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जेएसडब्ल्यू

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जेएसडब्ल्यू ग्रुप (JSW Group) भारत का एक प्रमुख कारोबारी समूह है, जिसका मुख्यालय मुंबई में है. समूह का नेतृत्व सज्जन जिंदल करते हैं और इसकी शुरुआत ओम प्रकाश जिंदल ने की थी. जेएसडब्ल्यू का कारोबार स्टील, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, सीमेंट, ऑटोमोबाइल, पेंट्स और धातु जैसे कई क्षेत्रों में फैला हुआ है. समूह भारत के अलावा अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका और कुछ अन्य देशों में भी कारोबार करता है.

जेएसडब्ल्यू ग्रुप की शुरुआत साल 1982 में हुई थी. उस समय जिंदल परिवार ने महाराष्ट्र के तारापुर में पिरामल स्टील की एक री-रोलिंग मिल खरीदी थी. इसके बाद इसका नाम जिंदल आयरन एंड स्टील कंपनी रखा गया. इसी साल मुंबई के पास वसिंद में समूह ने अपना पहला स्टील प्लांट शुरू किया.

साल 1994 में कर्नाटक के तोरणगल्ली में जिंदल विजयनगर स्टील लिमिटेड की स्थापना की गई. 2004 में समूह ने सेलम स्टील वर्क्स का अधिग्रहण किया. इसके बाद 2005 में जिंदल आयरन एंड स्टील कंपनी और जिंदल विजयनगर स्टील का विलय हुआ और जेएसडब्ल्यू स्टील अस्तित्व में आई.

ऊर्जा क्षेत्र में जेएसडब्ल्यू ने 1994 में कदम रखा. इसके बाद बुनियादी ढांचे से जुड़े कारोबार के लिए जेएसडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना की गई. यह कंपनी बंदरगाह, सड़क, रेल कनेक्टिविटी, जलमार्ग और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़ी रही है.

साल 2008 में समूह ने जॉर्जिया में रीबार उत्पादन के साथ अंतरराष्ट्रीय कारोबार का विस्तार किया. 2009 में जेएसडब्ल्यू सीमेंट के जरिए सीमेंट कारोबार में प्रवेश किया गया. इसके बाद विजयनगर, नांदयाल, डोलवी, जयपुर, ओडिशा के शिवा और पश्चिम बंगाल के सालबोनी समेत कई स्थानों पर उत्पादन सुविधाएं स्थापित की गईं.

2018 में जेएसडब्ल्यू ग्रुप ने इटली की एएफरपी का अधिग्रहण किया. इसके बाद अमेरिका के टेक्सास में स्टील प्लांट और भारत में भूषण पावर एंड स्टील से जुड़े कारोबार में निवेश किया गया. 2019 में जेएसडब्ल्यू पेंट्स की स्थापना की गई.

हाल के वर्षों में समूह ने अपने कारोबार का दायरा और बढ़ाया है. 2021 में जेएसडब्ल्यू स्टील इटली ने जीएसआई लुचिनी में हिस्सेदारी हासिल की. 2023 में जेएसडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर ने पीएनपी पोर्ट में बहुमत हिस्सेदारी खरीदने की योजना की घोषणा की.

दिसंबर 2024 में समूह ने तांबे के कारोबार में प्रवेश किया और झारखंड की दो तांबा खदानों का अधिग्रहण किया. समूह ने ओडिशा में 2028-29 तक 5 लाख मीट्रिक टन क्षमता वाला तांबा स्मेल्टर लगाने की योजना भी बनाई है. इसी अवधि में जेएसडब्ल्यू नियो एनर्जी ने ओ2 पावर प्लेटफॉर्म को करीब 1.5 अरब डॉलर में खरीदा.

इस तरह जेएसडब्ल्यू ग्रुप ने स्टील से शुरुआत करके ऊर्जा, सीमेंट, बुनियादी ढांचे, पेंट्स, ऑटोमोबाइल और धातु जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में अपना कारोबार विकसित किया है.
 

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