यह वाक्य स्पष्ट करता है कि माननीय प्रधानमंत्री केवल किसी पार्टी के नेता नहीं हैं बल्कि पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं. जब कोई भी प्रधानमंत्री इजरायल जैसे देशों का दौरा करते हैं तो उनके कंधों पर भारत की नैतिक विरासत का ज़िम्मा भी होता है. यह राष्ट्रीय नेतृत्व और नैतिक जिम्मेदारी का प्रतीक है जो देश के प्रधानमंत्री पर होता है.