रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन वर्ष 2025 में भारत के दो-दिवसीय राजकीय दौरे पर थे. यह यात्रा दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देने के लिहाज से काफी अहम रही. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर होने वाला यह दौरा रक्षा सहयोग, ऊर्जा साझेदारी, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर केंद्रित था.
Ministry of External Affairs (MEA) के अनुसार पुतिन 4-5 दिसंबर 2025 को भारत आए थे.
खबरों के अनुसार, दोनों देशों के बीच आधुनिक रक्षा तकनीक के संयुक्त उत्पादन, साइबर सुरक्षा सहयोग, और अंतरिक्ष अनुसंधान कार्यक्रमों पर प्रमुख समझौते किए जाने की संभावना रही.
भारत ने मजबूती से रुख अपनाया कि BRICS पश्चिम-विरोधी नहीं, बल्कि गैर-पश्चिमी मंच होना चाहिए. भारत के इस रुख का समर्थन ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे सदस्यों ने भी किया.
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रूसी दूत ने हिंदी में बातचीत की और खास संदेश दिया. रूसी दूतावास के प्रेस सेक्रेटरी प्योत्र सिजोव ने कहा कि ब्रिक्स के बीच सहयोग का स्तर तेजी से बढ़ रहा है.
दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। मोदी-पुतिन की करीब 45 मिनट चर्चा में भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर सहमति बनी।
PM मोदी और व्लादिमीर पुतिन के बीच 45 मिनट से अधिक चली बैठक में ब्लैक सी में भारतीय नाविकों की सुरक्षा और यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 65 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा. वीडियो में जानें बातचीत का मुद्दा.
BRICS समिट: लेनिनग्राद के एक तंग कम्यूनल अपार्टमेंट में पली-बढ़ी यह शख्सियत कैसे सड़कों की लड़ाई से जूडो की मैट, केजीबी (KGB) की अंडरकवर जासूसी और आखिरकार क्रेमलिन के तख्त तक पहुंची? आइए जानते हैं रूस के 'सुप्रीम लीडर' व्लादिमीर की एजुकेशन और उनके असाधारण सफर की पूरी असाधारण कहानी.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 11 सितंबर को BRICS Summit 2026 में शामिल होने दिल्ली पहुंचे। पालम एयरफोर्स स्टेशन पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया। पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत करेंगे।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS समिट में शामिल होने शुक्रवार को भारत पहुंचे. तड़के 3 बजे उनका विमान दिल्ली में उतरा. एय़रपोर्ट पर विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने पुतिन का स्वागत किया. आज दोपहर पीएम मोदी और पुतिन की मुलाकात होगी. भारत के लिए ये बेहद अहम है. रूस से नई डिफेंस डील हो सकती है. देखें वीडियो.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली पहुंच गए हैं. पुतिन का विमान पालम एयरपोर्ट पर उतरा. वे BRICS Summit में शामिल होने के लिए दिल्ली आएं हैं. एयरपोर्ट पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया.
भारत अपने Su-30MKI लड़ाकू विमानों में रूस के RVV-BD मिसाइल को शामिल करने की तैयारी कर रहा है. यह मिसाइल 7408 km/hr की रफ्तार से उड़ती है. 200-300 किमी रेंज है. AWACS जैसे जरूरी टारगेट को दूर से ही नष्ट कर सकती है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर 55 मिनट लंबी बातचीत हुई. इस दौरान दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन संघर्ष और अमेरिका-ईरान विवाद जैसे मुद्दों पर चर्चा की. बातचीत में ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन के साथ जारी युद्ध को खत्म करना बेहद जरूरी है.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इसी इसी साल सितंबर में BRICS शिखर सम्मेलन होने वाला है. इसमें रूसी राष्ट्रपति पुतिन शामिल और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शामिल होने की उम्मीद है.
रूसी राष्ट्रपति सितंबर में BRICS शिखर सम्मेलन के लिए भारत आएंगे. यह एक साल के भीतर उनकी दूसरी भारत यात्रा होगी. दिल्ली में होने वाले इस हाई-प्रोफाइल सम्मेलन में वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस साल भारत में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जिसकी पुष्टि क्रेमलिन ने की है. यह उनकी एक साल से कम समय में दूसरी भारत यात्रा होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में होने वाला यह समिट वैश्विक दक्षिण, आर्थिक सहयोग और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहेगा, और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच इसकी अहमियत और बढ़ गई है.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आखिरी बार 2021 में भारत आए थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2024 में दो बार रूस की यात्रा की थी. वे BRICS समिट के लिए अक्टूबर में रूस गए थे. उन्होंने इससे पहले जुलाई में भी रूस दौरा किया था. तब उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन को भारत आने का न्योता दिया था.
S-400 एक मजबूत क्षेत्रीय ढाल है, जबकि S-500 राष्ट्रीय+स्पेस किला है. जो काम S-400 नहीं कर सकता, वो काम S-500 कर सकता है. दुश्मन की मिसाइल दिखी नहीं कि चार सेकेंड में रिएक्ट करता है. हवा में 200 किलोमीटर ऊपर नष्ट कर सकता है. सैटेलाइट भी उड़ा सकता है.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज भारत दौरे पर आ रहे हैं, जिसके बाद उनके धर्म को लेकर चर्चा की जा रही है. ईसाई धर्म तीन सम्प्रदाय में बंटा हुआ है. कैथोलिक, प्रोटेस्टेंट और ऑर्थोडॉक्स ईसाई. पुतिन ऑर्थोडॉक्स ईसाई धर्म का पालन करते हैं, जो कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट से अलग है.
रूस और भारत ने फैसला किया है कि अपने नए अंतरिक्ष स्टेशन ROS और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) एक ही 51.6° कक्षा में रखेंगे. इससे दोनों देशों के अंतरिक्ष यात्री आसानी से एक-दूसरे के स्टेशन पर जा सकेंगे. रोस्कोस्मोस प्रमुख दमित्री बकानोव ने यह घोषणा की.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दो दिवसीय भारत दौरा पूरा हो गया है. इस दौरे पर पूरी दुनिया की नजर थी. पुतिन के दौरे के दौरान भारत-रूस के 19 समझौतों पर मुहर लगी. पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत में रूस-यूक्रेन युद्ध और आपसी सहयोग बढ़ाने पर भी बात हुई. देखें 'श्वेतपत्र'
दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत और रूस के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों का आदान-प्रदान किया. ये समझौते दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हैं. यह समझौता दो देशों के आर्थिक और सामरिक क्षेत्र में सहयोग की दिशा में एक बड़ा प्रयास है.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार भारत आए थे. उनका यह दौरा कई मायनों में काफी महत्वपूर्ण रहा. पुतिन का यह भारत दौरा ऐसे समय पर हुआ, जब रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त 25 फीसदी का टैरिफ लगा रखा है.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की निजी जिंदगी हमेशा रहस्य में रही है, खासकर उनकी बेटियों को लेकर. पुतिन और उनकी पूर्व पत्नी ल्युदमिला की दो बेटियां हैं, जो पब्लिक लाइफ से दूर रहकर अपने क्षेत्रों में बड़ा योगदान दे रही हैं.