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भारत में प्लास्टिक की बोतल चबाता दिखा टाइगर, लोगों ने कहा- यह बड़े खतरे की चेतावनी है

देश के सबसे मशहूर टाइगर रिजर्व में से एक कान्हा से सामने आए एक वीडियो ने लोगों को झकझोर दिया है. वीडियो में जंगल के भीतर एक बाघ प्लास्टिक की बोतल को मुंह से चबाता नजर आ रहा है. इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या इंसानों का प्लास्टिक कचरा अब वन्यजीवों के सबसे सुरक्षित इलाकों तक भी पहुंच चुका है?

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प्लास्टिक की बोतल चबाते एक बाघ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया(Photo: Instagram/Anil Vohra)
प्लास्टिक की बोतल चबाते एक बाघ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया(Photo: Instagram/Anil Vohra)

अगर आप सोचते हैं कि टाइगर रिजर्व जैसे संरक्षित जंगल प्लास्टिक प्रदूषण से पूरी तरह सुरक्षित हैं, तो कान्हा टाइगर रिजर्व से सामने आया यह वीडियो आपकी सोच बदल सकता है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक बाघ जंगल के बीचों-बीच पड़ी प्लास्टिक की बोतल को मुंह से चबाता दिखाई देता है. यह नजारा देखकर लोग हैरान भी हैं और चिंतित भी.

यह वीडियो वन्यजीव फोटोग्राफर अनिल वोहरा ने रिकॉर्ड किया है. बाद में इसे डॉ. पी. एम. धाकाटे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया. वीडियो सामने आने के बाद जंगलों में बढ़ते प्लास्टिक कचरे और उसके वन्यजीवों पर पड़ने वाले असर को लेकर नई बहस शुरू हो गई है.

'यह सिर्फ प्लास्टिक नहीं, पूरे जंगल के लिए खतरे की घंटी'

वीडियो शेयर करते हुए डॉ. धाकाटे ने लिखा कि जंगल के भीतर एक बाघ का प्लास्टिक की बोतल चबाना इस बात का संकेत है कि प्लास्टिक प्रदूषण अब वन्यजीवों के सबसे सुरक्षित आवासों तक पहुंच चुका है.उन्होंने कहा कि इसे सिर्फ किसी पर्यटक की लापरवाही मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. यह जैव विविधता और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए गंभीर खतरे की चेतावनी है.

क्या प्लास्टिक जानवरों की जान भी ले सकता है?

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विशेषज्ञों के मुताबिक, प्लास्टिक सिर्फ पर्यावरण को गंदा नहीं करता, बल्कि वन्यजीवों के लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है.बड़े प्लास्टिक के टुकड़े जानवरों के पेट और आंतों में फंस सकते हैं, जिससे उन्हें खाना पचाने में दिक्कत होती है और कई मामलों में उनकी मौत भी हो सकती है.

वहीं, समय के साथ यही प्लास्टिक छोटे-छोटे माइक्रोप्लास्टिक कणों में बदल जाता है. ये मिट्टी, पानी और दूसरे जीवों के जरिए पूरी खाद्य श्रृंखला में पहुंच जाते हैं. इस प्रक्रिया को बायोमैग्निफिकेशन कहा जाता है. इसका असर आखिर में बाघ जैसे शीर्ष शिकारी जानवरों पर भी पड़ सकता है.

देखें वीडियो

बाघ सुरक्षित नहीं तो जंगल भी सुरक्षित नहीं

बाघ को जंगल की खाद्य श्रृंखला का सबसे अहम शिकारी माना जाता है. उसकी मौजूदगी पूरे इकोसिस्टम के संतुलन का संकेत होती है.विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बाघों के प्राकृतिक आवास में प्लास्टिक पहुंच रहा है, तो इसका मतलब है कि समस्या सिर्फ एक बोतल तक सीमित नहीं है. यह पूरे जंगल के लिए खतरे की घंटी है.

वीडियो देखकर लोगों ने क्या कहा?

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई. कई यूजर्स ने कहा कि अगर देश के सबसे सुरक्षित टाइगर रिजर्व में भी प्लास्टिक पहुंच रही है, तो यह बेहद गंभीर मामला है.

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कुछ लोगों ने जंगलों और राष्ट्रीय उद्यानों में कूड़ा फैलाने वालों पर भारी जुर्माना लगाने की मांग की. वहीं कई लोगों का कहना था कि वन्यजीवों की सुरक्षा सिर्फ शिकार रोकने से नहीं होगी, बल्कि उनके आवास को प्लास्टिक और दूसरे कचरे से भी बचाना होगा.

यह वीडियो क्यों देखना जरूरी है?

कान्हा टाइगर रिजर्व का यह वीडियो सिर्फ एक वायरल क्लिप नहीं है. यह हमें याद दिलाता है कि हमारी छोटी-सी लापरवाही भी जंगल के सबसे ताकतवर जीव तक को नुकसान पहुंचा सकती है.

अगर जंगलों में प्लास्टिक फेंकने की आदत नहीं बदली गई, तो आने वाले समय में इसका असर सिर्फ बाघों पर नहीं, बल्कि पूरे वन्यजीव तंत्र और पर्यावरण पर देखने को मिल सकता है. यही वजह है कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है और प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ एक बड़ा संदेश भी दे रहा है.

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