राजस्थान सरकार ने प्रदेश की सरकारी और निजी स्कूलों को जयपुर में चल रहे आध्यात्मिक मेले में जाने के लिए कहा है. हालांकि इस मेले में किसी विशेष धर्म विरोधी किताबें बांटने का मामला सामने आया है.
मेले में बांटी गई किताबों में मुस्लिम विरोधी बातें लिखी गई है और हिंदू लड़कियों को लव जेहाद में फंसाने का आरोप लगाया गया है.
किताबों में उन तरीकों के बारे में बताया गया है कि किस तरह मुस्लिम युवा, हिंदू लड़कियों को अपने जाल में फंसाते हैं.
बताया जा रहा है कि वीएचपी, बजंरग दल के कार्यकर्ता इस तरह की पुस्तकें बांट रहे थे और जिसमें लव जेहाद को लेकर कई बातें लिखी हुई है. वहीं सरकार ने स्कूलों को इस मेले में जाने का आदेश दिया है.
असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर (ADEO) दीपक शुक्ला का कहना है कि विद्यार्थियों को मेले में जाने के निर्देश शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने दिए थे और प्रदेश की सरकारी और निजी स्कूलों को इसमें जाने के लिए कहा गया है.
इस किताब में आरोप लगाया है कि जाति के आधार पर लव जिहाद के लिए पैसे दिए जाते हैं.
साथ ही लव जेहाद में फंसाने के प्रकार, जेहादी कैसे बिछाते हैं जाल, कैसे लव जिहाद से बचे आदि बिंदुओं के साथ मुस्लिम विरोधी बातें कही गई हैं.
किताब में लव जिहाद के प्रति भारतीय अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वह अपनी बेटियों की हरकतों पर ध्यान दे कि वह किससे मिलती है, किससे बात करती है और साथ ही मोबाइल पर भी नजर बनाये रखने की सलाह भी शामिल है.
जानकार कह रहे हैं कि किताब में कई ऐसी बातें लिखी हैं जो सामाजिक साैहार्द को खराब कर सकती हैं.
साथ ही विशेषज्ञ इस बात पर भी चिंता जता रहे हैं कि किताब को अगर कोई बच्चा पढ़ता है तो उसके मानसिक स्वास्थ्य पर कैसा असर होगा?