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टाइट पैंट्स पहनना पड़ा भारी! तस्वीर वायरल होते ही चली गई गवर्नर की कुर्सी

तुर्किये के अर्दाहान प्रांत के  मेहमत फातिह सिसकली को साइकिलिंग कार्यक्रम के दौरान टाइट साइकिलिंग शॉर्ट्स पहनना भारी पड़ गया. उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया और उन्हें पद से हटा दिया गया.

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बड़ी संख्या में लोग उनके समर्थन में उतर आए हैं और उन्हें दोबारा गवर्नर बनाने की मांग कर रहे हैं. ( Photo: ITG)
बड़ी संख्या में लोग उनके समर्थन में उतर आए हैं और उन्हें दोबारा गवर्नर बनाने की मांग कर रहे हैं. ( Photo: ITG)

क्या कोई सरकारी अधिकारी सिर्फ अपने कपड़ों की वजह से नौकरी गंवा सकता है? तुर्किये में ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक गवर्नर ने साइकिलिंग कार्यक्रम में प्रोफेशनल खिलाड़ियों जैसी ड्रेस पहन ली. तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं और देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि उन्हें पद से हटा दिया गया. अब हजारों लोग उनके समर्थन में उतर आए हैं और उन्हें दोबारा गवर्नर बनाने की मांग कर रहे हैं.

आखिर पूरा मामला क्या है?
यह घटना तुर्किये के पूर्वी हिस्से में स्थित अर्दाहान प्रांत की है. यहां के गवर्नर मेहमेत फातिह सिसकली खेल-कूद और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते थे. उन्हें साइकिल चलाने का काफी शौक है और वह अक्सर लोगों को भी फिट रहने के लिए प्रेरित करते थे. कुछ दिन पहले अर्दाहान में एक सार्वजनिक साइकिलिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया. गवर्नर भी इसमें शामिल हुए. उन्होंने वही ड्रेस पहनी, जो आमतौर पर प्रोफेशनल साइकिल चालक पहनते हैं. यानी टाइट साइकिलिंग पैंट्स और स्पोर्ट्स जर्सी. कार्यक्रम खत्म होने के बाद उन्होंने अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर दीं.

बस यहीं से विवाद शुरू हो गया. तस्वीरें वायरल होते ही कुछ नेताओं ने उनके पहनावे पर सवाल उठाने शुरू कर दिए. उनका कहना था कि एक गवर्नर को सार्वजनिक कार्यक्रम में इस तरह के कपड़े नहीं पहनने चाहिए. उनका मानना था कि यह पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि पारंपरिक सोच वाले इलाके में ऐसा पहनावा लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है. वहीं विपक्ष के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि गवर्नर प्रशासनिक काम से ज्यादा सोशल मीडिया पर ध्यान दे रहे हैं. सत्तारूढ़ दल के कुछ नेताओं का कहना था कि अगर उन्हें साइकिल चलानी ही थी, तो ट्रैक पैंट जैसे दूसरे कपड़े भी पहने जा सकते थे.

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राष्ट्रपति के आदेश के बाद चली गई कुर्सी
विवाद बढ़ता गया और कुछ ही दिनों बाद राष्ट्रपति रजब तैयब इरदुगान   के हस्ताक्षर वाले आदेश के जरिए मेहमेत फातिह चिचेकली को गवर्नर के पद से हटा दिया गया. हालांकि सरकार ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया कि उन्हें किस वजह से हटाया गया. लेकिन स्थानीय मीडिया और राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वायरल तस्वीरों के बाद बढ़ा विवाद ही इस फैसले की सबसे बड़ी वजह बना.

गवर्नर ने क्या सफाई दी?
पद से हटाए जाने के बाद भी मेहमेत फातिह सिसकली ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया. उनके मुताबिक, उन्होंने सिर्फ सामान्य साइकिलिंग ड्रेस पहनी थी, जिसे दुनिया भर में खिलाड़ी पहनते हैं. उन्होंने कहा कि वह कई सालों से नौकायन, रोइंग और साइकिलिंग जैसे खेलों से जुड़े रहे हैं. उनका मकसद सिर्फ लोगों में फिटनेस और खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना था. उन्होंने यह भी कहा कि खेल के कपड़ों को विवाद का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए.

लोग खुलकर समर्थन में उतर आए
जहां एक तरफ उनकी आलोचना हुई, वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में लोग उनके समर्थन में भी सामने आए. उनके पक्ष में ऑनलाइन सिग्नेचर कैंपेन शुरू किया गया, जिसमें 10 हजार से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया. समर्थकों का कहना है कि गवर्नर ने इलाके में युवाओं को खेलों से जोड़ने का काम किया. उन्होंने साइकिल पर्यटन को बढ़ावा दिया और कई विकास कार्य भी कराए. लोगों का कहना है कि सिर्फ कपड़ों की वजह से किसी अधिकारी को पद से हटाना बिल्कुल सही फैसला नहीं है.

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विदाई का भावुक वीडियो भी हुआ वायरल
जब मेहमेत फातिह सिसकली अर्दाहान छोड़कर जा रहे थे, तब बड़ी संख्या में स्थानीय साइकिल चालक उनके वाहन के साथ साइकिल चलाते हुए उन्हें विदा करने पहुंचे. यह नजारा देखने लायक था. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. विदाई के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी से काम किया और लोगों का भरोसा जीता. यही उनकी सबसे बड़ी कमाई है. इस घटना के बाद तुर्किये में एक नई बहस शुरू हो गई है. सवाल यह उठ रहा है कि किसी सरकारी अधिकारी का आकलन उसके काम से होना चाहिए या उसके कपड़ों से.

कुछ लोगों का कहना है कि सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों को अपने पहनावे का भी ध्यान रखना चाहिए. वहीं कई लोग मानते हैं कि अगर कोई व्यक्ति खेल के दौरान सामान्य स्पोर्ट्स ड्रेस पहनता है, तो उसे विवाद का कारण नहीं बनाया जाना चाहिए. अब यह मामला सिर्फ तुर्किये तक सीमित नहीं है. दुनिया भर में लोग इस पर अपनी राय दे रहे हैं. कई लोग इसे व्यक्तिगत आजादी और सरकारी पद की गरिमा के बीच संतुलन से जुड़ी बड़ी बहस मान रहे हैं. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि किसी अधिकारी का फैसला उसके काम को देखकर होना चाहिए, न कि उसके कपड़ों को देखकर.

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