Uttar Pradesh News: गोंडा जिले के नॉलेज बीम एकेडमी में स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वीडियो में स्कूली छात्राएं बुर्का पहनकर डांस करती नजर आईं. वीडियो सामने आते ही बेसिक शिक्षा विभाग के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारी को मौके पर जांच के लिए भेजा. 16 अगस्त को हुई जांच में स्कूल बिना मान्यता के चलता पाया गया. इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बीईओ ने स्कूल को सील कर दिया और वहां पढ़ रहे बच्चों को नजदीकी सरकारी स्कूलों में समायोजित करने के निर्देश जारी किए.
प्रबंधक ने मांगी माफी, कहा- सभी छात्राएं हिंदू थीं
वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ता देख स्कूल प्रबंधक रामकृष्ण मौर्या ने अपना वीडियो जारी कर क्षमा मांगी. प्रबंधक ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मनोरंजन था, किसी समुदाय को ठेस पहुंचाना नहीं था. उन्होंने स्पष्ट किया कि बुर्का पहनकर डांस करने वाली सभी लड़कियां हिंदू थीं. अपनी गलती स्वीकारते हुए प्रबंधक ने भविष्य में ऐसी भूल न होने का वादा किया और बार-बार माफी मांगी.
जांच में खुली गैर-मान्यता प्राप्त स्कूल की पोल
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से खंड शिक्षा अधिकारी ने छपिया विकास खंड के औसानी गांव स्थित नॉलेज बीम एकेडमी का निरीक्षण किया. जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि स्कूल के पास कोई वैध मान्यता नहीं है और यह गैर-मान्यता प्राप्त तरीके से संचालित हो रहा था. इस बड़ी लापरवाही और गैर-कानूनी संचालन को देखते हुए अधिकारियों ने स्कूल में तुरंत ताला लगाकर उसे सील कर दियास्कूल
बच्चों को नजदीकी स्कूलों में किया जाएगा दाखिला
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि बिना मान्यता स्कूल चलाना सबसे बड़ा विषय सामने आया है. उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही बीईओ को आदेश दिया गया है कि वहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का दाखिला तुरंत नजदीकी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कराया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो.