Israeli soldier iran missile US-Israel-Iran War Live: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही जंग चौथे हफ्ते में पहुंच गई है. मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. ईरान पर लगातार हमले हो रहे हैं, वहीं तेहरान भी जवाबी हमलों से पीछे नहीं हट रहा. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर ईरान पीछे नहीं हटता तो अमेरिका और कड़ा सैन्य एक्शन ले सकता है.
अमेरिका ने संघर्ष खत्म करने के लिए 15 शर्तों वाला प्रस्ताव भी भेजा है, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त नियंत्रण, प्रॉक्सी ग्रुप्स को समर्थन खत्म करना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना शामिल है. हालांकि, ईरान ने इन शर्तों को मानने से इनकार करते हुए पांच मांगे रख दी हैं. ऐसे में जंग फिलहाल थमती नजर नहीं आ रही है.
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ईरान की राजधानी तेहरान और करज शहर में धमाकों की आवाजें सुनी गईं.
इजरायल ने दावा किया है कि दक्षिणी लेबनान में उसने 30 से ज्यादा आतंकवादी मारे, उनका इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह किया गया और हथियार बरामद हुए. कहा गया कि इन आतंकवादियों को विभिन्न ब्रिगेड गतिविधियों के दौरान मार गिराया गया, जिनमें इजरायली वायु सेना के हमले, टैंक से गोलाबारी, स्नाइपरों की कार्रवाई और ड्रोन का इस्तेमाल शामिल था.
जंग पर इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि हम ईरानी शासन के ठिकानों पर जोरदार हमले करना जारी रखे हुए हैं. कल रात, हमने IRGC नौसेना के कमांडर को मार गिराया. इस व्यक्ति के हाथों पर बहुत से लोगों का खून लगा था. होर्मुज को बंद करने का नेतृत्व भी इसी ने किया था.
जंग पर रूसी राष्ट्रपति पुतिन का बयान आया है. उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट जंग के परिणामों का अनुमान लगाना कठिन है.
अबू धाबी की एक सड़क पर एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा इंटरसेप्ट की गई मिसाइलों का मलबा गिरने से कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए.
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया पर जारी अलर्ट से पता चलता है कि UAE का एयर डिफेंस सिस्टम ईरान की ओर से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन के खतरों का जवाब दे रहा है.
रूस ईरान को ड्रोन भेज रहा है ऐसी खबर आई थी. इसपर क्रेमलिन की प्रतिक्रिया आई है. इसमें कहा गया कि मीडिया में बहुत सारे झूठ छापे जा रहे हैं, ऐसी रिपोर्टों पर बिल्कुल ध्यान न दें.
प्रधानमंत्री कल शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत करेंगे. इस बातचीत का मकसद पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के मद्देनजर राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा करना है. इस बैठक का मुख्य जोर 'टीम इंडिया' की भावना के साथ मिलकर काम करने पर होगा.
जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, वे आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण इस बैठक का हिस्सा नहीं होंगे. चुनाव वाले राज्यों के मुख्य सचिवों के लिए एक अलग बैठक आयोजित की जाएगी, जिसका संचालन कैबिनेट सचिवालय द्वारा किया जाएगा.
ईरान के रेड क्रिसेंट का कहना है कि देश पर अमेरिका-इजरायल के हमलों की शुरुआत के बाद से 87,000 से ज़्यादा रिहायशी और कमर्शियल यूनिट्स को नुकसान पहुंचा है या वे तबाह हो गई हैं.
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच भीषण युद्ध जारी है. इसी बीच वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में चौंकाने वाली जानकारी दी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पेंटागन यूक्रेन को दी जा रही सैन्य सहायता को मध्य पूर्व की ओर मोड़ने पर विचार कर रहा है.
वॉशिंगटन पोस्ट तीन सूत्रों के हवाले से बताया है कि पेंटागन इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या ईरान के साथ युद्ध के कारण अमेरिकी सेना के कुछ सबसे महत्वपूर्ण गोला-बारूद की कमी को देखते हुए यूक्रेन के लिए निर्धारित हथियारों को मिडिल ईस्ट की ओर मोड़ दिया जाए.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है. यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. इस स्ट्रेट की चौड़ाई सबसे कम जगह पर लगभग 39 किलोमीटर है. उत्तर की तरफ ईरान है और दक्षिण की तरफ ओमान. हर साल दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से गुजरता है. इसलिए कोई भी देश इसे बंद करने की धमकी दे तो पूरी दुनिया के तेल के दाम बढ़ जाते हैं और अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है. यहां पढ़ें पूरी खबर...
इजरायली सेना ने ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट पर बड़ा हमला किया है. इजरायली अधिकारियों का दावा है कि इस हमले में आईआरजीसी नौसेना के कमांडर अलीरेज़ा तंगसिरी की मौत हो गई है.

अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई करते हुए मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है. गुरुवार को ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात में मिसाइल हमला किया था, जिससे एयर डिफेंस सिस्टम में हवा में ही मार गिराया. हालांकि, मिसाइल इंटरसेप्शन के छर्रे लगने से दो लोगों की मौत हो गई.
अबू धाबी में अधिकारियों ने बताया कि ईरान की ओर से गुरुवार को एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई, जिससे एयर डिफेंस सिस्टम में हवा में ही मार गिराया. पर एक बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्शन के छर्रों से दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए.
ईरान में करीब 14 घंटे बाद इजरायल पर फिर से बड़ा अटैक किया है, जिसकी पुष्टि इजरायली सेनाओं ने की है. इजरायली सुरक्षा बलों ने बताया ईरान ने सेंट्रल इजरायल को निशाना बनाते हुए गुरुवार को कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें हमारे एयर डिफेंस सिस्टम ने नष्ट कर दिया. इस हमले में किसी भी प्रकार की हताहत की जानकारी नहीं मिली है. बलों ने बताया कि लगभग 15 घंटों में ईरान की ओर से हुए पहले हमले के बाद मध्य इजरायल, यरुशलम के पास और वेस्ट बैंक में सायरन बजने लगे.
ईरान में जारी जंग के बीच इजरायल ने लेबनान को भी निशाने पर ले रखा है, जहां उसका सीधा टकराव हिजबुल्लाह से है, जो ईरान समर्थित एक हथियारबंद समूह है. यह संघर्ष अब धीरे-धीरे एक ऐसी रणनीति का रूप लेता दिख रहा है, जिसमें जमीन, आबादी और पहचान को एक साथ बदलने की कोशिश हो रही है. इजरायल के ताजा हमलों ने लेबनान के दक्षिणी हिस्से को जिस तरह प्रभावित किया है, उससे लोगों कहना है कि इसे 'नया गाजा' बनाने की कोशिश चल रही है. यहां पढ़ें पूरी खबर...
ऐसी आशंका जताई जा रही है कि अमेरिकी जल्द ही खार्ग द्वीप पर सैनिक उतार सकता है. खार्ग द्वीप ईरान के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण है. खार्ग में ईरान ने सुरक्षा को चकाचौंध कर दिया है. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर - हॉर्मुज के बीच नया फ्लैशपॉइंट... खार्ग आइलैंड पर ईरान ने किलेबंदी बढ़ाई, अमेरिकी जमीनी हमले की आशंका के बीच बड़ी तैयारी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि वे ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं. उनका दावा है कि जंग जल्दी खत्म करने के लिए दोनों तरफ से बातें चल रही है. हालांकि, ट्रंप के दावों को ईरान ने खारिज कर दिया है. अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है और ईरान समझौता करना चाहता है. हालांकि तेहरान ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान ने उन्हें सुप्रीम लीडर बनने का प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया. यहां पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा है किया है कि ईरान की ओर से उन्हें सुप्रीम लीडर बनने का ऑफर मिला था. लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया. पूरी खबर को यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं - ‘NO, Thank You...’, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान ने सुप्रीम लीडर बनने का दिया था ऑफर, मैंने ठुकराया
मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब सिर्फ संघर्ष नहीं, बल्कि नए समीकरण भी बना रही है. ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब मुस्लिम देशों में एक नई एकजुटता देखने को मिल रही है. सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुए एक अहम बैठक में तुर्की, मिस्र, पाकिस्तान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों ने पहली बार मिलकर रक्षा सहयोग पर गंभीर चर्चा की. यहां पढ़ें पूरी खबर...
इजरायल ईरान में लगातार हमले कर रहा है. इसी बीच ईरान में कार्यकर्ताओं ने गुरुवार तड़के इस्फ़हान के आसपास भारी हमलों की सूचना दी है. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने इजरायली सेना द्वारा दो आवासीय इलाकों को निशाना बनाए जाने की जानकारी दी है. हालांकि, इस हमले में हताहत के बारे में खबरे सामने नहीं आई हैं.
बता दें कि इस्फ़हान में ईरान का एक प्रमुख एयरफोर्स स्ट्रेशन और अन्य सैन्य स्थल स्थित हैं. साथ ही जून में इजरायल और ईरान के बीच हुए 12 दिवसीय युद्ध के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा बमबारी किए गए परमाणु स्थलों में से एक भी यहीं है.
वेस्टर्न इंटेलिजेंस रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका-इजरायल के साथ जारी युद्ध में रूस ईरान की लगातार मदद कर रहा है. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, रूस अपने सहयोगी ईरान को घातक हथियारों के रूप में ड्रोन की आपूर्ति करने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर चुका है. साथ ही दवाइयां और खाद्य सामग्री भी भेज रहा है. पश्चिमी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, मॉस्को ईरान को युद्ध में मजबूत बनाने के लिए यह सहायता दे रहा है.
रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि इजरायल और अमेरिका के तेहरान पर हमलों के कुछ दिनों बाद ही रूसी और ईरानी वरिष्ठ अधिकारियों ने गुप्त रूप से ड्रोन आपूर्ति पर चर्चा शुरू कर दी थी. डिलीवरी की प्रक्रिया मार्च की शुरुआत में शुरू हुई और मार्च के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है.
कश्मीर घाटी में ईरान के समर्थन में बड़े पैमाने पर चंदा जुटाया जा रहा है, जिसे लेकर खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. अभी तक कुल 17.91 करोड़ रुपये जकात और सदका के रूप में जुटाए गए हैं. पूरी खबर को यहां क्लिक कर पढ़ें - कश्मीर में ईरान के नाम पर चंदे की बाढ़... खुफिया एजेंसियां अलर्ट, फंड के गलत इस्तेमाल की आशंका
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर है. ईरान ने पांच देशों के जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दे दी है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद नहीं है. साथ ही उन्होंने भारत समेत पांच मित्र देशों के जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने का ऐलान किया है. यहां पढ़ें पूरी खबर...
ईरान ने युद्धविराम को लेकर नई शर्त रख दी है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने मध्यस्थ देशों को साफ कर दिया है कि लेबनान को भी किसी भी सीजफायर समझौते में शामिल किया जाए. साथ ही, इजरायल को हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपने हमले रोकने होंगे. सूत्रों के मुताबिक, ईरान चाहता है कि युद्ध सिर्फ उसके खिलाफ ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में मौजूद उसके सहयोगी समूहों के खिलाफ भी पूरी तरह खत्म हो. ईरानी मीडिया के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका के साथ किसी भी समझौते में यह सुनिश्चित होना चाहिए कि रेजिस्टेंस ग्रुप्स पर भी हमला बंद हो.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका अब तक 8 युद्ध सुलझा चुका है और एक और युद्ध में जीत की ओर बढ़ रहा है. ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा कि वह समझौता करना चाहता है, लेकिन खुलकर कहने से डर रहा है. उनके मुताबिक, 'ईरान डील करना चाहता है, लेकिन उन्हें डर है कि उनके अपने लोग उन्हें मार देंगे या हम उन्हें मार देंगे.'
उन्होंने यह भी कहा कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका जो कर रहा है, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया. ट्रंप के अनुसार, ईरान के नेतृत्व में भी इस समय दबाव की स्थिति है और वहां के हालात बेहद अस्थिर हैं.
कुवैत में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हिज्बुल्लाह से जुड़े 6 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. इन पर खाड़ी देशों के नेताओं की हत्या की साजिश रचने का आरोप है. कुवैत के गृह मंत्रालय के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में 5 कुवैती नागरिक शामिल हैं. मंत्रालय ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े 14 अन्य सदस्य देश छोड़कर फरार हो चुके हैं. इनमें 5 कुवैती, 5 ऐसे लोग शामिल हैं जिनकी कुवैती नागरिकता पहले ही खत्म की जा चुकी है, जबकि 2 ईरानी और 2 लेबनानी नागरिक भी शामिल हैं.
मंत्रालय के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान जासूसी और एक आतंकी संगठन से जुड़े होने की बात कबूल की है. सभी आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के पास भेज दिया गया है. बताया जा रहा है कि यह साजिश खाड़ी क्षेत्र के नेताओं को निशाना बनाकर रची जा रही थी, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया. इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अमेरिका के बदलते युद्ध के नैरेटिव पर तंज कसते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के अभियान का मकसद अब समझ में नहीं आ रहा है.
ख्वाजा आसिफ ने इशारा किया कि अब ऐसा लगता है कि सारा ध्यान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने पर है. 'X' (ट्विटर) पर उन्होंने लिखा, 'ऐसा लगता है कि युद्ध का मकसद अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलना हो गया है, जो युद्ध शुरू होने से पहले ही खुला हुआ था.'
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच अमेरिका के सैनिकों को बड़ा नुकसान हुआ है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, 28 फरवरी से शुरू हुए ईरान युद्ध में अब तक करीब 290 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं.
CENTCOM के प्रवक्ता ने बताया कि इनमें से 255 सैनिक इलाज के बाद फिर से ड्यूटी पर लौट चुके हैं. वहीं, 10 सैनिकों की हालत गंभीर बनी हुई है. बाकी 25 सैनिकों की स्थिति के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी गई है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक और कड़ी चेतावनी जारी की है. ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर कालिबफ ने कहा है कि खुफिया जानकारी के मुताबिक दुश्मन एक क्षेत्रीय देश के सहयोग से ईरानी द्वीप पर कब्जा करने की योजना बना रहे हैं.
उन्होंने साफ कहा कि ईरानी सेना दुश्मन की हर गतिविधि पर नजर रख रही है. अगर किसी भी तरह का कदम उठाया गया, तो ईरान उस क्षेत्रीय देश के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार और तेज हमले करेगा. हालांकि, क़ालिबाफ ने उस देश का नाम नहीं बताया, लेकिन इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है.
अमेरिका ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने कहा कि अगर तेहरान हार स्वीकार नहीं करता तो राष्ट्रपति ट्रंप ईरान पर और बड़ा हमला करने को तैयार करें. उन्होंने कहा, 'ट्रंप ब्लफ नहीं करते, ईरान को गलत आकलन नहीं करना चाहिए. अगर उसने हालात नहीं समझे, तो उसे पहले से भी ज्यादा कड़ा जवाब मिलेगा.'