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'अमृत शिवसेना-BJP को मिला, विष NCP को...' कॉर्पोरेशन वॉर के बीच प्रफुल्ल पटेल ने नकार दी ये थ्योरी

मंत्रियों के इस्तीफों और विभाग बदले जाने को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि ये किसी दबाव में नहीं हुआ. पार्टी ने पब्लिक सेंसिटिविटी को देखते हुए फैसले लिए. उन्होंने कहा कि NCP ये नहीं मानती कि इस्तीफा कमजोरी की निशानी है, बल्कि कई बार छवि बचाने के लिए त्याग जरूरी होता है.

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महायुती पर प्रफुल्ल पटेल का दावा: हम आज भी साथ हैं, 2029 में भी साथ रहेंगे
महायुती पर प्रफुल्ल पटेल का दावा: हम आज भी साथ हैं, 2029 में भी साथ रहेंगे

महाराष्ट्र में नौ साल बाद हो रहे कॉर्पोरेशन वॉर ने सियासी हलचल तेज कर दी है. स्थानीय चुनावों से पहले गठबंधन की मजबूती, रीयूनिफिकेशन और अंदरूनी खींचतान को लेकर उठ रहे सवालों पर NCP नेता और राज्यसभा सांसद प्रफुल्ल पटेल ने आजतक के 'मुंबई मंथन' में खुलकर जवाब दिए.

पटेल ने साफ कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान दिख रही बयानबाजी को महायुती में दरार या किसी रीयूनिफिकेशन की शुरुआत मानना गलत होगा. उनका दो टूक जवाब था, 'हम आज भी साथ हैं और 2029 में भी साथ नजर आएंगे.' ये जवाब उस सवाल पर आया, जिसमें उनसे पूछा गया था कि स्थानीय चुनावों में BJP, शिवसेना और NCP नेताओं के बयान एक-दूसरे के खिलाफ क्यों जा रहे हैं?

'स्थानीय चुनाव में जोश बढ़ता है, जीभ फिसलती है'

प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि नौ साल बाद स्थानीय चुनाव हो रहे हैं इसलिए कार्यकर्ताओं और नेताओं में असंतोष स्वाभाविक है.
उन्होंने कहा कि ये छोटे चुनाव हैं, लेकिन भावनाएं बड़ी हैं. कई बार नेता भूल जाते हैं कि हम प्रतिद्वंद्वी हैं, दुश्मन नहीं. पटेल के मुताबिक, इन बयानों को गठबंधन टूटने से जोड़ना जल्दबाजी होगी.

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रीयूनिफिकेशन पर बोले- कोई प्रस्ताव, कोई बातचीत नहीं

पुणे-पिंपरी चिंचवाड़ में अजित पवार और शरद पवार के नेताओं के आमने-सामने चुनाव लड़ने और एक-दूसरे के सिंबल पर लड़ने को लेकर उठे सवाल पर पटेल ने कहा कि इसे जीरो से हंड्रेड मत बनाइए. पंद्रह दिन पहले तक दोनों गुट आमने-सामने थे. उन्होंने साफ किया कि NCP के रीयूनिफिकेशन को लेकर न कोई प्रस्ताव है और न ही कोई मंथन.

नवाब मलिक मुद्दे पर कहा,'आरोप से कोई दोषी नहीं हो जाता'

मुंबई में गठबंधन न बनने की वजह बताए गए नवाब मलिक विवाद पर प्रफुल्ल पटेल ने कहा, 'नवाब मलिक हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं. सिर्फ आरोप लगने से कोई गलत नहीं हो जाता.' उन्होंने याद दिलाया कि नवाब मलिक और उनकी बेटी सना मलिक दोनों पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार रहे, इसके बावजूद गठबंधन बना रहा और सरकार चली. पटेल ने कहा कि स्थानीय नेताओं के बयानों को गठबंधन की नीति से जोड़ना गलत है.

इस्तीफे, कार्रवाई और 'डबल स्टैंडर्ड' के आरोप पर जवाब

मंत्रियों के इस्तीफों और विभाग बदले जाने को लेकर उठ रहे सवालों पर पटेल ने कहा, 'ये किसी दबाव में नहीं हुआ. पार्टी ने पब्लिक सेंसिटिविटी को देखते हुए फैसले लिए.' उन्होंने कहा कि NCP ये नहीं मानती कि इस्तीफा कमजोरी की निशानी है, बल्कि कई बार छवि बचाने के लिए त्याग जरूरी होता है.

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'अमृत हमें, विष NCP को' इस थ्योरी को नकारा

मुंबई मंथन में जब उनसे पूछा गया कि महायुती के मंथन से अमृत BJP-शिवसेना को और विष NCP को मिलता है, तो पटेल ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, 'ये पूरी तरह गलतफहमी है. हमारी राजनीति की शैली अलग है और हमें उसी पर भरोसा है.' महायुती के भविष्य और 2029 को लेकर पटेल ने कहा, 'हमने BJP के साथ सोच-समझकर, परिपक्व चर्चा के बाद गठबंधन किया है.' उनका दावा था कि NCP न सिर्फ सरकार में, बल्कि 2029 के चुनाव में भी महायुती का हिस्सा रहेगी.
 

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