सैयद उमर खालिद (Umar Khalid) एक भारतीय छात्र कार्यकर्ता और JNU में डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन (DSU) के पूर्व नेता हैं. उमर खालिद ने JNU से इतिहास विषय में शोध किया और छात्र संघ की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई. वह कथित रूप से JNU देशद्रोह विवाद में शामिल थे. खालिद को सितंबर 2020 से 2020 के दिल्ली दंगों में कथित संलिप्तता के लिए तिहाड़ जेल में कैद किया गया. खालिद यूनाइटेड अगेंस्ट हेट से भी जुड़े हैं, जो कि नदीम खान के साथ जुलाई 2017 में लिंकन दंगों की एक श्रृंखला के जवाब में स्थापित एक अभियान है.
उमर खालिद का नाम पहली बार व्यापक रूप से 2016 में सुर्खियों में आया, जब JNU परिसर में देशविरोधी नारे लगाने के आरोपों को लेकर विवाद खड़ा हुआ. इस मामले में कई छात्र नेताओं पर कार्रवाई हुई और तभी से उमर खालिद एक चर्चित तथा विवादास्पद चेहरा बन गए. इसके बाद उमर खालिद सामाजिक आंदोलनों, नागरिक अधिकारों और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते रहे. उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में भी हिस्सा लिया, जिसके चलते एक बार फिर वे चर्चा के केंद्र में आ गए.
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की ओर से उमर खालिद के समर्थन और आठ अमेरिकी सांसदों के भारतीय राजदूत को पत्र लिखे जाने के बाद बीजेपी ने आरोप लगाया है कि अमेरिका से भारत विरोधी साजिश रची जा रही है, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भूमिका है. बीजेपी ने राहुल गांधी की 2024 में अमेरिकी सांसद जेनिस शाकोवस्की और इल्हान ओमार से मुलाकात को तथाकथित ‘एंटी-इंडिया कनेक्शन’ का सबूत बताया.
ज़ोहरान ममदानी ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद उमर खालिद को हाथ से लिखी एक चिट्ठी भेजी है. उमर खालिद दिल्ली दंगों का मुख्य आरोपी है. इस चिट्ठी में ममदानी ने कहा है कि वह उमर के उन शब्दों को याद करते हैं जिनमें उसने कड़वाहट से ऊपर उठने की बात कही थी. उन्होंने उमर के माता-पिता से मिलने की खुशी भी जताई और उनकी चिंता जाहिर की. यह चिट्ठी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है और इसे देखकर अमेरिका के आठ सांसद उमर खालिद के समर्थन में आए हैं.
आठ अमेरिकी सांसदों ने उमर खालिद की UAPA के तहत जारी हिरासत पर कथित तौर पर चिंता जताई है. पत्र में भारत से “निष्पक्ष और शीघ्र सुनवाई” की अपील की गई. यह पत्र ऐसे समय आया जब भारत बार-बार स्पष्ट करता रहा है कि हर आरोपी को कानून के तहत न्यायिक संरक्षण मिलता है और मामले अदालतों में विचाराधीन हैं.
न्यूयॉर्क शहर के नए मेयर जोहरान ममदानी ने तिहाड़ जेल में बंद पूर्व जेएनयू छात्र उमर खालिद को एक पत्र लिखा है, जो सोशल मीडिया पर उसी दिन जारी हुआ जब ममदानी ने मेयर के रूप में शपथ ली. पत्र में ममदानी ने उमर और उनके परिवार से मुलाकात का उल्लेख करते हुए उनकी स्थिति पर चिंता जताई है.
दिल्ली दंगे के आरोपी उमर खालिद को ट्रायल कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है. कोर्ट ने उन्होंने बहन की शादी में शामिल होने के लिए ये राहत दी है. कोर्ट ने खालिद को जमानत देते हुए कई शर्तेंं लगाई हैं.