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ऑटो चलाकर महीने के 75 हजार ! कई फ्रेशर्स को इतनी सैलरी नहीं मिलती, पोस्ट वायरल

मुंबई के एक ऑटो ड्राइवर ने दावा किया कि वह रोज ₹2,500 कमाता है, जिससे उसकी मासिक कमाई करीब ₹75,000 हो जाती है. इस वीडियो के वायरल होने के बाद कमाई और नौकरी की स्थिरता को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई.

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मुंबई का ऑटो ड्राइवर खर्च काटकर 2500 का रोज कमाता है. ( Photo: Instagram/@uvichar_)
मुंबई का ऑटो ड्राइवर खर्च काटकर 2500 का रोज कमाता है. ( Photo: Instagram/@uvichar_)

 

मुंबई के एक ऑटो ड्राइवर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उसने अपनी कमाई को लेकर बड़ा दावा किया है. ड्राइवर का कहना है कि खर्च निकालने के बाद भी वह रोज करीब ₹2,500 कमा लेता है. यानी महीने में उसकी कमाई लगभग ₹75,000 तक पहुंच जाती है. यह वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया, जिसके बाद लोगों के बीच कमाई और नौकरी को लेकर बहस शुरू हो गई है.  वीडियो में ऑटो ड्राइवर कहता है कि मुंबई भले ही महंगा शहर है, लेकिन यहां कमाई के मौके भी काफी हैं. उसका कहना है कि अगर मेहनत की जाए तो अच्छी कमाई की जा सकती है. वहीं वीडियो बनाने वाले शख्स ने इसकी तुलना कॉर्पोरेट जॉब से करते हुए कहा कि कई फ्रेशर्स अपनी पहली नौकरी में इतनी सैलरी नहीं कमा पाते.

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इस वीडियो पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई. कुछ लोगों ने कहा कि ऑटो ड्राइवर की कमाई अच्छी है, लेकिन उसका काम ज्यादा मेहनत वाला और अनिश्चित होता है. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि नौकरी में भले ही शुरुआत में कम सैलरी हो, लेकिन आगे चलकर ग्रोथ और स्थिरता मिलती है. कुल मिलाकर, इस वीडियो ने कमाई, मेहनत और नौकरी की स्थिरता को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

सोशल मीडिया ने इस पर कैसी प्रतिक्रिया दी?
इस वीडियो को लेकर ऑनलाइन तुरंत ही मिली-जुली प्रतिक्रिया आने लगीं, जिसमें यूजर्स कमाई और काम की प्रकृति के बीच तुलना करने लगे. यह सच है, लेकिन बात सिर्फ पैसे की नहीं है. एक ऑटो ड्राइवर कुछ महीनों में ज्यादा कमा सकता है, लेकिन वह दिन भर सड़कों पर रहता है, जहां उसे गर्मी, ट्रैफिक, अनिश्चितता और काम के तय घंटे नहीं मिलते. 20-30 हज़ार की तनख्वाह वाली नौकरी में आमतौर पर स्थिरता, नियमित दिनचर्या और थोड़ा ज्यादा आराम मिलता है. दोनों की ज़िंदगी अलग-अलग होती है, और उन्हें छोड़ना भी पड़ता है.

एक यूजर ने कहा- सिर्फ पैसा ही पूरी कहानी नहीं बयां करता. एक अन्य व्यक्ति ने कहा- इज्जत 30 हजार कमाने से नहीं मिलती, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप क्या कर रहे हैं, क्या आपके पास बुनियादी ज्ञान है? उसे कोई प्रमोशन या कुछ और नहीं मिलता, उसे ज्ञान नहीं मिलता, उसे पेशेवर अनुशासन नहीं मिलता और मेरे गांव में 30 हजार कमाने वाले व्यक्ति का सम्मान कौन करेगा? सम्मान पाने का न्यूनतम मानदंड 60 हजार है. एक तीसरे यूजर ने लिखा- आप इसकी तुलना फ्रेशर के वेतन से कैसे कर सकते हैं? दूसरे ने कहा- यदि आप शुरुआती वर्षों में पर्याप्त मेहनत करते हैं, तो आप आसानी से 2 साल बाद वेतन वृद्धि प्राप्त कर सकते हैं और वह कम से कम दोगुनी या तिगुनी होगी

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