सुचिका तरियाल (Suchika Tariyal) भारतीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने जूडो, कुराश, जूजित्सु और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स यानी एमएमए में भारत का प्रतिनिधित्व किया है. 2026 में सुचिका ने एएमएमए एशियन चैंपियनशिप में महिलाओं के 60 किलोग्राम ट्रेडिशनल एमएमए वर्ग में कांस्य पदक जीता. 2026 के नागोया एशियाई खेलों में उन्होंने महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया. इसके साथ वह एशियाई खेलों में एमएमए में पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं.
खेलों के अलावा सुचिका केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में हेड कांस्टेबल के पद पर भी कार्य कर चुकी हैं. बाद में वह हरियाणा सरकार के खेल विभाग से जुड़ी और जूनियर कोच के रूप में काम किया. वह एमटीवी रोडीज के 18वें सीजन में प्रतियोगी भी रही हैं. इसके अलावा उन्होंने डिस्कवरी प्लस के कार्यक्रम इंडियाज अल्टीमेट वॉरियर में भी हिस्सा लिया.
उनका जन्म 16 अगस्त 1990 को उत्तर प्रदेश के बुढाना में हुआ था. उनका पालन पोषण हरियाणा के रोहतक में हुआ. खेलों में आने की उनकी राह आसान नहीं रही. एक रूढ़िवादी परिवार से होने के कारण उन्हें शुरुआत में परिवार के विरोध का सामना करना पड़ा. खास तौर पर उनकी दादी लड़कियों के घर से बाहर जाने के पक्ष में नहीं थीं.
सुचिका ने करीब 12 साल की उम्र में छेड़छाड़ की एक घटना का सामना किया. इसके बाद उन्होंने अपनी सुरक्षा और आत्मविश्वास के लिए मार्शल आर्ट्स से जुड़ने का फैसला किया. उन्होंने अपने खेल करियर की शुरुआत जूडो से की. जूडो में उन्होंने भारत की ओर से 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और राष्ट्रीय स्तर पर आठ खिताब अपने नाम किए.
2018 के राष्ट्रमंडल जूडो चैंपियनशिप में सुचिका ने महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता. इसके बाद 2019 में उन्होंने राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप और दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया. उन्होंने कई एशियाई जूडो चैंपियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया. 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में वह महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में पांचवें स्थान पर रहीं और कांस्य पदक के मुकाबले में हार गईं.
इसके बाद सुचिका ने कुराश में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने 2022 में हांगझोउ में आयोजित एशियाई खेलों में कुराश प्रतियोगिता में हिस्सा लिया. बाद में उन्होंने जूजित्सु का रुख किया. 2024 में ग्रीस के हेराक्लिओन में आयोजित जूजित्सु विश्व चैंपियनशिप में उन्होंने कॉन्टैक्ट फीमेल 63 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता.
सुचिका का एमएमए से जुड़ाव भी रहा है. उन्होंने 2017 में पेशेवर एमएमए में पदार्पण किया था. जूडो और जूजित्सु पर ध्यान देने के कारण उन्होंने करीब सात साल तक पेशेवर एमएमए से दूरी बनाए रखी. दिसंबर 2024 में उन्होंने बहरीन में आयोजित BRAVE CF 92 से पेशेवर एमएमए में वापसी की.
एशियन गेम्स के दूसरे दिन भारत की झोली में तीन सिल्वर और एक ब्रॉन्ज सहित कुल चार मेडल आए. इसके साथ ही भारत के पास दो दिन के खेल के बाद 6 मेडल हो चुके हैं. आने वाले दिनों में मेडलों की संख्या में जबरदस्त इजाफा देखने को मिल सकता है.
36 साल की सुचिका तारियाल ने जापान में इतिहास रचते हुए भारत को एशियन गेम्स में एमएमए का पहला पदक दिलाया. हरियाणा की इस खिलाड़ी ने महिलाओं की 60 किग्रा स्पर्धा में कांस्य जीता. सेमीफाइनल में मुकाबला बराबर रहने के बाद कम वजन के नियम से वह फाइनल में नहीं पहुंच सकीं. कभी संन्यास लेने का सोच चुकीं सुचिका अब आगे भी खेलने के लिए प्रेरित हैं और इस उपलब्धि को परिवार को समर्पित किया.