सिक्किम के दक्षिण जिले में स्थित नामची (Namchi) एक शांत, खूबसूरत और आध्यात्मिक शहर है, जो अपनी उम्दा प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक विविधता के लिए प्रसिद्ध है. समुद्र तल से लगभग 1,675 मीटर की ऊंचाई पर बसे इस शहर का अर्थ ही “आकाश जैसा बड़ा” या “स्काई हाई” है, जो अपने नाम को पूरी तरह सार्थक साबित करता है.
नामची का सबसे बड़ा आकर्षण सोलोफोक चार्डाम है, जहां भगवान शिव की 108 फीट ऊंची प्रतिमा सहित चारों धाम- जगन्नाथपुरी, द्वारका, बद्रीनाथ और रामेश्वरम के प्रतिरूप बनाए गए हैं. यह स्थान न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि अपनी भव्यता और शांत वातावरण के कारण हर पर्यटक को प्रभावित करता है. इसके अलावा समद्रुप्त्से पहाड़ी पर स्थित गुरू पद्मसंभव की 135 फीट ऊंची प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची मूर्तियों में से एक मानी जाती है.
प्राकृतिक सौंदर्य की बात करें तो नामची हरे-भरे पर्वतों, चाय बागानों और रंग-बिरंगे फूलों से भरा है. टेमें चाय बागान यहां का प्रमुख आकर्षण है, जहां से कंचनजंघा पर्वत का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है. शांत वातावरण, स्वच्छ हवा और पहाड़ी रास्तों पर सैर नामची को प्रकृति प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन जगह बनाती है.
नामची में हर साल आयोजित होने वाला नामची महोत्सव स्थानीय संस्कृति, भोजन और लोक कला का शानदार प्रदर्शन करता है. यह शहर आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ अपनी पारंपरिक पहचान को भी संभालकर रखे हुए है.
सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन NHPC तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए हादसे में अब तक कुल 22 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं. 3 लोगों की तलाश अब भी जारी है.
सिक्किम विश्वविद्यालय की छात्रा की नामची जिले के हिडन फॉल्स झरने में डूबने से मौत हो गई. लड़की अपने दोस्तों के साथ घूमने गई थी. झरने के नीचे बने भंवर में फंसने से वह बाहर नहीं निकल पाई. यह इलाका खासतौर पर मानसून में और खतरनाक हो जाता है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.