प्रदीप रावत (Pradeep Rawat) भारतीय सिनेमा के जाने पहचाने अभिनेताओं में शामिल रहे. उन्होंने हिंदी के साथ तेलुगु, तमिल और कई अन्य भाषाओं की फिल्मों में काम किया. फिल्मों में उन्हें खास तौर पर खलनायक और नकारात्मक किरदारों के लिए जाना गया. उनका जन्म 21 जनवरी 1952 को हुआ था. 4 अगस्त 2026 को उनका निधन हो गया.
प्रदीप रावत ने अभिनय की दुनिया में अपनी शुरुआत टेलीविजन से की थी. उन्हें बी आर चोपडा के चर्चित धारावाहिक महाभारत में अश्वत्थामा का किरदार निभाने का मौका मिला. इस भूमिका के बाद उन्हें दर्शकों के बीच पहचान मिली और फिल्मों में काम करने का रास्ता आगे बढ़ा.
तेलुगु सिनेमा में प्रदीप रावत की एंट्री फिल्म साई से हुई. इसके बाद उन्होंने कई तेलुगु फिल्मों में अलग अलग भूमिकाएं निभाईं. दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम करते हुए उन्होंने तमिल सिनेमा में भी अपनी जगह बनाई.
साल 2005 में आई तमिल फिल्म 'गजनी' में प्रदीप रावत ने दोहरी भूमिका निभाई थी. इस फिल्म में उनके अभिनय को कहानी के अहम हिस्से के तौर पर देखा गया. बाद में जब गजनी का हिंदी रीमेक बनाया गया, तो प्रदीप रावत ने उसमें भी अपनी भूमिका दोहराई.
प्रदीप रावत ने कन्नड सिनेमा में फिल्म पैरॉडी के जरिए कदम रखा. इसके बाद उन्होंने मलयालम फिल्मों में भी काम किया. मलयालम सिनेमा में उनकी फिल्म चाइना टाउन रही.
उनका जुड़ाव बंगाली और भोजपुरी सिनेमा से भी रहा. बंगाली फिल्मों में उन्होंने हीरो 420 में काम किया. वहीं भोजपुरी सिनेमा में उन्होंने क्रैक फाइटर में अभिनय किया.
प्रदीप रावत ने अपने लंबे फिल्मी करियर में अलग अलग भाषाओं की फिल्मों में काम किया. हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा के अलावा उन्होंने क्षेत्रीय फिल्मों में भी अभिनय किया.
लगान और गजनी समेत कई फिल्मों में नजर आने वाले प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में मंगलवार शाम को निधन हो गया. बुधवार शाम एक्टर को अंतिम विदाई दी गई.
'गजनी' फेम एक्टर प्रदीप रावत ने अपने आखिरी इंटरव्यू में स्टेज-4 कैंसर, 6 हार्ट ब्लॉकेज और बायपास सर्जरी की दर्दनाक कहानी सुनाई थी. जानिए कैसे उन्होंने हर मुश्किल का डटकर सामना किया.