Chandra Taal Viral Video: हिमाचल प्रदेश में कई ऐसी जगहें हैं, जहां की शांति और खूबसूरती लोगों को अपनी तरफ खींच लाती है. गर्मियां आते ही लोग फैमिली और दोस्तों के साथ इन पहाड़ी इलाकों की तरफ निकल जाते हैं. हिमाचल की खूबसूरत स्पीति घाटी में स्थित चंद्रताल झील के बारे में तो आपने सुना ही होगा, जिसकी नेचुरल ब्यूटी का जिक्र रणवीर सिंह और सोनाक्षी सिन्हा स्टारर 'लुटेरा' में भी किया गया है. इस जगह की सुंदरता को अपनी आंखों से देखने के लिए भारी संख्या में अब लोग वहां जाते हैं, जिसकी वजह से यह जगह अब ऑफबीट लोकेशन नहीं रह गई है.
चंद्रताल झील एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह इसकी प्राकृतिक सुंदरता नहीं, बल्कि पर्यटकों की लापरवाही है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने दिखाया है कि कैसे कुछ लोग इस सेंसिटिव और पवित्र जगह को कूड़ेदान में बदल रहे हैं.
चंद्रताल झील का वायरल वीडियो
इस वायरल वीडियो ने साबित कर दिया है कि लोग किस तरह से एक अकल्पनीय खूबसूरत जगह में भी गंदगी फैला सकते हैं, इस वीडियो को चंद्रताल झील घूमने गए एक शख्स ने ही बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. यह वीडियो स्पीति घाटी की दिल दहला देने वाली सच्चाई दिखा रहा है. वायरल वीडियो में खूबसूरत और पवित्र चंद्र ताल, जिसे मून लेक भी कहा जाता है, वो लोगों से खचाखच भरा हुआ दिखाई दे रहा है. हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान झील के पानी में तैर रहे एक जोड़ी मोजों ने खींचा.
वीडियो बनाने वाले शख्स का दावा है कि एक महिला ने इन्हें झील में फेंक दिया था. यह घटना पर्यावरण के प्रति लोगों की गैर-जिम्मेदाराना सोच को दिखाता है. एक समय था जब चंद्रताल केवल ट्रेकिंग लवर्स के लिए एक छिपा हुआ खजाना माना जाता था. लेकिन अब यह फेमस टूरिस्ट प्लेस बन चुका है.
ओवरटूरिज्म और बढ़ता कचरा बना बड़ी समस्या
बढ़ती पर्यटकों की संख्या के साथ यहां कचरे और प्रदूषण की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है. करीब 14,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित स्पीति एक ठंडा रेगिस्तानी इलाका है, जहां प्राकृतिक रूप से कचरे को खत्म होने में कई साल लग जाते हैं.
प्लास्टिक, कपड़े, स्नैक रैपर और सिंथेटिक चीजें यहां लंबे समय तक बनी रहती हैं और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती हैं. समय के साथ ये माइक्रोप्लास्टिक में बदलकर झील और आसपास के जल स्रोतों को प्रदूषित कर सकती हैं. इसके अलावा झील के किनारों पर लगातार आवाजाही से मिट्टी का कटाव बढ़ रहा है, जिनकी वजह से वहां पाए जाने वाली दुर्लभ अल्पाइन वनस्पतियां (वे खास पौधे हैं जो पहाड़ों पर उस ऊंचाई के बाद उगते हैं जहां बड़े पेड़ नहीं उग सकते) भी धीरे-धीरे खत्म हो रहे हैं.
रामसर वेटलैंड साइट है चंद्रताल
चंद्रताल केवल एक खूबसूरत पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि इंटरनेशनल महत्व की रामसर वेटलैंड साइट भी है. बंजर पहाड़ी इलाके के बीच स्थित यह झील कई दुर्लभ जानवरों और प्रवासी पक्षियों के लिए जीवनरेखा का काम करती है. यह इलाका हिम तेंदुए, ब्लू शीप और कई अन्य रेयर एनिमल्स के आवास के रूप में जाना जाता है. साथ ही स्थानीय लोगों के लिए चंद्रताल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी बेहद पवित्र है. ऐसे में झील में कूड़ा फेंकना या पानी को गंदा करना स्थानीय समुदाय की भावनाओं को भी आहत करता है.
एक्सपर्ट का मानना है कि अगर चंद्रताल जैसी नाजुक प्राकृतिक धरोहरों को बचाना है तो यहां आने वाले लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए.
टूरिस्ट इन बातों का रखें ध्यान
जो सामान साथ लेकर जाएं, उसे वापस भी लेकर आएं.
झील में कूड़ा, प्लास्टिक या कपड़े बिल्कुल न फेंकें.
पानी में उतरने, कपड़े धोने या अन्य एक्टीविटी से बचें.
स्थानीय प्रशासन और वन विभाग द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करें.
निर्धारित पार्किंग और रास्तों का ही इस्तेमाल करें.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह वीडियो एक चेतावनी की तरह है. अगर टूरिस्ट अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे तो आने वाले समय में प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं.