घाघरा नदी (Ghaghra River) उत्तर भारत की एक प्रमुख नदी है, जिसे सरयू नदी के नाम से भी जाना जाता है. यह गंगा नदी की सहायक नदी है और भारत और नेपाल के कुछ क्षेत्रों में बहती है. घाघरा नदी का धार्मिक और भौगोलिक महत्व बहुत अधिक है. घाघरा नदी का स्रोत तिब्बत के माणसरोवर क्षेत्र में स्थित मापचू खंभ जलधारा है. यह नदी नेपाल से होते हुए भारत में प्रवेश करती है. नेपाल से निकलकर यह उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है और फिर बिहार में बहती हुई छपरा के पास गंगा नदी में मिल जाती है.
घाघरा नदी को धार्मिक ग्रंथों में सरयू नदी के रूप में वर्णित किया गया है और इसे हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है. अयोध्या में सरयू नदी के किनारे कई धार्मिक स्थल स्थित हैं.
हर साल मानसून के दौरान घाघरा नदी में बाढ़ आना एक बड़ी समस्या है, जिससे उत्तर प्रदेश और बिहार के कई क्षेत्र प्रभावित होते हैं.
भारत में, घाघरा जलग्रहण क्षेत्र में प्रशासनिक जिले अंबेडकर नगर, अयोध्या, गोंडा, आज़मगढ़, बाराबंकी, बस्ती, बलिया, बहराईच, देवरिया, गोंडा, गोरखपुर, संत कबीर नगर, लखीमपुर खीरी, मऊ, उत्तर प्रदेश के सीतापुर और बिहार में सिवान जिले हैं.
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में बाढ़ और जलभराव के हालात बने हुए हैं. मौसम विभाग ने गुरुवार को 68 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. राज्य के 13 जिलों के 173 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं, जहां 84 हजार से ज्यादा आबादी पर असर पड़ा है. प्रयागराज और वाराणसी में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने से रिहायशी इलाकों और घाटों पर पानी पहुंच गया है. प्रशासन ने राहत-बचाव के लिए टीमें, नावें और शेल्टर तैयार किए हैं.
उत्तर प्रदेश के बहराइच में घाघरा नदी किनारे 12 वर्षीय बालक की मगरमच्छ के हमले में मौत हो गई. पुलिस और वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर तलाश अभियान चलाया और देर शाम शव बरामद किया. प्रशासन ने परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है और नदी किनारे सावधानी बरतने की अपील की जा रही है.