25 जनवरी 2026 को चुनाव आयोग 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाने जा रहा है. इस कार्यक्रम में देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बतौर चीफ गेस्ट शामिल होंगे. इस बार राष्ट्रीय मतदाता दिवस का थीम 'मेरा भारत, मेरा वोट' रखा गया है और इसकी टैगलाइन है, 'भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक' है.
राष्ट्रीय मतदाता दिवस की परंपरा है कि राष्ट्रपति ही इस कार्यक्रम को संबोधित करते हैं. इस मौके पर राष्ट्रपति नए नामांकित युवा निर्वाचकों को निर्वाचक फोटो पहचान-पत्र (EPIC) सौंपते हैं. राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर दो प्रकाशन भी लॉन्च किए जाएंगे जिनमें '2025 में की गई पहलों और अभिनव अभियानों का वर्ष' और 'चुनाव का पर्व, बिहार का गर्व' शामिल हैं.
राष्ट्रपति अलग-अलग कैटेगिरी में सर्वोत्तम निर्वाचन पद्धतियों के लिए अवॉर्ड से भी सम्मानित करते हैं. इस लिस्ट में प्रौद्योगिकी के प्रभावी इस्तेमाल, चुनाव प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स, अभिनव मतदाता जागरुकता, आदर्श आचार संहिता का कार्यान्वयन और प्रवर्तन (implementation and enforcement), प्रशिक्षण तथा क्षमता-निर्माण के लिए अवॉर्ड और मीडिया के लिए अवॉर्ड भी शामिल हैं.
कार्यक्रम में शामिल होंगे ये खास गेस्ट
इस समारोह में विधि और न्याय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल स्पेशल गेस्ट के तौर पर शामिल होंगे. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी इस कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे.
इस मौके पर चुनावी प्रबंधन और लोकतांत्रिक विकास में भारत निर्वाचन आयोग की ग्लोबल लीडरशिप को दर्शाने वाला एक वीडियो भी दिखाया जाएगा. एक विशेष प्रदर्शनी भी होगी जिसमें चुनावों के अलग-अलग पहलुओं को दिखाया जाएगा. इस प्रदर्शनी में मतदाता सूचियां तैयार करने, निर्वाचनों के संचालन की प्रक्रिया से लेकर भारत निर्वाचन आयोग मतदाताओं के हित में हाल ही में की गई पहलों तक को भी प्रदर्शित किया जाएगा.
जिला स्तर पर भी होगा राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह
राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह पूरे देश में एक साथ राज्य और जिला स्तर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) और जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) के कार्यालयों के जरिए भी आयोजित किए जाते हैं. बूथ लेवल अधिकारी (BLOs) भी अपने-अपने मतदान केन्द्र पर कार्यक्रम आयोजित करते हैं. इस दौरान वो नए रजिस्टर हुए मतदाताओं को सम्मानित करते हैं और नए मतदाताओं को निर्वाचक फोटो पहचान-पत्र (EPIC) सौंपते हैं.