ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma) नोएडा की रहने वाली थी. 9 दिसंबर 2025 को ट्विशा की शादी मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के बेटे समर्थ सिंह से हुई थी. 12 मई 2026 को ट्विशा शर्मा छत के सरिये से फांसी पर लटकी मिली. ट्विशा शर्मा की मौत के इस मामले में पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है.
ट्विशा का भाई हर्षित शर्मा मेजर हैं, उन्होंने ससुरावालों पर हत्या के आरोप लगाए हैं. पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.
ट्विशा शर्मा डेथ केस में 28 मई 2026 को सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया गया. गिरिबाला के घर CBI टीम अचानक पहुंच गई और लगभग 6 घंटे की पूछताछ के बाद उनको गिरफ्तार कर लिया.
ट्विशा का पति समर्थ पेशे से वकील है और इसके माता-पिता रिटायर्ड जज हैं.
समर्थ सिंह और ट्विशा शर्मा की मुलाकात साल 2024 में एक डेटिंग ऐप पर हुई थी. कुछ महीनों की बातचीत के बाद ही शादी की थी. खबरों के मुताबिक ट्विशा शर्मा 2012 में मिस पुणे रह चुकी थी.
ट्विशा शर्मा डेथ केस में CBI ने कोर्ट में चालान दाखिल किया है. पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर आत्महत्या के लिए उकसाने, दहेज प्रताड़ना समेत कई गंभीर धाराओं में आरोप लगाए गए हैं. पढ़ें पूरी कहानी.
Twisha Sharma dowry death case: भोपाल की स्पेशल कोर्ट ने बहुचर्चित पूर्व मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा दहेज मृत्यु मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने आरोपी सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है.
ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह की न्यायिक हिरासत 28 जुलाई तक बढ़ा दी गई है. CBI ने अदालत को बताया कि दोनों वॉयस सैंपल देने में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे जांच प्रभावित हो रही है. इसी आधार पर हिरासत बढ़ाने की मांग की गई, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया.
ट्विशा शर्मा मौत मामले में वॉयस सैंपल को लेकर नया विवाद सामने आया है. सीबीआई ने मध्य प्रदेश की ट्रायल कोर्ट में कहा कि समर्थ ने वॉयस सैंपल देने से इनकार किया. वहीं, गिरिबाला सिंह के वकील ने दावा किया कि उनकी मुवक्किल तीन बार वॉयस सैंपल दे चुकी हैं. समर्थ के वकील का कहना है कि उन्होंने इनकार नहीं किया, बल्कि ट्रांसक्रिप्ट को लेकर सवाल उठाए थे. इस मुद्दे पर सीबीआई और बचाव पक्ष के दावे अलग-अलग हैं.
भोपाल में पूर्व मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में एम्स दिल्ली की अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जांच को नया मोड़ दिया है. रिपोर्ट में जिम्नास्टिक बेल्ट पर ट्विशा की स्किन के टिश्यू मिलने और बेल्ट के निशान का गले की चोट से मेल खाने की पुष्टि हुई है. यह रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी गई है. अब इसे जांच का अहम वैज्ञानिक साक्ष्य माना जा रहा है. वहीं, ट्विशा के परिवार ने दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के गंभीर आरोप लगाए हैं.
ट्विशा शर्मा मौत मामले में दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट एम्स ने CBI को सौंप दी है. सूत्रों के मुताबिक, AIIMS की रिपोर्ट में कहा गया है कि फंदे के लिए इस्तेमाल किए गए जिम्नास्टिक बेल्ट पर स्किन टिश्यू मिले हैं, जो शरीर पर मिले चोट के निशानों से मेल खाते हैं. देखें.
ट्विशा शर्मा मौत मामले में AIIMS दिल्ली के मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम फोरेंसिक रिपोर्ट CBI को सौंप दी है. रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि कथित तौर पर फंदे के लिए इस्तेमाल की गई जिम्नास्टिक्स बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू ट्विशा की गर्दन के चोट के निशानों से मेल खाते हैं. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर 24 मई को दूसरा पोस्टमार्टम किया गया था.
भोपाल की बहुचर्चित ट्विशा केस में आरोपी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत को अदालत ने 14 दिन के लिए बढ़ा दिया है. दोनों की न्यायिक रिमांड सोमवार को समाप्त हो रही थी, जिसके बाद उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया.
भोपाल में बहू ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में जेल में बंद पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घर चोरी की कोशिश की गई. पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर इस मामले की जांच शुरू कर दी है. सीबीआई जांच के बीच दस्तावेजों से छेड़छाड़ की आशंका भी जताई गई है. पढ़ें पूरी कहानी.
भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा हत्याकांड से जुड़े रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह के घर देर रात चोरी की वारदात ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है. नकाबपोश बदमाश घर में घुसकर जेवर, हथियार और दस्तावेज समेट ले गए. हालांकि, पुलिस की सर्चिंग के दौरान आरोपी सामान छोड़कर फरार हो गए. अब पूरे मामले की गहन जांच जारी है.
Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घर 3 नकाबपोश चोरों ने धावा बोला। पुलिस से हाथापाई के बाद आरोपी दस्तावेज और चांदी से भरा बैग छोड़कर भागे। पूरी रिपोर्ट।
ट्विशा मौत मामले में कोर्ट में पेशी के दौरान गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि जेल में उन्हें ट्विशा केस से जुड़ी खबरें काटकर अखबार दिया जा रहा है. उन्होंने कोर्ट से पूरा अखबार देने और वकीलों से मिलने का समय बढ़ाने की मांग की.
ट्विशा शर्मा केस में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के बाद ट्विशा का दोबारा पोस्टमॉर्टम हुआ है. सूत्रों के मुताबिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ऐसी कोई बात नही कही गई है जिससे ये साबित हो की ट्विशा का कत्ल हुआ है. शरीर पर जख्म के निशान है लेकिन वो निशान ऐसे नहीं है जिससे किसी की मौत हो जाए.
ट्विशा शर्मा की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट AIIMS दिल्ली की टीम ने CBI को सौंप दी है. पहली रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी बताई गई थी, जबकि परिवार ने उस पर सवाल उठाए थे. अब CBI चोटों, डिलीट डेटा और रिश्तों में तनाव की जांच कर रही है. पढ़ें पूरी कहानी.
भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में न्यायिक हिरासत में बंद पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को लेकर नई जानकारी सामने आई है. राज्य महिला आयोग के जेल निरीक्षण के दौरान वह किताब पढ़ती नजर आईं. आयोग ने स्वास्थ्य, सुविधाओं और कथित वीआईपी ट्रीटमेंट के आरोपों की भी जांच की, जबकि मामले की जांच लगातार जारी है.
ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच सवालों के घेरे में हैं. भोपाल पुलिस के प्रॉपर्टी सीजर मेमो ये बता रहा है कि ट्विशा की मौत को लेकर पुलिस ने किस लापरवाही और बेपरवाह अंदाज में जांच की थी. क्या ये अनजाने में हुई भोपाल पुलिस की गलती थी या जज रही गिरिबाला सिंह का खौफ? देखें वारदात.
ट्विशा शर्मा डेथ केस में पूर्व जज गिरिबाला सिंह अब भोपाल सेंट्रल जेल की कैदी हैं. ट्विशा की मौत मामले में उन्हें और उनके बेटे समर्थ सिंह को सेंट्रल जेल भेज दिया गया. जेल सूत्रों के मुताबिक, गिरिबाला सिंह को महिला मेडिकल सेक्शन में रखा गया है, जहां उनकी पहचान अब कैदी नंबर 71 से होगी. वहीं समर्थ सिंह को जेल की बैरक नंबर-4 में रखा गया है, जो कैदी नंबर 1782 हैं.
ट्विशा शर्मा मौत मामले में सुनवाई के दौरान भोपाल अदालत में हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने अपना पक्ष खुद रखते हुए ट्विशा के परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव पर उनके बेटे समर्थ सिंह के साथ धक्कामुक्की का आरोप लगाया, जिसे वकील ने खारिज कर सीसीटीवी जांच की मांग की. गिरिबाला ने मीडिया ट्रायल, क्राइम सीन रीक्रिएशन और फुटेज लीक पर भी सवाल उठाए.
भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई जांच एक अहम चरण में पहुंच गई है. पांच दिन की रिमांड पूरी होने के बाद आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां कई नए दावे और सवाल सामने आए. इससे पहले जांच एजेंसी ने घटनास्थल पर पहुंचकर क्राइम सीन का पुनर्निर्माण किया और विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की थी.
ट्विशा की मौत मामले में CBI ने क्राइम सीन का लाइव रिक्रिएशन और डमी ट्रायल कराया. मृतका की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को घटनास्थल पर ले जाकर पूरी घटना दोहराई गई. जानिए इस डमी ट्रायल का मकसद और पूरी कहानी.
ठीक 20 दिन बाद एक बार फिर ट्विशा की मौत हुई. इस बार ये एक 'डमी' मौत थी. वही घर, वही छत, वैसा ही फंदा और वही दो लोग, जिन्होंने ट्विशा को फांसी के फंदे पर लटकते देखने का दावा किया था. यानी ट्विशा की सास और ट्विशा का पति. ट्विशा की कदकाठी का और ठीक उसी के वजन का एक पुतला तैयार किया गया. और उसके गले में फंदा डाला गया.