हरगांव (Hargaon) उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में स्थित एक कस्बा और नगर पंचायत है. यह क्षेत्र सीतापुर जिले की स्थानीय प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है. हरगांव आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बाजार, शिक्षा और अन्य दैनिक जरूरतों का केंद्र भी है.
हरगांव का नाम इसके धार्मिक और स्थानीय इतिहास से भी जुड़ा हुआ है. कस्बे और आसपास के क्षेत्र में कई पुराने मंदिर मौजूद हैं. इनमें एक प्राचीन धार्मिक स्थल को स्थानीय लोग तीर्थ के नाम से जानते हैं. यहां लक्ष्मी नारायण मंदिर भी स्थित है, जिसका संबंध हरगांव क्षेत्र में स्थापित चीनी उद्योग से बताया जाता है.
हरगांव क्षेत्र का एक हिस्सा अफगवा गांव के स्थानीय इतिहास से भी जुड़ा है. स्थानीय परंपराओं के अनुसार, 20वीं सदी में अफगवा क्षेत्र की जमींदारी कई गांवों तक फैली हुई थी और इसका संबंध कालिका प्रसाद अवस्थी तथा परमेश्वर दीन अवस्थी के परिवार से बताया जाता है. स्थानीय स्तर पर इस परिवार के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े होने की भी जानकारी मिलती है.
ब्रिटिश शासन के अंतिम दौर से जुड़ी एक स्थानीय कहानी में अफगवा स्थित कोठार पर संघर्ष और ब्रिटिश सेना के हमले का उल्लेख मिलता है. हालांकि इस घटना के विस्तृत सरकारी अभिलेख और प्रमाण सीमित रूप से उपलब्ध हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, इस संघर्ष के बाद परिवार के सदस्य लखीमपुर क्षेत्र की ओर चले गए.
जमींदारी व्यवस्था समाप्त होने के बाद परिवार की अगली पीढ़ी प्रशासन और शिक्षा क्षेत्र से भी जुड़ी रही. स्थानीय इतिहास में प्यारे लाल अवस्थी का नाम भी उल्लेखित किया जाता है. अफगवा में पुराने कोठार के अवशेष आज भी इस क्षेत्र के स्थानीय इतिहास से जुड़े बताए जाते हैं.
हरगांव आज अपने कस्बाई स्वरूप, धार्मिक स्थलों, कृषि आधारित आसपास के क्षेत्र और औद्योगिक गतिविधियों के कारण सीतापुर जिले की पहचान का एक हिस्सा बना हुआ है.