विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले कई छात्र पढ़ाई के लिए बड़ा लोन लेने से घबराते हैं. लेकिन एक 22 वर्षीय युवती ने 20 साल की उम्र में 40 लाख रुपये का एजुकेशन लोन लेकर विदेश में मास्टर्स की पढ़ाई की और अब उसका कहना है कि इस फैसले से उसे सिर्फ डिग्री ही नहीं, बल्कि जिंदगीभर के लिए ऐसे अनुभव और रिश्ते मिले हैं जिनकी कीमत पैसों में नहीं लगाई जा सकती.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एकता नाम की युवती अपने एजुकेशन लोन और उससे मिले फायदों के बारे में खुलकर बात करती नजर आ रही है. यह वीडियो इंस्टाग्राम अकाउंट @ekta.explains पर शेयर किया गया है. वीडियो में एकता बताती हैं कि उन्होंने दुनिया के प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूल इनसीड (INSEAD) में पढ़ाई करने के लिए 40 लाख रुपये का लोन लिया था.
आमतौर पर जब कोई छात्र इतना बड़ा एजुकेशन लोन लेता है तो सबसे पहला सवाल यही पूछा जाता है कि उसका रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट क्या होगा. यानी पढ़ाई पर खर्च किए गए पैसे के बदले में कितनी कमाई होगी. लेकिन एकता का मानना है कि शिक्षा के फायदे केवल सैलरी या नौकरी तक सीमित नहीं होते. वीडियो में वह कहती हैं कि लोग अक्सर उनसे पूछते हैं कि 40 लाख रुपये के लोन का फायदा क्या मिला. इसके जवाब में वह बताती हैं कि पैसा जरूर जरूरी है, लेकिन किसी अच्छी यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के बाद मिलने वाले अवसर उससे कहीं ज्यादा जरूरी होते हैं. उनका कहना है कि अच्छी शिक्षा और मजबूत करियर के जरिए लोन की रकम चुकाई जा सकती है.
नेटवर्थ से बड़ा है नेटवर्क
एकता के मुताबिक, उनकी असली कमाई वह नेटवर्क है जो उन्हें पढ़ाई के दौरान मिला. वह बताती हैं कि आज उनके दोस्त 33 अलग-अलग देशों में रहते हैं. इसके अलावा उन्हें दुनिया भर की बड़ी कंपनियों में काम करने वाले 20 हजार से ज्यादा पूर्व छात्रों के नेटवर्क तक पहुंच मिली है. युवती का कहना है कि इतनी कम उम्र में उन्हें ऐसे अनुभव मिले हैं जो कई लोगों को जीवन में काफी बाद में मिल पाते हैं. उन्होंने अलग-अलग देशों के लोगों के साथ काम किया, नए कल्चर को समझा और ऐसे रिश्ते बनाए जो भविष्य में भी उनके काम आएंगे. एकता का मानना है कि यही उनके रिटर्न है.
हालांकि सोशल मीडिया पर उनके इस विचार से सभी लोग सहमत नहीं दिखे. वीडियो पर हजारों लोगों ने अपनी राय दी. कुछ यूजर्स ने उनकी बात का समर्थन करते हुए कहा कि मजबूत नेटवर्क और सही लोगों से जुड़ाव भविष्य में बड़ी सफलता दिला सकता है. एक यूजर ने लिखा- नेटवर्क ही असली नेट वर्थ है. वहीं, कई लोगों ने इस तर्क पर सवाल भी उठाए. कुछ यूजर्स का कहना था कि दोस्त और नेटवर्क भले ही महत्वपूर्ण हों, लेकिन आखिरकार 40 लाख रुपये का लोन चुकाने के लिए कमाई की भी जरूरत होती है. एक यूजर ने टिप्पणी की कि 33 देशों में मौजूद दोस्त ईएमआई भरने नहीं आएंगे.
कुछ लोगों ने उनकी एजुकेशनल डिटेल्स पर भी सवाल उठाए. यूजर्स ने पूछा कि उन्होंने INSEAD में कौन-सा कोर्स किया, क्योंकि वहां के एमबीए कार्यक्रम में आमतौर पर कई वर्षों के कार्य अनुभव की आवश्यकता होती है. फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. इसके साथ ही विदेश में पढ़ाई की बढ़ती लागत, एजुकेशन लोन का बोझ और नेटवर्किंग के महत्व को लेकर भी नई बहस शुरू हो गई है. कई लोग मानते हैं कि अच्छी शिक्षा भविष्य में अवसरों के नए दरवाजे खोलती है, जबकि कुछ का कहना है कि बड़े लोन लेने से पहले आर्थिक जोखिमों पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए.