हार्दिक सिंह (Hardik Singh) भारतीय हॉकी टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं. उनका जन्म 23 सितंबर 1998 को हुआ था. वह भारतीय पुरुष हॉकी टीम के लिए मिडफील्डर के तौर पर खेलते हैं.
हार्दिक का संबंध हॉकी से जुड़े परिवार से है. उनके पिता वरिंदरप्रीत सिंह राय पुलिस अधिकारी रहे हैं और भारत के लिए हॉकी खेल चुके हैं. उनके दादा प्रीतम सिंह राय भारतीय नौसेना में हॉकी कोच थे. हार्दिक ने अपने गांव खुसरोपुर में दादा के मार्गदर्शन में हॉकी खेलना शुरू किया. उनके चाचा गुरमेल सिंह और जुगराज सिंह भी भारतीय टीम के लिए खेल चुके हैं. उनकी बुआ राजबीर कौर भी भारत की अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी रही हैं.
हार्दिक ने 2012 में हॉकी को गंभीरता से अपनाया. इसके बाद उन्होंने मोहाली स्थित पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स अकादमी में प्रशिक्षण लिया और बाद में जालंधर की सुरजीत हॉकी अकादमी से जुड़े.
हार्दिक ने 2018 में मस्कट में आयोजित एशियन चैंपियंस ट्रॉफी से सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी में पदार्पण किया. उन्होंने ओमान के खिलाफ अपना पहला मैच खेला.
टोक्यो ओलंपिक 2020 में हार्दिक भारतीय टीम का हिस्सा रहे. उन्होंने ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में गोल किया. भारत ने इस मुकाबले में जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बनाई. बाद में भारतीय टीम ने जर्मनी को हराकर कांस्य पदक जीता.
2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने रजत पदक हासिल किया. 2023 में हार्दिक ने अपना 100वां अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला. इसी वर्ष वह एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और हांगझोउ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे. 2023 में उन्हें एफआईएच प्लेयर ऑफ द ईयर का पुरस्कार भी मिला.
'हरियाणा पंचायत आजतक' के 'जब खेले हम जी जान से' सेशन में हॉकी खिलाड़ी हार्दिक सिंह और और निशानेबाज नीरू ढांडा भी पहुंची. इस दौरान उन्होंने एशियन गेम्स के अपने अनुभवों पर बात की. वहीं पाकिस्तान संग मैच में कैसे भारत ने जीत दर्ज की, इस बारे में भी हार्दिक ने टीम की रणनीति भी शेयर की.