US-Iran-Israel War, Turkey, Pakistan, Egypt US-Israel-Iran War Live: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही जंग चौथे हफ्ते में पहुंच गई है. मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. ईरान पर लगातार हमले हो रहे हैं, वहीं तेहरान भी जवाबी हमलों से पीछे नहीं हट रहा. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर ईरान पीछे नहीं हटता तो अमेरिका और कड़ा सैन्य एक्शन ले सकता है.
अमेरिका ने संघर्ष खत्म करने के लिए 15 शर्तों वाला प्रस्ताव भी भेजा है, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त नियंत्रण, प्रॉक्सी ग्रुप्स को समर्थन खत्म करना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना शामिल है. हालांकि, ईरान ने इन शर्तों को मानने से इनकार करते हुए पांच मांगे रख दी हैं. ऐसे में जंग फिलहाल थमती नजर नहीं आ रही है. पल-पल के अपडेट के लिए जुड़े रहें इस लाइव ब्लॉग के साथ.
कुवैत में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हिज्बुल्लाह से जुड़े 6 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. इन पर खाड़ी देशों के नेताओं की हत्या की साजिश रचने का आरोप है. कुवैत के गृह मंत्रालय के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में 5 कुवैती नागरिक शामिल हैं. मंत्रालय ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े 14 अन्य सदस्य देश छोड़कर फरार हो चुके हैं. इनमें 5 कुवैती, 5 ऐसे लोग शामिल हैं जिनकी कुवैती नागरिकता पहले ही खत्म की जा चुकी है, जबकि 2 ईरानी और 2 लेबनानी नागरिक भी शामिल हैं.
मंत्रालय के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान जासूसी और एक आतंकी संगठन से जुड़े होने की बात कबूल की है. सभी आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के पास भेज दिया गया है. बताया जा रहा है कि यह साजिश खाड़ी क्षेत्र के नेताओं को निशाना बनाकर रची जा रही थी, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया. इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अमेरिका के बदलते युद्ध के नैरेटिव पर तंज कसते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के अभियान का मकसद अब समझ में नहीं आ रहा है.
ख्वाजा आसिफ ने इशारा किया कि अब ऐसा लगता है कि सारा ध्यान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने पर है. 'X' (ट्विटर) पर उन्होंने लिखा, 'ऐसा लगता है कि युद्ध का मकसद अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलना हो गया है, जो युद्ध शुरू होने से पहले ही खुला हुआ था.'
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच अमेरिका के सैनिकों को बड़ा नुकसान हुआ है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, 28 फरवरी से शुरू हुए ईरान युद्ध में अब तक करीब 290 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं.
CENTCOM के प्रवक्ता ने बताया कि इनमें से 255 सैनिक इलाज के बाद फिर से ड्यूटी पर लौट चुके हैं. वहीं, 10 सैनिकों की हालत गंभीर बनी हुई है. बाकी 25 सैनिकों की स्थिति के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी गई है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक और कड़ी चेतावनी जारी की है. ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर कालिबफ ने कहा है कि खुफिया जानकारी के मुताबिक दुश्मन एक क्षेत्रीय देश के सहयोग से ईरानी द्वीप पर कब्जा करने की योजना बना रहे हैं.
उन्होंने साफ कहा कि ईरानी सेना दुश्मन की हर गतिविधि पर नजर रख रही है. अगर किसी भी तरह का कदम उठाया गया, तो ईरान उस क्षेत्रीय देश के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार और तेज हमले करेगा. हालांकि, क़ालिबाफ ने उस देश का नाम नहीं बताया, लेकिन इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है.
अमेरिका ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने कहा कि अगर तेहरान हार स्वीकार नहीं करता तो राष्ट्रपति ट्रंप ईरान पर और बड़ा हमला करने को तैयार करें. उन्होंने कहा, 'ट्रंप ब्लफ नहीं करते, ईरान को गलत आकलन नहीं करना चाहिए. अगर उसने हालात नहीं समझे, तो उसे पहले से भी ज्यादा कड़ा जवाब मिलेगा.'