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War Update: युद्ध से यूपी के 6 हजार परिवारों की बढ़ीं धड़कनें, अलर्ट मोड में योगी सरकार

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इजराइल में कार्यरत उत्तर प्रदेश के 6,000 से अधिक लोग सुरक्षित हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24x7 हेल्पलाइन जारी कर तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास से समन्वय बढ़ाया है. परिवारों से लगातार संपर्क किया जा रहा है. वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद यूपी में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

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इजरायल ने दावा किया है कि उसने हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमला किया है. (File Photo: Reuters)
इजरायल ने दावा किया है कि उसने हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमला किया है. (File Photo: Reuters)

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इजराइल में काम कर रहे उत्तर प्रदेश के छह हजार से ज्यादा लोगों को लेकर उनके परिवारों की धड़कनें तेज हैं. हालांकि राहत की बात यह है कि योगी सरकार के मुताबिक इजराइल में कार्यरत यूपी के सभी लोग फिलहाल सुरक्षित हैं और स्थिति नियंत्रण में है. सरकार ने साफ किया है कि सभी की कुशलक्षेम पर लगातार नजर रखी जा रही है और वहां भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं. 

सतर्क मोड में योगी सरकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालात को देखते हुए उच्चस्तरीय समीक्षा की है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इजराइल में रह रहे हर श्रमिक का डेटा अपडेट रखा जाए और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाए. राज्य सरकार ने 24x7 हेल्पलाइन जारी की है, ताकि परिजन सीधे संपर्क कर सकें और आधिकारिक जानकारी पा सकें. अधिकारियों के अनुसार, श्रमिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने, स्थानीय प्रशासन और भारतीय दूतावास के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है. तेल अवीव में भारत के राजदूत संजीव सिंगला के साथ निरंतर संपर्क बना हुआ है और पल-पल की स्थिति पर अपडेट लिया जा रहा है.

2024 में हुआ था सेलेक्शन 

इजराइल में काम कर रहे सभी श्रमिक वर्ष 2024 में भारत सरकार के सहयोग से चयनित होकर वहां पहुंचे थे. चयन प्रक्रिया राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और इजराइल की जनसंख्या एवं आव्रजन प्राधिकरण (PIBA) के माध्यम से हुई थी. निर्माण क्षेत्र में कुशल श्रमिकों की मांग को देखते हुए इन्हें विभिन्न परियोजनाओं में तैनात किया गया था. सरकार का कहना है कि जिन परियोजनाओं पर ये श्रमिक कार्यरत हैं, वहां सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. कई जगहों पर बंकर और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराए गए हैं. इजराइली प्रशासन की ओर से भी विदेशी श्रमिकों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है.

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परिवारों से सीधा संवाद

प्रदेश सरकार ने हर जिले के प्रशासन को निर्देश दिया है कि जिन परिवारों के सदस्य इजराइल में हैं, उनसे लगातार संपर्क रखा जाए. परिजनों को किसी भी अफवाह से बचने और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने को कहा गया है. कई जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां से परिवारों को नियमित अपडेट दिए जा रहे हैं.

वैश्विक घटनाक्रम का असर

इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात तेजी से बदल रहे हैं. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है. अमेरिका और इजराइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने पलटवार किया है. कुवैत समेत मिडिल ईस्ट के कई हिस्सों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं. अमेरिकी सेना के मुताबिक, ईरान में सैन्य कार्रवाई के दौरान उसके तीन सैनिक मारे गए हैं और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं. हालांकि विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि ईरानी हमलों के दौरान यह नुकसान हुआ. इन घटनाओं का सीधा असर इजराइल और आसपास के देशों में काम कर रहे विदेशी नागरिकों पर पड़ सकता है. यही वजह है कि भारत सरकार और राज्य सरकारें अपने-अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट पर हैं.

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यूपी में भी सुरक्षा कड़ी

मध्य-पूर्व की घटनाओं का असर उत्तर प्रदेश में भी दिखाई दे रहा है. खुफिया एजेंसियों ने संवेदनशीलता बढ़ने की आशंका जताई है, खासकर होली और रमजान के दौरान. डीजीपी राजीव कृष्ण ने सभी जिलों के एसपी, आईजी रेंज और एडीजी जोन को गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. लखनऊ समेत कई शहरों में हुए प्रदर्शनों के बाद एहतियातन पूरे प्रदेश को अलर्ट पर रखा गया है. मिश्रित आबादी वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. ड्रोन कैमरों से भीड़ की निगरानी की जा रही है और सोशल मीडिया पर विशेष नजर रखी जा रही है. पुलिस को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी तरह के हिंसक प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी. अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और भ्रामक सूचनाओं का तुरंत खंडन किया जाएगा. एलआईयू के साथ-साथ थाना और सर्किल स्तर की टीमें सादे कपड़ों में सक्रिय हैं.

सरकार का भरोसा

राज्य सरकार ने दोहराया है कि इजराइल में मौजूद सभी श्रमिक सुरक्षित हैं और घबराने की जरूरत नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो केंद्र सरकार के साथ मिलकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक संकट में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा. इजराइल में कार्यरत ये श्रमिक मुख्य रूप से निर्माण परियोजनाओं में लगे हैं. भारत और इजराइल के बीच श्रम सहयोग समझौते के तहत इन्हें रोजगार मिला था. बेहतर वेतन और कार्य परिस्थितियों के कारण बड़ी संख्या में युवाओं ने इस अवसर का लाभ उठाया.

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अफवाहों से सावधान

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें. आधिकारिक हेल्पलाइन और जिला प्रशासन के माध्यम से ही जानकारी प्राप्त करें. किसी भी संदिग्ध संदेश या वीडियो को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें.

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