स्मॉग (Smog) वायु प्रदूषण की एक गंभीर समस्या है, जो खासतौर पर सर्दियों के मौसम में देखने को मिलती है. स्मॉग शब्द स्मोक और फॉग से मिलकर बना है. इसका अर्थ है धुएं और कोहरे का मिश्रण. इसमें मौजूद प्रदूषक तत्व हवा की गुणवत्ता को खराब करते हैं और लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं.
स्मॉग बढ़ने के कई कारण हैं. वाहनों से निकलने वाला धुआं, फैक्ट्रियों से होने वाला प्रदूषण, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, कचरा जलाना और पराली जलाना इसके प्रमुख कारण हैं. सर्दियों में हवा की गति कम होने और तापमान से जुड़ी मौसमी परिस्थितियों के कारण प्रदूषक जमीन के पास जमा हो जाते हैं. इससे कई शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है.
स्मॉग का सबसे अधिक असर सांस और आंखों पर पड़ता है. इसके कारण आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी और सांस लेने में परेशानी हो सकती है. अस्थमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को इससे अधिक खतरा रहता है. लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से फेफड़ों और हृदय से जुड़ी बीमारियों का जोखिम भी बढ़ सकता है.
स्मॉग से बचाव के लिए जरूरी है कि लोग वायु प्रदूषण कम करने में अपनी भूमिका निभाएं. निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें और जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन या कार पूल का विकल्प अपनाएं. कचरा और सूखी पत्तियां खुले में न जलाएं. निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के उपाय किए जाएं और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर नियमों के अनुसार नियंत्रण रखा जाए.
प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर बाहर व्यायाम करने से बचना चाहिए. जरूरत पड़ने पर अच्छी गुणवत्ता वाला एन95 मास्क इस्तेमाल किया जा सकता है. घरों में बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.
स्मॉग केवल पर्यावरण की समस्या नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी एक बड़ी चुनौती है. इसे नियंत्रित करने के लिए सरकार, उद्योगों और आम लोगों को मिलकर प्रयास करने होंगे. स्वच्छ हवा स्वस्थ जीवन की बुनियादी जरूरत है.
दिल्ली का AQI सोमवार को 349 पहुंचकर बहुत खराब श्रेणी में आ गया. दो दिन हुई बारिश की राहत अब खत्म हो चुकी है. पराली जलाने से और शांत हवा से प्रदूषण बढ़ा है. अगले दिनों स्मॉग और बढ़ने की आशंका है.
दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए CAQM ने संशोधित GRAP लागू कर दिया है. इसके तहत AQI स्तर के मुताबिक चार चरणों में पाबंदियां लगाई जाएंगी. GRAP के नियमों के मुताबिक निजी वाहनों की पार्किंग फीस बढ़ाई जाएगी, स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई का विकल्प मिलेगा और ऑफिस में आधे स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति दी जाएगी.
दिल्ली में रविवार को हवा की गुणवत्ता में गिरावट आई है, औसत AQI 187 पर पहुंच गया जो पिछले 83 दिनों में सबसे खराब स्तर है. 16 निगरानी स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पाई गई. वहीं, तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. इसके अलावा पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पराली जलाने के मामले भी सामने आए हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ गया है.
IMD Weather Bulletin: सर्दियां शुरू होते ही दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है. उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत में फिलहाल किसी बड़े मौसमी बदलाव का अनुमान नहीं है, जबकि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में तेज हवाएं चल सकती हैं. दक्षिण भारत में बारिश का दौर तेज होने के आसार हैं.
दशहरा खत्म होते ही दिल्ली में मौसम ने करवट ली है. बुधवार सुबह कई इलाकों में कोहरा देखने को मिला, जबकि अक्षरधाम के पास बायोडायवर्सिटी पार्क में घना कोहरा रहा. दिल्ली में फिलहाल मौसम शुष्क रहेगा और 25 अक्टूबर तक बारिश के आसार नहीं हैं.