दुनियाभर के कई देश इस समय भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान से जूझ रहे हैं. तेज धूप और हीटवेव का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पेड़-पौधों पर भी पड़ता है. ऐसे में चीन के कई शहरों ने पेड़ों को बचाने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया है, जिसकी सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा हो रही है. चीन के कई इलाकों में गर्मियों के दौरान सड़क किनारे लगे बड़े-बड़े पेड़ों पर स्प्रिंकलर लगाए जाते हैं. ये सिस्टम तय समय पर अपने आप चालू होकर पेड़ों पर पानी की बारीक फुहार छोड़ते हैं. इससे पेड़ों को ठंडक मिलती है, मिट्टी में नमी बनी रहती है और तेज गर्मी का असर कम होता है.
कैसे काम करता है यह सिस्टम?
पेड़ों के तने या आसपास पाइप और छोटे-छोटे स्प्रिंकलर लगाए जाते हैं. जब तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो यह सिस्टम अपने आप चालू हो जाता है. इससे पेड़ों की पत्तियों और तने पर हल्की फुहार पड़ती रहती है. यह प्रक्रिया कुछ मिनटों तक चलती है, जिससे पेड़ सूखने से बचते हैं और उन्हें पर्याप्त नमी मिलती रहती है.
क्यों जरूरी है पेड़ों को ठंडा रखना?
गर्मियों में जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है, तब पेड़ों की पत्तियां मुरझाने लगती हैं. लगातार गर्म हवा और तेज धूप के कारण मिट्टी जल्दी सूख जाती है. अगर समय पर पानी न मिले, तो पेड़ों की ग्रोथ रुक सकती है और कई बार वे सूख भी सकते हैं. इसी खतरे को कम करने के लिए चीन के कई शहरों में आधुनिक सिंचाई और मिस्टिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है.
इससे क्या फायदे होते हैं?
इससे पेड़ों को गर्मी से राहत मिलती है. मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है. पेड़ों की पत्तियां हरी-भरी और स्वस्थ रहती हैं. शहरों का तापमान कुछ हद तक कम करने में मदद मिलती है. हवा की क्वालिटी बेहतर होती है. हरियाली लंबे समय तक सुरक्षित रहती है. जब पेड़ स्वस्थ रहते हैं, तो वे ज्यादा ऑक्सीजन छोड़ते हैं और वातावरण को ठंडा बनाए रखने में मदद करते हैं. इससे शहरों में रहने वाले लोगों को भी गर्मी से कुछ राहत मिलती है. इसलिए चीन में इसे केवल पेड़ों की देखभाल नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण कदम माना जाता है.
एक्सपर्ट कहते हैं कि जहां गर्मी बहुत ज्यादा पड़ती है और सड़क किनारे हजारों पेड़ लगे हैं, वहां इस तरह की तकनीक काफी उपयोगी साबित हो सकती है. हालांकि, इसके लिए पानी का सही प्रबंधन और आधुनिक सिंचाई व्यवस्था जरूरी है ताकि पानी की बर्बादी न हो. चीन का यह कदम दिखाता है कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल कितना जरूरी है. पेड़ सिर्फ ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि शहरों का तापमान नियंत्रित रखने, प्रदूषण कम करने और लोगों को स्वस्थ वातावरण देने में भी अहम भूमिका निभाते हैं. इसलिए उनकी देखभाल करना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी भी है.