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जब बिन पते की चिट्ठी सही जगह पर पहुंच गई...

वैसे स्काइप, फेसबुक, ई-मेल और वॉट्स-ऐप के जमाने में चिट्ठी लिखने की जहमत कम लोग ही उठाते हैं लेकिन इन जनाब ने बड़ी मेहनत करके लिखी. लंबी-चौड़ी चिट्ठी तो लिख ली लेकिन चिट्ठी जहां भेजना था वहां का पता उन्हें मालूम नहीं था. फिर...

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चिट्ठी आई है...
चिट्ठी आई है...

वैसे स्काइप, फेसबुक, ई-मेल और वॉट्स-ऐप के जमाने में चिट्ठी लिखने की जहमत कम लोग ही उठाते हैं लेकिन इन जनाब ने बड़ी मेहनत करके चिट्ठी लिखी. लंबी-चौड़ी चिट्ठी तो लिख ली लेकिन चिट्ठी जहां भेजनी वहां का पता उन्हें मालूम नहीं था. फिर...

आईलैंड के इस शख्स को न तो वहां का पता मालूम था और न ही पिनकोड. ऐसे में उन्होंने लिफाफे पर उस जगह का नक्शा ही बना डाला. नक्शे में रेड डॉट लगाकर उस जगह को सांकेतिक भाषा में दिखाया. दरअसल, ये शख्स एक टूरिस्ट था. उसे जगह का सही पता तो नहीं मालूम था लेकिन उसने अपने दिमाग में सटीक बैठा लिया था.

बोर्ड पांडा में प्रकाशि‍त खबर के अनुसार, कुछ समय बाद वहां के स्थानीय न्यूजपेपर में खबर छपी कि टूरिस्ट द्वारा भेजी गई चिट्ठी अपने सही पते पर पहुंच गई है.

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