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101 साल की महिला पत्रकार आज भी करती हैं जॉब, बताया कैसे 100 के बाद भी रहती हैं एक्टिव

101 साल की पत्रकार एलीन लवीन आज भी नौकरी करती हैं, खुद अपना काम संभालती हैं और मानसिक रूप से पूरी तरह सक्रिय हैं. हाल ही में उन्होंने अपनी लंबी, स्वस्थ और खुशहाल जिंदगी के पीछे की तीन ऐसी आदतें साझा कीं, जिन्हें वह अपनी ऊर्जा और जिंदादिली का सबसे बड़ा राज मानती हैं.

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एलिन 100 साल की उम्र पार करने के बाद भी वह काम कर रही हैं (Photo:Insta/@todayshow)
एलिन 100 साल की उम्र पार करने के बाद भी वह काम कर रही हैं (Photo:Insta/@todayshow)

लंबी जिंदगी का राज क्या है? उससे भी बड़ा सवाल यह है कि बढ़ती उम्र के साथ सेहत, तेज दिमाग और जिंदगी जीने का उत्साह कैसे बरकरार रखा जाए. यानी जब तक जीवन है, तब तक उसे पूरे जोश और सक्रियता के साथ कैसे जिया जाए? वैज्ञानिक सालों से इसका जवाब तलाश रहे हैं. लेकिन अगर 100 साल की उम्र पार कर चुकी कोई महिला आज भी नौकरी कर रही हो, खुद अपना काम संभाल रही हो और मानसिक रूप से पूरी तरह सक्रिय हो, तो उसकी बात जरूर सुनी जानी चाहिए.

इन दिनों सोशल मीडिया पर 101 वर्षीय पत्रकार एलीन लवीन की कहानी चर्चा में है. 100 साल की उम्र पार करने के बाद भी वह काम कर रही हैं, स्वतंत्र रूप से जीवन जी रही हैं और मानसिक रूप से पूरी तरह सक्रिय हैं. हाल ही में टुडे डॉट कॉम को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी लंबी, स्वस्थ और सक्रिय जिंदगी के पीछे की कुछ ऐसी आदतों के बारे में बताया, जिन्हें वह अपनी ऊर्जा और जिंदादिली की सबसे बड़ी वजह मानती हैं. आइए जानते हैं उनकी जिंदगी के वे तीन पहलू, जो लंबी उम्र का राज हो सकते हैं.

1. दिमाग को हमेशा सक्रिय रखें

एलीन कहती हैं कि वह खुद को एथलीट नहीं मानतीं. उनके मुताबिक, शरीर से ज्यादा जरूरी है कि दिमाग लगातार सक्रिय रहे.

उनकी सुबह नाश्ते से शुरू होती है. इसके बाद वह नियमित रूप से द न्यूयॉर्क टाइम्स और द वॉशिंगटन पोस्ट पढ़ती हैं. साथ ही द न्यू यॉर्कर, प्रोपब्लिका, कोलंबिया जर्नलिज्म रिव्यू और द हिल जैसे प्रकाशनों की खबरों पर भी नजर रखती हैं. क्रॉसवर्ड हल करना, ऑनलाइन लेक्चर सुनना और नई-नई चीजें सीखना भी उनकी दिनचर्या का हिस्सा है.

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2. काम करना कभी बंद मत कीजिए

एलीन का मानना है कि इंसान को तब तक सक्रिय रहना चाहिए, जब तक वह समाज में कुछ सार्थक योगदान दे सकता है.

उन्होंने बताया कि उनकी मां हमेशा उन्हें सकारात्मक सोच रखने और लोगों के लिए कुछ उपयोगी करने की सीख देती थीं. यही सोच उन्हें जीवनभर प्रेरित करती रही. 1962 में उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर लेखन और संपादन से जुड़ी एक कंपनी शुरू की. आज भले ही वह कंपनी नहीं है, लेकिन एलीन अब भी एक मैगजीन में वरिष्ठ संपादक के रूप में हर सप्ताह काम करती हैं.

3. लोगों से जुड़े रहना भी जरूरी

एलीन के मुताबिक, अच्छी सेहत का संबंध सिर्फ खानपान या व्यायाम से नहीं, बल्कि रिश्तों से भी है.वह अपने पड़ोसियों के साथ ताश खेलती हैं, हर गुरुवार पोकर खेलना पसंद करती हैं और जब बच्चे मिलने आते हैं, तो उनके साथ समय बिताती हैं. परिवार और दोस्तों से ईमेल के जरिए भी लगातार संपर्क बनाए रखती हैं. उनकी बेटी का मानना है कि अलग-अलग उम्र के लोगों से दोस्ती और परिवार के साथ मजबूत रिश्ता ही उन्हें आज भी मानसिक रूप से चुस्त बनाए हुए है.

कोई जादुई फॉर्मूला नहीं

एलीन का कहना है कि लंबी जिंदगी के लिए किसी जटिल नियम या चमत्कारी नुस्खे की जरूरत नहीं होती. उनके मुताबिक, अगर इंसान सीखना बंद न करे, अपने काम से जुड़ा रहे और अपने रिश्तों को समय देता रहे, तो बढ़ती उम्र में भी जीवन सक्रिय, संतुलित और खुशहाल बना रह सकता है.

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101 साल की उम्र में भी एलीन का यही संदेश है कि जिंदगी को उत्सुकता, सकारात्मक सोच और लोगों से जुड़े रहकर जिया जाए. शायद यही वजह है कि एक सदी से ज्यादा का सफर तय करने के बाद भी वह आज अपने काम, अपने रिश्तों और अपनी जिंदगी का भरपूर आनंद ले रही हैं.

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