के कविता (K Kavitha) का पूरा नाम कल्वाकुंतला कविता (Kalvakuntla Kavitha) है. वह वर्तमान में 2020 से निजामाबाद विधान परिषद की सदस्य हैं. वह भारत राष्ट्र समिति की सदस्य हैं. उन्होंने 2014 से 2019 तक निजामाबाद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र की संसद सदस्य के रूप में प्रतिनिधित्व किया (K Kavitha MLA Telangana). वह तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (CM K Chandrasekhar Rao) की बेटी हैं (K Kavitha Father).
दिल्ली शराब घोटाले में अभियुक्त, प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा 9 मार्च 2023 को पूछताछ की गई और 16 मार्च को उनपर सबूतों के आधार पर शराब के नाम पर घोटाले और सार्वजनिक धन को लूटने में शामिल पाया गया. इस दिल्ली शराब घोटाले के कारण उन्हे ईडी के सावालों का सामना करना पड़ा (K Kavitha in Delhi Liquor Scam). कविता को ईडी ने 15 मार्च 2024 को हैदराबाद से गिरफ्तार किया था.
के कविता का जन्म 13 मार्च 1978 को करीमनगर में हुआ था (K Kavitha Born). उनका मां का नाम शोभा है. उनके पिता तेलंगाना आंदोलन के नेता और तेलंगाना राज्य के पहले मुख्यमंत्री हैं. उनके पिता तेलंगाना के सिद्दीपेट जिले के चिंतामाडका गांव से हैं (K Kavitha Family).
के कविता ने वीएनआर विज्ञान ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से सीएसई में बी.टेक किया है और दक्षिणी मिसिसिपी विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ साइंस पूरा किया है (K Kavitha Education).
उनकी 2003 में देवनपल्ली अनिल कुमार से हुई (K Kavitha Husband) और उनके दो बच्चे हैं, जिनका नाम आदित्य और आर्या है (K Kavitha Children).
तेलंगाना की राजनीति में नई हलचल के संकेत हैं. सूत्रों के मुताबिक, के. कविता की प्रस्तावित नई राजनीतिक पार्टी को आकार देने में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर अहम भूमिका निभा सकते हैं. दोनों के बीच हाल के महीनों में कई दौर की बातचीत हुई है, जिसे राज्य की सियासत में संभावित नए विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है.
अब सवाल ये है कि ये नई राजनीतिक चाल कितनी दूर तक जाएगी और तेलंगाना की पहले से भीड़ भरी राजनीति को कैसे प्रभावित करेगी? सामने से देखें तो कविता के सामने सबसे बड़ी चुनौती अगले तीन साल तक अपनी राजनीतिक ऊर्जा बनाए रखने की होगी क्योंकि विधानसभा चुनाव दिसंबर 2028 में हैं. साथ में ये खतरा भी है कि वो बहुत जल्दी अपने चरम पर पहुंच जाएं.
भारतीय राजनीति में भाई-भतीजावाद किसी से छुपा नहीं है. पिता की सियासी विरासत बेटे-बेटियों ने ही संभाली है, इसका लंबा इतिहास मौजूद है. लेकिन कई बार पार्टी में बगावत या अन्य कारणों से पिता ने अपने ही बच्चों को पार्टी से बाहर का रास्ता भी दिखाया है. इसका सबसे ताजा उदाहरण अंबुमणि हैं, जिन्हें पिता रामदास ने अपनी पार्टी पीएमके से बाहर कर दिया है.
तेलंगाना के पूर्व सीएम के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता ने बीआरएस छोड़ने का ऐलान कर दिया है. के कविता का पार्टी छोड़ना बीआरएस के लिए कितना नुकसानदेह साबित हो सकता है?
K. कविता ने बीआरएस एमएलसी के बाद से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे के बाद उन्होंने कहा कि मेरे पिता मेरी प्रेरणा हैं, मैं उनकी उंगली पकड़कर बड़ी हुई हूं.
बीआरएस प्रमुख केसीआर ने अपनी बेटी और एमएलसी के. कविता को पार्टी से निलंबित कर दिया है. कविता पर यह एक्शन उनके द्वारा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की सार्वजनिक आलोचना करने के कारण हुआ है.
बीआरएस एमएलसी के. कविता को पार्टी की छवि खराब करने की गतिविधियों के चलते पार्टी से बाहर कर दिया गया है. पार्टी अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव ने कविता को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित करने का फैसला लिया है.
नई दिल्ली में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बोलते हुए के. कविता ने कहा, "हम एक भी ट्रेन नहीं चलने देंगे. डेक्कन से दिल्ली तक की ट्रेनें रोक दी जाएंगी, यह तो बस एक ट्रेलर है. अगर बिल को मंजूरी नहीं मिली तो हम अनिश्चितकालीन रेल रोको आंदोलन करेंगे.
सियासत की चौसर में अक्सर दो अलग-अलग सेनाएं आमने सामने हों, यहां कई बार मोहरे एक दूसरे के खिलाफ भी नजर आते हैं. दक्षिण भारतीय की राजनीति में तो इन दिनों कुछ ऐसा ही असर साफ-साफ दिख रहा है. जहां अपने ही अपनों के खिलाफ खड़े दिख रहे हैं. आइए जानते हैं कि इन दिनों कहां कहां किस पार्टी में दिख रहीं रिश्तों की दरारें.
अपने भविष्य के राजनीतिक कदम के बारे में के. कविता ने माना कि बीआरएस के भीतर उन्हें दरकिनार करने की कोशिशें की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि मुझे पार्टी से दूर करने की साजिश की जा रही है. मैं केवल केसीआर के नेतृत्व में काम करूंगी, किसी और के नेतृत्व में नहीं.'
बीआरएस नेत्री के. कविता ने हैदराबाद में भारतीय सेना की कार्रवाई के समर्थन में मार्च का नेतृत्व किया. पाकिस्तान में आतंकवादियों के ठिकानों पर सेना के हमले की सराहना करते हुए उन्होंने तेलंगाना और पूरे देश की जनता का समर्थन व्यक्त किया. देखें उन्होंने और क्या कहा.
तेलंगाना में सुरंग दुर्घटना के छठे दिन बीआरएस एमएलसी कविता ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि सीएम अब तक घटनास्थल पर नहीं पहुंचे हैं, जो उनकी लापरवाही दर्शाता है. कविता ने कांग्रेस और बीजेपी पर बीआरएस को खत्म करने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया. देखें आज तक संवाददाता अब्दुल बशीर की ये खास रिपोर्ट.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. कथित शराब घोटाले में केजरीवाल को ईडी के केस में पहले ही जमानत मिल चुकी है. अब सुप्रीम कोर्ट से उन्हें सीबीआई केस में भी जमानत मिल गई है. हालांकि, जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तें भी रखी हैं. आइए जानते हैं किन शर्तों में बंध गए हैं केजरीवाल.
सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को चेतावनी दी है कि उच्च पद पर होने के नाते उन्हें संयम और संवेदनशीलता बरतनी चाहिए. अदालत ने यह टिप्पणी 2015 के कैश-फॉर-वोट मामले को लेकर की और रेड्डी को जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है.
तेलंगाना के सीएम रेड्डी ने बुधवार को कहा था कि बीजेपी और बीआरएस में लोकसभा चुनाव में हुई डील के कारण के. कविता को पांच महीने में ही बेल मिल गई है. मनीष सिसोदिया को 15 महीने बाद जमानत मिल गई. जबकि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल अभी भी जेल में बंद हैं. रेड्डी की इस टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई थी.
रेड्डी ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा था कि विधान परिषद सदस्य कविता को पांच महीने में जमानत मिलने पर संदेह है, जबकि मनीष सिसोदिया को 15 महीने बाद जमानत मिली और अरविंद केजरीवाल को अब तक जमानत नहीं मिली है.
क्या महिला होने की वजह से के. कविता को मिली जमानत? जानिए क्या है मनी लॉन्ड्रिंग कानून की वो धारा जिसका सुप्रीम कोर्ट ने किया जिक्र.
दिल्ली के कथित शराब घोटाले में गिरफ्तार बीआरएस नेता के. कविता पांच महीने बाद जेल से रिहा हो गई हैं. 27 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी. कविता को मनी लॉन्ड्रिंग कानून की धारा 45(1) के विशेष प्रावधान के तहत जमानत मिली है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने 21 मार्च को केजरीवाल को अरेस्ट किया था. केजरीवाल के खिलाफ ED और CBI का केस चल रहा है. ED मामले में उन्हें 12 जुलाई को जमानत मिल चुकी है. जबकि CBI केस में वो जेल में बंद हैं. सीबीआई ने 26 जून को भ्रष्टाचार के आरोपों पर केजरीवाल को गिरफ्तार किया था.
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने सुनवाई की. इस दौरान अभियोजन पक्ष (जांच एजेंसी) के आरोपों पर बहस शुरू हुई. ईडी-सीबीआई की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा, के. कविता ने खुद को बचाने के लिए प्राथमिक साक्ष्य के रूप में मोबाइल से टेक्स्ट मैसेज डिलीट कर दिए. अपने मोबाइल फोन फॉर्मेट कर दिया और बदल दिया.
के. कविता जैसे ही जेल परिसर से बाहर निकलीं, बीआरएस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने ढोल बजाकर और पटाखे फोड़कर उनकी रिहाई का जश्न मनाया. कविता के भाई और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव उन्हें रिसीव करने तिहाड़ जेल के बाहर पहुंचे थे.