेकिन शराब छोड़ने का कारण दबी जुबान से बता रहे हैं.
45 दिनों तक खोजती रही पुलिस
रेणुका धाम कॉलोनी में रूबी नाम की महिला ने अपने पति की हत्या कर दी थी. हत्या के बाद पति के शव को रूबी ने बाथरूम में खुद ही गाड़ दिया था और उसे पर मिस्त्री से सीमेंट का प्लास्टर करा दिया था.रूबी ने आगरा के सिकंदरा थाने में अपने पति की गुमशुदगी की जानकारी दे दी थी. डेढ़ महीने तक पुलिस और परिवार के लोग रूबी के पति यानी मृतक सुरेंद्र शर्मा को खोजते रहे और रूबी उसकी बाथरूम में गड़ी लाश पर नहाती रही.
टेंशन में कॉलोनी के पति
सुरेंद्र शर्मा के शव के बारे में रूबी ने शुक्रवार के दिन अपने जेठ अनिल शर्मा को जानकारी दी थी जिसके बाद अनिल शर्मा के पैरों के नीचे की जमीन खिसक गई थी. अनिल शर्मा ने पुलिस को जानकारी दी तो पुलिस ने बाथरूम के फर्श की खुदाई की और मृतक सुरेंद्र शर्मा का शव बरामद किया. यह घटना जंगल में आग की तरह चारों तरफ फैल गई और इसका अजब गजब असर रेणुका धाम कॉलोनी और उसके आसपास रहने वाले पतियों पर बहुत गहरे तक पड़ गया है. कॉलोनी में रहने वाले पति अपनी पत्नियों को लेकर दहशत में आ गए हैं.
'किसी दिन मेरे साथ भी हो सकता है'
दहशत में आने वाले ज्यादातर वह पति हैं जो शराब के नशे के आदी हो गए थे. रेणुका धाम कॉलोनी में रहने वाले नाहर सिंह ने यूपी तक के कैमरे के सामने बताया कि जिस दिन से यह हादसा हुआ है मैंने पीनी छोड़ दी है. क्योंकि यह हादसा उसके साथ में हुआ है तो किसी दिन मेरे साथ भी हो सकता है. नाहर ने बताया कि दारु पीने के बाद झगड़ा तो हो ही जाता है इसलिए घटना हो सकती है किसी भी दिन.
महेश दिवाकर का कहना है कि पहले भैया बुला लेते थे और दो-दो पैग पीते थे. इस घटना का इतना असर पड़ा है कि पीनी ही बंद कर दी है. महेश ने कहा कि डर की वजह से बंद की है किसी और को परेशानी हो जाए या अपने को भी परेशानी हो सकती है. महेश ने बताया कि यहां कितने लोग हैं लेकिन कोई नहीं दिखता है पीने वाला, सबने बंद कर दी है खाना खा रहे हैं और तंबाकू, मसाला खा रहे हैं लेकिन कोई शराब नहीं पी रहा है यहां पर.
'रूबी बहुत सीधी थी, ऐसा सब कर दिया'
अपनी कॉलोनी कि आबो हवा बयान करते हुए कोमल दिवाकर ने बताया कि रेणुका धाम कॉलोनी में पुरुषों में ऐसा असर हो गया है कि कल इसका नंबर था तो आज हमारा नंबर भी आ सकता है. इसलिए रेणुका धाम वाले दिन में तो घर में रहते हैं और रात में जो गाड़ी घोड़ा चलाते हैं वे बाहर रहते हैं. कोमल ने बताया कि रूबी बहुत सीधी थी लेकिन उसने ऐसा कांड कर दिया तो लेडीज से भरोसा से हट गया है.
रेणुका धाम कॉलोनी में एक ऐसा शख्स भी है जिसने बताया कि जिस दिन से यह कांड हुआ है मेरी पत्नी सुधर गई है. पहले वह पैसे नहीं देती थी लेकिन अब ₹200 रोज देती है गुटखा खाने के लिए और शराब पीने के लिए. वह सिर्फ इतना कहती है कि तुम जिंदा बने रहना. मैं चांदी का काम करता हूं और मेरा काम बंद हो गया है. पति हत्याकांड का बहुत गहरे तक असर रेणुका धाम कॉलोनी और आसपास के रहने वालों के बीच देखा जा रहा है. लेकिन दहशत के कारण शराब छोड़ने की कहानी कब तक चलेगी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है.