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कम इंक्रीमेंट के बाद कर्मचारी ने किया ऐसा काम, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

एक कर्मचारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर दावा किया कि उसकी टीम के एक सदस्य ने बाकी सहकर्मियों की तुलना में कम सैलरी हाइक मिलने के बाद लगभग काम करना बंद कर दिया. जहां अधिकांश कर्मचारियों को 13% इंक्रीमेंट मिला, वहीं उस कर्मचारी को केवल 7% की हाइक मिली.

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एक यूजर ने लिखा कि खराब प्रदर्शन के बावजूद 7 प्रतिशत सैलरी हाइक मिलना भी बड़ी बात है. ( Photo: ITG)
एक यूजर ने लिखा कि खराब प्रदर्शन के बावजूद 7 प्रतिशत सैलरी हाइक मिलना भी बड़ी बात है. ( Photo: ITG)

ऑफिस में सैलरी बढ़ना हर कर्मचारी के लिए खुशी की बात होती है. लेकिन जब किसी को उम्मीद से कम सैलरी हाइक मिलती है, तो वह निराश भी हो सकता है. हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. एक कर्मचारी ने दावा किया कि उसकी टीम के एक सदस्य ने कम सैलरी हाइक मिलने के बाद लगभग काम करना बंद कर दिया, जिससे बाकी कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ने लगा.

यह मामला रेडिट पर शेयर की गई एक पोस्ट के जरिए सामने आया. पोस्ट करने वाले कर्मचारी ने बताया कि उनकी टीम में हाल ही में सैलरी हाइक की घोषणा हुई थी. ज्यादातर कर्मचारियों को करीब 13 प्रतिशत की सैलरी बढ़ोतरी मिली, जबकि एक कर्मचारी को केवल 7 प्रतिशत की हाइक दी गई. इसके बाद उस कर्मचारी के व्यवहार और काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिला.

पहले से भी थे प्रदर्शन को लेकर सवाल
पोस्ट में बताया गया कि संबंधित कर्मचारी टेक्निकली स्ट्रॉंग नहीं था. उसे नई चीजें सीखने में ज्यादा समय लगता था और कई बार ऐसा भी हुआ कि उसे जो काम सौंपा गया था, वह समय पर पूरा नहीं कर पाया, कई बार उसे ऐसे कामों के लिए भी टोका गया, जो उसे कई दिन पहले दिए गए थे लेकिन उसने शुरू तक नहीं किए थे. पोस्ट करने वाले कर्मचारी का मानना था कि शायद इसी वजह से उसे बाकी टीम के मुकाबले कम सैलरी हाइक मिली. हालांकि, जब उसे पता चला कि अन्य सहयोगियों को उससे कहीं ज्यादा सैलरी हाइक मिली है, तो वह काफी नाराज हो गया.

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कर्मचारी के अनुसार, सैलरी हाइक की घोषणा के बाद उसके सहकर्मी की वर्किंग एफर्ट में भारी गिरावट आ गई. जहां वह पहले एक दिन में लगभग छह काम पूरे कर लेता था, वहीं अब केवल दो काम ही कर रहा था. इतना ही नहीं, वह ऑफिस के दौरान लंबे समय तक ऑनलाइन होने के बावजूद 'अनुपस्थित' दिखाई देता था. दावा किया गया कि नौ घंटे की शिफ्ट में से करीब छह घंटे वह एक्टिव नहीं रहता था. इसका सीधा असर पूरी टीम के काम पर पड़ने लगा.

बाकी कर्मचारियों पर बढ़ा काम का बोझ
सहकर्मी की घटती प्रोडक्शन के कारण बाकी टीम को उसके हिस्से का काम भी संभालना पड़ रहा था. पोस्ट करने वाले कर्मचारी ने बताया कि पिछले कुछ समय से उसे अपने सहकर्मी की कमियों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारियां उठानी पड़ रही हैं. कंपनी को ग्राहकों और  मैनेजमेंट के प्रति जवाबदेह रहना पड़ता है, इसलिए काम रुक नहीं सकता. ऐसे में टीम के अन्य सदस्यों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है, जिससे तनाव बढ़ रहा है.

दोस्ती और जिम्मेदारी के बीच फंसा कर्मचारी
दिलचस्प बात यह है कि पोस्ट करने वाला कर्मचारी अपने सहकर्मी की नौकरी नहीं गंवाना चाहता. दोनों ने एक ही समय पर कंपनी जॉइन की थी और उनके बीच अच्छे व्यक्तिगत संबंध भी हैं. हालांकि, बढ़ते काम के दबाव के कारण वह खुद को असहज महसूस कर रहा है. इसी वजह से उसने सोशल मीडिया पर लोगों से सलाह मांगी कि ऐसी स्थिति में उसे क्या करना चाहिए.

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सोशल मीडिया पर लोगों ने दी सलाह
इस पोस्ट पर कई लोगों ने अपनी राय दी. एक यूजर ने लिखा कि खराब प्रदर्शन के बावजूद 7 प्रतिशत सैलरी हाइक मिलना भी बड़ी बात है. वहीं दूसरे यूजर ने सलाह दी कि कर्मचारी को केवल अपना काम करना चाहिए और सहकर्मी के हिस्से का काम लगातार उठाने से बचना चाहिए. कुछ लोगों का मानना था कि उसे अपने मैनेजर से इस असंतुलन के बारे में खुलकर बात करनी चाहिए.

एक अन्य यूजर ने कहा कि यह किसी व्यक्ति को दोष देने का मामला नहीं है, बल्कि टीम के कामकाज पर पड़ रहे असर की जानकारी मैनेजमेंट तक पहुंचाने का विषय है. अगर एक कर्मचारी की वजह से बाकी लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, तो मैनेजर को इसकी जानकारी होना जरूरी है.

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