मोहम्मदी (Mohammadi) उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में स्थित एक प्रमुख नगर और नगर पालिका क्षेत्र है. यह क्षेत्र लखनऊ मंडल के अंतर्गत आने वाले लखीमपुर खीरी जिले का हिस्सा है.
मोहम्मदी का इतिहास अवध और ब्रिटिश काल की घटनाओं से जुड़ा रहा है. वर्ष 1856 में अवध के विलय के बाद वर्तमान जिले के पश्चिमी हिस्से को मोहम्मदी नाम से एक जिला बनाया गया था. इसके पूर्वी हिस्से को मल्लानपुर जिले में शामिल किया गया था. बाद में प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव के साथ जिले का मुख्यालय लखीमपुर स्थानांतरित कर दिया गया.
1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान मोहम्मदी उत्तरी अवध के प्रमुख घटनास्थलों में शामिल रहा. उस समय यहां ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष और प्रशासनिक उथल-पुथल की घटनाएं हुई थीं. जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट भी मोहम्मदी को 1857 के घटनाक्रम से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान बताती है.
वर्तमान समय में मोहम्मदी और इसके आसपास का क्षेत्र कृषि आधारित है. यहां गन्ने की खेती प्रमुख रूप से की जाती है. स्थानीय स्तर पर मोहम्मदी का नाम केतकी के फूल के कारण भी लिया जाता है. हालांकि इस फूल से जुड़ी विशेष स्थानीय पहचान के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है.
मोहम्मदी क्षेत्र में कई धार्मिक और स्थानीय दर्शनीय स्थल मौजूद हैं. इनमें मेहंदी बाग, नवाब छब्बन साहब की कोठी, देवीस्थान मंदिर, हनुमान मंदिर, टेढेनाथ शिव मंदिर, जामा मस्जिद, गुरुद्वारा और जंगलीनाथ शिव मंदिर जैसे स्थान शामिल हैं. आसपास के लखीमपुर खीरी जिले में दुधवा टाइगर रिजर्व और अन्य वन्यजीव क्षेत्र भी प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिने जाते हैं.