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डीटीसी

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दिल्ली परिवहन निगम यानी डीटीसी (DTC) दिल्ली की सार्वजनिक बस परिवहन व्यवस्था का एक प्रमुख हिस्सा है. यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में यात्रियों के लिए बस सेवाओं का संचालन करता है. डीटीसी का गठन नवंबर 1971 में भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाले निगम के रूप में किया गया था. इसका उद्देश्य दिल्ली में व्यवस्थित, किफायती और समन्वित सड़क परिवहन सेवा उपलब्ध कराना था.

डीटीसी की शुरुआत की कहानी इससे पहले की है. मई 1948 में भारत सरकार के परिवहन मंत्रालय ने दिल्ली की स्थानीय बस सेवा का संचालन अपने हाथ में लिया था. उस समय मौजूदा बस सेवा लोगों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में पर्याप्त नहीं मानी गई थी. इसके बाद सड़क परिवहन निगम अधिनियम, 1950 के तहत दिल्ली सड़क परिवहन प्राधिकरण का गठन किया गया.

अप्रैल 1958 में संसद के एक अधिनियम के माध्यम से यह प्राधिकरण दिल्ली नगर निगम का हिस्सा बन गया. इसके बाद दिल्ली परिवहन उपक्रम के नाम से बस सेवा का संचालन किया गया. 1971 में योजना आयोग के एक कार्य समूह ने दिल्ली परिवहन व्यवस्था की समीक्षा की. समूह ने माना कि दिल्ली नगर निगम के विस्तार के रूप में चल रहा परिवहन उपक्रम अपनी जिम्मेदारियों को पर्याप्त रूप से पूरा नहीं कर पा रहा था. इसके बाद भारत सरकार ने दिल्ली सड़क परिवहन कानून संशोधन अधिनियम पारित किया.

2 नवंबर 1971 तक दिल्ली परिवहन उपक्रम की संपत्तियों और देनदारियों को नई व्यवस्था के तहत लिया गया. इसी प्रक्रिया के बाद दिल्ली परिवहन निगम यानी डीटीसी अस्तित्व में आया. शुरुआत में इसका प्रशासनिक नियंत्रण भारत सरकार के पास रहा.

समय के साथ दिल्ली की आबादी और सार्वजनिक परिवहन की जरूरत बढ़ती गई. डीटीसी की बस सेवाएं दिल्ली के अलग-अलग इलाकों को जोड़ने वाली परिवहन व्यवस्था का हिस्सा बनती गईं. बस संचालन के लिए शहर में कई डिपो और प्रमुख अंतरराज्यीय बस अड्डे विकसित किए गए.

डीटीसी ने समय के साथ बसों के ईंधन और तकनीक में भी बदलाव किया. नवंबर 2023 तक डीटीसी को दुनिया की सबसे बड़ी सीएनजी (CNG) बस सेवा संचालक के रूप में बताया गया था. इसके बाद दिल्ली की सार्वजनिक बस व्यवस्था में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने लगी.

अप्रैल 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार डीटीसी के पास करीब 6,300 बसें हैं. इनमें लगभग 4,538 इलेक्ट्रिक बसें और 1,759 सीएनजी बसें शामिल हैं. इसी अवधि में डीटीसी के पास भारत के सार्वजनिक परिवहन संचालकों में सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बस बेड़ा बताया गया था. 

डीटीसी वर्तमान में दिल्ली में 37 डिपो से बसों का संचालन करता है. इसके अलावा दिल्ली के तीन प्रमुख अंतरराज्यीय बस टर्मिनल भी इसकी परिवहन व्यवस्था से जुड़े हैं. इनमें कश्मीरी गेट आईएसबीटी, आनंद विहार आईएसबीटी और सराय काले खां आईएसबीटी शामिल हैं.

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