दिलीप महादू गावित (Dilip Gavit) भारत के प्रमुख पैरा एथलीटों में शामिल हैं, जिन्होंने ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं. वह मुख्य रूप से पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में हिस्सा लेते हैं. टी47 वर्ग उन पैरा खिलाड़ियों के लिए निर्धारित होता है, जिनके ऊपरी अंगों में किसी प्रकार की शारीरिक अक्षमता होती है. इस वर्ग की प्रतियोगिताएं विश्व पैरा एथलेटिक्स के नियमों के अनुसार आयोजित की जाती हैं.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में दिलीप महादू गावित ने भारत के लिए ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में गोल्ड मेडल अपने नाम किया. उन्होंने 10.71 सेकंड का समय निकालकर नया गेम रिकॉर्ड बनाया. इस स्पर्धा में गावित ने गोल्ड मेडल जीतकर नया इतिहास रचा.
इससे पहले भी दिलीप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं. उन्होंने 2023 एशियाई पैरा खेलों में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था. इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने पेरिस पैरालंपिक के लिए भी क्वालिफाई किया. लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के कारण वह भारतीय पैरा एथलेटिक्स टीम के अहम खिलाड़ियों में गिने जाते हैं.
दिलीप महादू गावित का संबंध महाराष्ट्र से है और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में भी पदक जीते हैं. वर्षों की ट्रेनिंग और लगातार प्रतियोगिताओं में भाग लेने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी जगह बनाई. उनकी दौड़ की शुरुआत राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से हुई, जिसके बाद उन्होंने एशियाई और वैश्विक स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया.
भारत के स्टार लॉन्ग जंपर मुरली श्रीशंकर ने 8.09 मीटर की छलांग लगाकर लगातार दूसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल अपने नाम किया. वहीं, पैरा-एथलेटिक्स में भारत ने नया इतिहास रचते हुए पुरुषों की 100 मीटर T47 स्पर्धा में गोल्ड और सिल्वर दोनों पर कब्जा जमाया.