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500 Year Old Mummy: मनाली घूमने जाएं तो स्पीति के इस गांव को न भूलें, यहां है 500 साल पुरानी ममी

500 Year Old Mummy: हिमाचल प्रदेश के स्पीति घाटी स्थित ग्यू गांव में लगभग 500 साल पुरानी ममी मौजूद है, जिसे बौद्ध भिक्षु संघा तेनजिन का माना जाता है. इस ममी के दांत आज भी दिखाई देते हैं जो इसे खास बनाते हैं. आइए जानते हैं इस ममी से जुड़ी दिलचस्प बातें और इसका इतिहास.

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ग्यू गांव की 500 साल पुरानी ममी देखने दूर-दूर से आते हैं पर्यटक (Photo- ITG)
ग्यू गांव की 500 साल पुरानी ममी देखने दूर-दूर से आते हैं पर्यटक (Photo- ITG)

500 Year Old Mummy: हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में कई ऐसी जगहें हैं, जिनके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे. यहां ऊंचे पहाड़, शांत गांव और प्राकृतिक नजारों के बीच एक ऐसी ममी भी मौजूद है जो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. यह ममी स्पीति घाटी के ग्यू गांव (Gue village) में रखी है. माना जाता है कि यह लगभग 500 साल पुरानी है और बौद्ध भिक्षु संघा तेनजिन की है. खास बात यह है कि इस ममी के दांत आज भी दिखाई देते हैं. इसे देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक यहां पहुंचते हैं.

ग्यू गांव में कहां है यह ममी?

ग्यू गांव हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में स्थित है. यह गांव अपने शांत माहौल, ऊबड़-खाबड़ पहाड़ों और खूबसूरत नजारों के लिए जाना जाता है. यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा भी काफी आकर्षक होता है. लेकिन इस गांव की सबसे खास पहचान यहां मौजूद बौद्ध भिक्षु संघा तेनजिन की ममी है. इसे एक मंदिर में रखा गया है, जहां लोग इसे देखने और इसके इतिहास के बारे में जानने आते हैं.

कैसे मिली थी यह ममी?

बताया जाता है कि साल 1975 में आए भूकंप के कारण एक पुरानी कब्र खुल गई थी. इसके बाद यहां ममी के बारे में पता चला. साल 2004 में इसकी खुदाई की गई, जिसके बाद से यह पुरातत्व विशेषज्ञों और पर्यटकों के लिए दिलचस्पी का विषय बनी हुई है. इस ममी को देखकर लोग हैरान रह जाते हैं, क्योंकि इतने लंबे समय बाद भी इसके शरीर के कुछ हिस्से सुरक्षित दिखाई देते हैं.

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कैसे सुरक्षित रहा भिक्षु का शरीर?
संघा तेनजिन की ममी को लेकर कई तरह की बातें कही जाती हैं. कुछ रिपोर्ट्स में इसे प्राकृतिक तरीके से शरीर के सुरक्षित रहने की प्रक्रिया से जोड़ा जाता है. जापान में बौद्ध भिक्षुओं से जुड़ी एक प्रक्रिया 'सोकुशिनबुत्सु' (Sokushinbutsu) के नाम से जानी जाती है, जिसमें कुछ भिक्षु कठिन तपस्या और बेहद सीमित भोजन के जरिए शरीर को ममी जैसी अवस्था में पहुंचाने की कोशिश करते थे. हालांकि, ग्यू गांव में मिली ममी के मामले में इस प्रक्रिया की पुष्टि को लेकर स्पष्ट वैज्ञानिक जानकारी नहीं है.

आज भी लोगों के लिए है रहस्य
आज संघा तेनजिन की ममी ग्यू गांव के एक मंदिर में रखी हुई है. इसकी खुली आंखों जैसी दिखने वाली जगह, खुले मुंह और दिखाई देने वाले दांत इसे बाकी ममियों से अलग बनाते हैं. यह जगह इतिहास, बौद्ध परंपराओं और पुरातत्व में दिलचस्पी रखने वाले लोगों को आकर्षित करती है. अगर आप स्पीति घाटी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो ग्यू गांव के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं. यहां जाने से पहले स्थानीय रास्तों, मौसम और मंदिर में दर्शन से जुड़े नियमों की जानकारी जरूर कर लें.

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