गौरीगंज (Gauriganj) उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले का एक प्रमुख शहर और प्रशासनिक केंद्र है. यह अयोध्या मंडल में स्थित है और राज्य की राजधानी लखनऊ से करीब 126 किलोमीटर की दूरी पर है. गौरीगंज तहसील का मुख्यालय भी है. प्रशासनिक दृष्टि से यह क्षेत्र अमेठी जिले के गठन के साथ वर्तमान पहचान में आया.
जुलाई 2010 से पहले गौरीगंज सुल्तानपुर जिले का हिस्सा था. वर्ष 2010 में नए जिले का गठन किया गया, जिसका शुरुआती नाम छत्रपति साहूजी महाराज नगर रखा गया था. बाद में जिले का नाम अमेठी कर दिया गया. इसके साथ गौरीगंज, अमेठी, जायस, जगदीशपुर और सलोन जैसे क्षेत्र नए प्रशासनिक ढांचे का हिस्सा बने.
गौरीगंज नाम की उत्पत्ति हिंदू धर्म की देवी गौरी के नाम से मानी जाती है. शहर का पुराना इतिहास भी स्थानीय बाजार और रेलवे संपर्क से जुड़ा रहा है. बीसवीं सदी की शुरुआत में गौरीगंज को तेजी से विकसित होते कस्बे के रूप में दर्ज किया गया था. उस समय यहां कटरा-लालगंज और माधोपुर नाम के दो गांवों का उल्लेख मिलता है. स्थानीय बाजार की स्थापना अमेठी के राजा लाल माधो सिंह ने कराई थी.
पुराने समय में गौरीगंज में अनाज का बाजार, पुलिस थाना, डाकघर और स्कूल जैसी सुविधाएं मौजूद थीं. यहां रेलवे स्टेशन भी था, जो अवध और रोहिलखंड रेलवे से जुड़ा हुआ था. आसपास के ग्रामीण इलाकों से लोग बाजार और दूसरी जरूरतों के लिए गौरीगंज आते थे.
आज गौरीगंज अमेठी जिले के प्रशासनिक कामकाज का महत्वपूर्ण केंद्र है. शहर सड़क मार्ग से राज्य राजमार्ग 34 और राष्ट्रीय राजमार्ग 128 के जरिए दूसरे इलाकों से जुड़ा है. आसपास के ग्रामीण क्षेत्र भी इसकी स्थानीय अर्थव्यवस्था और दैनिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं. जिले के प्रशासनिक कार्यालयों और विभिन्न सरकारी संस्थानों की मौजूदगी के कारण गौरीगंज को अमेठी जिले के प्रशासनिक नक्शे में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है.
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