डोनट (Donut) एक गोल आकार की लोकप्रिय पेस्ट्री का आइटम है, जिसे आमतौर पर आटे से तैयार किया जाता है. इसके बीच में छेद हो सकता है या कुछ डोनट बिना छेद के भी बनाए जाते हैं. डोनट को खास तौर पर नाश्ते या स्नैक के तौर पर खाया जाता है और यह कई देशों में बेकरी और फास्ट फूड संस्कृति का हिस्सा है.
डोनट बनाने के लिए मुख्य रूप से गेहूं का आटा, चीनी, दूध या पानी, यीस्ट या बेकिंग एजेंट और तेल या मक्खन जैसी सामग्री इस्तेमाल की जाती है. तैयार आटे को आकार देकर आमतौर पर तेल में तला जाता है. कुछ तरह के डोनट ओवन में बेक भी किए जाते हैं. इसके बाद इनके ऊपर अलग-अलग तरह की कोटिंग या सजावट की जाती है.
डोनट के कई प्रकार मिलते हैं. ग्लेज्ड डोनट पर चीनी की पतली परत लगाई जाती है, जबकि चॉकलेट डोनट पर चॉकलेट कोटिंग की जाती है. इसके अलावा क्रीम, जैम, कस्टर्ड और दूसरी फिलिंग वाले डोनट भी बाजार में मिलते हैं. स्प्रिंकल्स, नट्स और दूसरी टॉपिंग से इन्हें अलग रूप दिया जाता है.
डोनट की उत्पत्ति को लेकर अलग-अलग ऐतिहासिक संदर्भ मिलते हैं. आधुनिक डोनट संस्कृति को खास तौर पर अमेरिका से जोड़ा जाता है, जहां 19वीं और 20वीं सदी के दौरान यह तेजी से लोकप्रिय हुआ. इसके बाद डोनट दुनिया के कई हिस्सों में पहुंच गया और अलग-अलग देशों में स्थानीय स्वाद के अनुसार इसके कई रूप तैयार किए गए.
भारत में डोनट मुख्य रूप से बड़े शहरों की बेकरी, कैफे, होटल और फूड आउटलेट्स में आसानी से मिल जाता है. यहां चॉकलेट, वनीला, कॉफी, स्ट्रॉबेरी और क्रीम जैसे स्वाद वाले डोनट आम हैं. कई बेकरी और कैफे अपनी पसंद के अनुसार डोनट के आकार और टॉपिंग में बदलाव भी करते हैं.
डोनट को आमतौर पर ताजा बनाकर बेचा जाता है. इसे पैक करके कुछ समय तक रखा भी जा सकता है, लेकिन इसकी बनावट और स्वाद समय के साथ बदल सकते हैं. इसी वजह से बेकरी और डोनट शॉप्स में इन्हें अक्सर रोजाना तैयार किया जाता है.
आज डोनट सिर्फ एक मिठाई या पेस्ट्री नहीं रह गया है. यह बेकरी कारोबार, कैफे संस्कृति और आधुनिक स्नैक फूड का एक जाना-पहचाना हिस्सा बन चुका है. अलग-अलग स्वाद, आकार और सजावट के कारण डोनट बच्चों से लेकर बड़ों तक के बीच लोकप्रिय है.