गोला गोकर्णनाथ (Gola Gokaran Nath) उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में स्थित एक शहर है. इसे आम बोलचाल में गोला भी कहा जाता है. यह नगर पालिका, थाना और तहसील के रूप में भी जाना जाता है. गोला गोकर्णनाथ का नाम यहां स्थित प्रसिद्ध गोकर्णनाथ मंदिर के कारण देश के कई हिस्सों में जाना जाता है.
गोकर्णनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस स्थान का उल्लेख कई हिंदू धार्मिक ग्रंथों में मिलता है. सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. भक्त मंदिर में भगवान शिव के दर्शन और पूजा करते हैं.
गोला गोकर्णनाथ को धार्मिक पहचान के कारण छोटी काशी भी कहा जाता है. शहर में धार्मिक गतिविधियों के साथ स्थानीय व्यापार और उद्योग भी मौजूद हैं. यहां बीएचएल शुगर मिल भी स्थित है, जो शहर के प्रमुख औद्योगिक संस्थानों में शामिल है.
गोला गोकर्णनाथ के नाम और इतिहास को लेकर अलग अलग मान्यताएं मिलती हैं. एक मान्यता के अनुसार वर्तमान शहर की शुरुआत दो अलग बस्तियों से हुई थी. इनमें एक बस्ती गोकर्णनाथ मंदिर के आसपास थी, जबकि दूसरी का नाम गोलिहारा बताया जाता है. गोलिहारा में अकाल पड़ने के बाद लोगों के मंदिर के आसपास बसने की बात कही जाती है. समय के साथ गोलिहारा का नाम गोली, गोआला और फिर गोला हो गया. बाद में दोनों बस्तियों के मिल जाने से गोला गोकर्णनाथ नाम अस्तित्व में आया.
इतिहास से जुड़ी एक अन्य मान्यता के अनुसार 18वीं सदी के आखिरी दौर या 19वीं सदी की शुरुआत में कुछ लोग मंदिर के आसपास आकर बस गए थे. बताया जाता है कि इनमें कुछ ऐसे लोग भी थे जिन्हें ब्रिटिश प्रशासन अपराधी मानता था. वे साधुओं के रूप में रहने लगे थे. उस समय यह इलाका मोहम्मदी रियासत के अधीन था. ब्रिटिश दबाव के बाद रियासत ने यहां से नियमित राजस्व वसूली बंद कर दी. बाद में यह क्षेत्र ब्रिटिश प्रशासन के तहत खीरी जिले में शामिल किया गया.