आज के डिजिटल दौर में इंटरनेट का इस्तेमाल हर कोई करता है और इंटरनेट इस्तेमाल करने के लिए हमें एक वेब ब्राउजर की जरूरत होती है. दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला ब्राउजर है- गूगल क्रोम (Google Chrome). इसे गूगल ने साल 2008 में लॉन्च किया था और आज यह दुनियाभर में करोड़ों लोगों की पहली पसंद बन चुका है.
क्रोम अपनी स्पीड और स्मूद ब्राउजिंग के लिए जाना जाता है. इसका डिज़ाइन काफी आसान है, जिसे कोई भी आसानी से इस्तेमाल कर सकता है. गूगल क्रोम बार-बार अपडेट होता है ताकि वायरस और हैकिंग से बचाव हो सके. इसमें आप अलग-अलग काम के लिए हजारों एक्सटेंशन जोड़ सकते हैं, जैसे एड ब्लॉकर, स्क्रीन रिकॉर्डर या ट्रांसलेटर. आप एक ही गूगल अकाउंट से लॉगिन करके अपनी हिस्ट्री, बुकमार्क और पासवर्ड मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट पर सिंक कर सकते हैं.
गूगल के क्रोम ब्राउजर में दो खामियों को स्पॉट किया है, जिनके नाम CVE-2026-3909 और CVE-2026-3910 हैं. कंपनी ने इस खतरों को जीरो डे वल्नरेबिलिटी की कैटेगरी में रखा है. साथ ही यूजर्स को सलाह दी है कि वे तुरंत अपने ब्राउजर को अपडेट कर लें. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
गूगल ने भारतीय यूजर्स के लिए भी क्रोम ब्राउजर में Gemini इंटिग्रेट करना शुरू कर दिया है. यानी अब क्रोम यूजर्स को साइड पैनल में Gemini मिलेगा जहां से वो मल्टी टास्किंग कर सकेंगे.
इंटरनेट यूजर्स के लिए सरकार की चेतावनी तुरंत करें ये काम वर्ना हो सकती है हैकिंग भारत में करोड़ों इंटरनेट यूजर्स के लिए बड़ा साइबर अलर्ट जारी हुआ है सरकारी साइबर सुरक्षा एजेंसी कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम ने गूगल क्रोम ब्राउज़र में पाई गई गंभीर सुरक्षा खामियों को लेकर चेतावनी दी है एजेंसी ने कहा है कि यदि यूजर्स तुरंत ब्राउज़र अपडेट नहीं करते हैं तो हैकर्स सिस्टम को निशाना बना सकते हैं CERT-In के मुताबिक क्रोम के डेस्कटॉप वर्ज़न में कई सिक्योरिटी कमजोरियां पाई गई हैं जो Windows macOS और Linux प्लेटफॉर्म पर असर डाल सकती हैं
Google Chrome जल्द ही एजेंटिक ब्राउजर में तब्दील होने वाला है. इसमें Gemini जोड़ा जा रहा है. आपको सिर्फ कमांड लिखना है और ब्राउजर खुद ही आपका काम कर देगा. हालांकि भारत में अभी ये अवेलेबल नहीं हुआ है, लेकिन जल्द ही आएगा. आइए जानते हैं क्या है इसमें खास.
Google Chrome में एक खास फीचर आने वाला है. इस एजेंटिक फीचर के बाद ब्राउजिंग का एक्सपीरिएंस बदल जाएगा. क्योंकि गूगल क्रोम खुद से ही ब्राउजिंग करेगा. आइए जानते हैं गूगल का प्लान क्या है.
मोबाइल, कंप्यूटर या पीसी पर अगर 67 टाइप करेंगे और एंटर करते ही पूरी स्क्रीन हिलने लगेगी. यह कोई टेक्निकल प्रॉब्लम नहीं है बल्कि यह एक तरह का मजाक है. Google ने इस प्रोग्राम को अपने यूजर्स के लिए शामिल किया है, जिसे वायरल ईस्टर ऐग नाम दिया है. इसके अलावा भी कुछ वायरल ईस्टर एग वाले शब्द हैं. आइये इनके बारे में जानते हैं.
सरकारी एजेंसी CERT-In ने Google Chrome को प्रभावित करने वाली कई खामियों का पता लगाया है. ये खामियां अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर क्रोम में हैं.
OpenAI ने हाल ही में Agentic AI ब्राउजर ATLAS लॉन्च किया है. ये गूगल क्रोम ब्राउजर को टक्कर देगा. OpenAI ने पहले गूगल सर्च के मार्केट शेयर में सेंध लगाई और अब कंपनी ब्राउजर मार्केट में एंट्री कर रही है. OpenAI अपनी अलग-अलग सर्विसेज के साथ गूगल को कड़ी टक्कर दे रहा है. इस वीडियो में समझें पूरा खेल.
OpenAI ने ChatGPT Atlas को लॉन्च कर दिया है, जो AI पावर्ड वेब ब्राउजर है. इस वेब ब्राउजर ने मार्केट में कदम रखते ही गूगल के लिए मुश्किल खड़ी करना शुरू कर दिया है. ChatGPT Atlas को कंपनी ने इस हफ्ते लॉन्च किया है. इसके अगले दिन ही गूगल की पैरेंट कंपनी के शेयर में गिरावट आई है.
OpenAI ने अपना AI ब्राउजर लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम ChatGPT Atlas है. इसका मुकाबला क्रोम ब्राउजर और Perplexity AI से मुकाबला होगा. आइए एटलस को यूज करने का तरीका, एलिजिबल डिवाइस और अन्य डिटेल्स के बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
OpenAI ने AI-पावर्ड वेब ब्राउज़र 'Atlas' लॉन्च किया है जिसमें Agent Mode और चैट इंटरफ़ेस जैसे फीचर हैं। Chrome को सीधी टक्कर, सर्च का भविष्य बदलने की तैयारी.
ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI ने नया वेब ब्राउजर Atlas लॉन्च किया है, जिसका मकसद गूगल क्रोम को टक्कर देना है. Atlas में AI चैट इंटरफ़ेस और Agent Mode जैसी सुविधाएं होंगी, जो यूज़र के लिए खुद सर्च कर सकेगा.
Google इस साल 27 साल का हो गया है. आज का गूगल डूडल इसको ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. गूगल की शुरुआत आधिकारिक तौर पर 1998 में हुई थी. आज गूगल सिर्फ सर्च तक सीमित नहीं है. बल्कि यूट्यूब, मैप्स, जीमेल, Android और Google Gemini की मदद से कंपनी इंटरनेट की दुनिया में राज कर रही है. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.
Perplexity का कॉमेट ब्राउजर पिछले कुछ ही समय में काफी पॉपुलर हो चुका है. इसे गूगल क्रोम को डायरेक्ट राइवल भी माना जा रहा है. अब इसे कंपनी ने भारत में लॉन्च कर दिया है. इसकी खासियत इसमें दिया गया Agentic AI फीचर है.