दुनिया के सबसे पुराने और मशहूर व्यापारिक रास्ते 'सिल्क रूट' पर अब ऊंटों के काफिले नहीं, बल्कि पटरियों पर दौड़ता एक आलीशान महल नजर आएगा. साल 2026 में 'द ग्रैंड सिल्क रोड' नाम की एक ऐसी लग्जरी रेल यात्रा शुरू होने जा रही है, जिसका किराया सुनकर किसी के भी होश उड़ जाएंगे.
22 दिनों के इस शाही सफर का एक टिकट का दाम 50,700 डॉलर (करीब 42 लाख रुपये) है. इतने पैसों में भारत के कई शहरों में एक अच्छा-खासा फ्लैट खरीदा जा सकता है. यह ट्रेन चीन से शुरू होकर उज्बेकिस्तान तक 5 देशों का सफर तय करेगी और आपको इतिहास के पन्नों में ले जाएगी.
यह पूरी यात्रा 'गोल्डन ईगल सिल्क रोड एक्सप्रेस' में होगी, जहां सुख-सुविधाओं की कोई कमी नहीं छोड़ी गई है. इस ट्रेन के केबिन किसी लग्जरी होटल के कमरे से कम नहीं हैं, जिन्हें इस तरह डिजाइन किया गया है कि दिन में ये बैठने के लिए शानदार लाउंज बन जाते हैं और रात में इन्हें शाही बेडरूम में बदला जा सकता है. सिर्फ इतना ही नहीं, मनोरंजन के लिए ट्रेन के अंदर ही एक पियानो बार बनाया गया है, जहां संगीत की धुनों के साथ यात्री अपनी शामें रंगीन बना सकेंगे. सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस भारी-भरकम किराए में न सिर्फ आपका रहना और खाना शामिल है, बल्कि गाइडेड टूर, वेटर्स की टिप्स और यहां तक कि इमरजेंसी मेडिकल सुविधा भी इसी में कवर है.
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ग्रेट वॉल से टेराकोटा वारियर्स तक का दीदार
इस शाही सफर की शुरुआत चीन की राजधानी बीजिंग से होगी. यहां यात्री दुनिया की सबसे बड़ी दीवारों में से एक 'ग्रेट वॉल ऑफ चाइना' पर टहलने के साथ-साथ सम्राटों के पुराने महलों का दीदार करेंगे. इसके बाद ट्रेन शियान शहर पहुंचेगी, जहां हजारों साल पुरानी मिट्टी के सैनिकों की फौज यानी 'टेराकोटा सेना' को देखने का मौका मिलेगा. जैसे-जैसे ट्रेन आगे बढ़ेगी, सफर का रोमांच और गहरा होता जाएगा. जब ट्रेन गोबी रेगिस्तान की रेत से गुजरेगी, तब यात्री विशाल टीलों के बीच ऊंटों की सवारी भी कर पाएंगे, जो उन्हें पुराने दौर के रेशम मार्ग की याद दिलाएगा.
एक ही सफर में 5 देशों की संस्कृति की सैर
चीन की सरहद पार करते ही यह लग्जरी ट्रेन कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान जैसे देशों में दाखिल होगी. काशगर के पुराने बाजारों की रौनक देखने के बाद यात्री कजाकिस्तान के अल्माटी शहर पहुंचेंगे. सफर का अगला पड़ाव ताशकेंट, खिवा और बुखारा जैसे ऐतिहासिक शहर होंगे, जो अपनी नीली टाइलों वाली मस्जिदों और शानदार वास्तुकला के लिए मशहूर हैं. यही नहीं, इस यात्रा का सबसे खास हिस्सा समरकंद होगा. यह वही शहर है जिसे कभी सिकंदर महान ने अपनी जीत का हिस्सा बनाया था. यहां की ऐतिहासिक इमारतें और प्राचीन बाजार यात्रियों को सदियों पुराने दौर की झलक दिखाते हैं.
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2,400 मील की यात्रा और ताशकंद में समापन
करीब 2,400 मील लंबी यह यादगार यात्रा ताशकंद में आकर खत्म होगी. कभी व्यापारियों के कारवां से गुलजार रहने वाला सिल्क रूट अब एक नए रूप में दुनिया के सामने आ रहा है. शाही सुविधाओं से सजी यह ट्रेन इतिहास, संस्कृति और लग्जरी का एक अनोखा संगम है. यही वजह है कि 2026 की यात्रा के लिए अभी से लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और लंबी वेटिंग लिस्ट शुरू हो चुकी है.