दिनेश आर्य (Dinesh Arya) उत्तराखंड से भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं. भाजपा ने उन्हें उत्तराखंड से राज्यसभा की रिक्त होने वाली सीट के लिए अपना प्रत्याशी घोषित किया है. पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने 4 अक्टूबर 2026 को उनके नाम को मंजूरी दी. राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है. इस सीट के लिए 16 अक्टूबर 2026 को मतदान और मतगणना प्रस्तावित है.
दिनेश आर्य का राजनीतिक सफर छात्र संगठन से शुरू हुआ. उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने 1985 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता के रूप में संगठन से जुड़कर राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना शुरू किया. 1986 में उन्हें नैनीताल जिला संयोजक की जिम्मेदारी मिली. इसके बाद 1988 से 1991 तक वह नैनीताल जिला युवा मोर्चा के मंत्री रहे. वर्ष 1992 से 1995 तक उन्होंने भाजपा अनुसूचित मोर्चा के नैनीताल जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली. 1996 से 1998 तक वह प्रदेश युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष रहे.
वर्ष 2001 से 2002 के दौरान दिनेश आर्य भाजपा अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश महामंत्री रहे. इसके बाद वह भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी से भी जुड़े. वर्ष 2007 से 2010 तक उन्होंने नैनीताल भाजपा जिलाध्यक्ष के रूप में काम किया. संगठन में रहते हुए उन्होंने प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर भी अलग अलग जिम्मेदारियां संभाली हैं.
दिनेश आर्य का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी पुराना जुड़ाव बताया जाता है. वर्ष 1998 में उन्होंने संघ शिक्षा वर्ग के तृतीय वर्ष का प्रशिक्षण पूरा किया था. उनके परिवार का भी संघ से जुडाव रहा है. उनके पिता बची राम आर्य हल्द्वानी नगरपालिका में सभासद और नगर महामंत्री रहे थे.
राजनीतिक गतिविधियों के साथ दिनेश आर्य को उत्तराखंड सरकार में भी जिम्मेदारी मिली. दिसंबर 2023 में उन्हें राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया. इससे पहले 2021 में वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनसंपर्क अधिकारी के रूप में भी काम कर चुके हैं. वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले दिनेश आर्य ने नैनीताल विधानसभा सीट से भाजपा टिकट के लिए दावेदारी की थी.
बंगाली अभिनेत्री और पूर्व TMC राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक के खाली किए सीट पर 16 अक्टूबर को उपचुनाव होगा. बीजेपी ने कोयल मलिक को पश्चिम बंगाल और दिनेश आर्य को उत्तराखंड से BJP का उम्मीदवार घोषित किया है.
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए 'शुद्धीकरण विवाद' के डैमेज कंट्रोल और कांग्रेस के दलित कार्ड को काउंटर करने के लिए बीजेपी ने बड़ा दांव चला है. पार्टी ने आरएसएस पृष्ठभूमि के वरिष्ठ दलित नेता दिनेश आर्य को राज्यसभा प्रत्याशी बनाकर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य का सियासी माहौल गर्मा दिया है.