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ट्विशा शर्मा की फंदे की बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू, AIIMS दिल्ली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

ट्विशा शर्मा मौत मामले में AIIMS दिल्ली के मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम फोरेंसिक रिपोर्ट CBI को सौंप दी है. रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि कथित तौर पर फंदे के लिए इस्तेमाल की गई जिम्नास्टिक्स बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू ट्विशा की गर्दन के चोट के निशानों से मेल खाते हैं. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर 24 मई को दूसरा पोस्टमार्टम किया गया था.

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एम्स दिल्ली ने सीबीआई को सौंपी दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट. (Photo: ITG)
एम्स दिल्ली ने सीबीआई को सौंपी दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट. (Photo: ITG)

भोपाल में अपने ससुराल में 12 मई को फंदे से लटकी मिलीं ट्विशा शर्मा का कोर्ट के आदेश पर दूसरा पोस्टमॉर्टम AIIMS दिल्ली के मेडिकल बोर्ड ने किया था. बोर्ड ने CBI को अपनी फ़ाइनल फ़ोरेंसिक रिपोर्ट सौंप दी है. जिसमें पुष्टि की गई है कि जिस चीज़ (जिम्नास्टिक्स बेल्ट) से कथित तौर पर फंदा बनाया गया था, उस पर स्किन टिश्यू मौजूद थे और ये टिश्यू पीड़िता की गर्दन पर लगी चोट के निशान से मेल खाते थे.

एक एजेंसी के मुताबिक 5 सदस्यों वाले बोर्ड ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए 10 जुलाई को एक सीलबंद लिफ़ाफ़े में अपनी 11 पेज की रिपोर्ट CBI को सौंपी. रिपोर्ट में लैब और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच से पुष्टि हुई कि फंदे के लिए इस्तेमाल की गई कथित जिम्नास्टिक्स बेल्ट पर स्किन टिश्यू मौजूद थे.

24 मई को हुआ था दूसरा पोस्टमार्टम (Photo: ITG)

फंदे के लिए इस्तेमाल की गई चीज़ पर मिले स्किन टिश्यू
सूत्रों के मुताबिक हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी एक कंप्लायंस रिपोर्ट (अनुपालन रिपोर्ट) भेजी गई है. आपको बता दें कि फ़ोरेंसिक रिपोर्ट ने एक अहम विवाद को सुलझा लिया है. अब साफ हो गया है कि मेटल रिंग वाली जिम्नास्टिक्स बेल्ट, जिसका इस्तेमाल फंदे के लिए किया गया था, वही असली चीज़ थी जिससे फंदा बनाया गया था? 

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वहीं पहली ऑटोप्सी से यह बात साफ़ नहीं हो पाई थी. क्योंकि कथित तौर पर फंदे के लिए इस्तेमाल की गई चीज़ मेडिकल बोर्ड के सामने पेश नहीं की गई थी. इसी वजह से हाई कोर्ट ने AIIMS दिल्ली के मेडिकल बोर्ड से दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने का आदेश दिया था. जांच के नतीजों की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार लैब और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच में कथित तौर पर फंदे के लिए इस्तेमाल की गई चीज़ पर स्किन टिश्यू मिले. इससे यह साबित हुआ कि ये टिश्यू दूसरे पोस्टमॉर्टम के दौरान देखे गए फंदे के निशान और चोट के पैटर्न से मेल खाते थे.

ट्विशा केस में जेल में है पति और सास. (Photo: ITG)

24 मई को हुआ था दूसरा पोस्टमार्टम
बोर्ड की विस्तृत राय गोपनीय रखी गई है. क्योंकि इसे 22 मई को जारी कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सीलबंद लिफ़ाफ़े में CBI को सौंपा गया था. AIIMS बोर्ड ने 24 मई को दूसरा पोस्टमॉर्टम किया और जांच के हिस्से के तौर पर घटना वाली जगह का दौरा भी किया था. रिपोर्ट के नतीजों का खुलासा करने से इनकार करते हुए AIIMS दिल्ली में फ़ोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा कि बोर्ड ने किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले पूरी वैज्ञानिक जांच-पड़ताल की.

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गुप्ता ने कहा कि मेडिकल बोर्ड ने वैज्ञानिक आधार के साथ विस्तृत राय देने से पहले, लगभग एक महीने तक सभी संभावित पहलुओं से मामले पर बहुत बारीकी से विचार किया और सभी उपलब्ध राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स को ध्यान में रखा. सच्चाई और न्याय के हित में CBI और न्यायपालिका के लिए यह बिल्कुल स्पष्ट राय है. उन्होंने इस बारे में और जानकारी देने से इनकार कर दिया और कहा कि कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए रिपोर्ट एक सीलबंद लिफ़ाफ़े में CBI को सौंप दी गई थी.

ट्विशा मामले की सीबीआई कर रही है जांच. (Photo: ITG)

12 मई को फंदे से लटकी मिली थी ट्विशा
भेजे गए पत्र के अनुसार सीलबंद रिपोर्ट CBI जांच अधिकारी को सौंप दी गई. जबकि दूसरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी जांच एजेंसी की कस्टडी में रही. आपको बता दें कि रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा 12 मई को भोपाल में अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई पाई गई थीं. शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम में खामियों का आरोप लगाते हुए उनके परिवार ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का रुख किया था. जिसने AIIMS दिल्ली से दूसरा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया और बाद में जांच CBI को सौंप दी. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच में अहम कड़ी साबित होगी. 

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